bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
/
Revelation 17
Revelation 17
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
← Chapter 16
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 18 →
1
जूं सात स्वर्गदूतों मा उ सात कटोरा छा, ऊंमा बट्टी एक ल ऐ के मि बट्टी यु बोलि, “मि त्वे तैं दिखौलु कि पिता परमेश्वर कन कै वीं बड़ी वेश्या तैं दण्ड दयालो, जु एक इन जगह पर बैठदी, जख बिजां गाड छिनी।
2
जीं दगड़ी धरती का राजाओं ल व्यभिचार कैरी, अर वेल सैरी मनिख जाति तैं अपड़ी दाखमधु का नशा ल धुत कैरेले।”
3
तब पवित्र आत्मा की मदद से, स्वर्गदूत मि तैं एकांत जंगल मा ली गै, आत्मा ल मि तैं अपड़ा वश मा लींनि, अर स्वर्गदूत ल मि तैं एक एकांत जंगल मा पौंछै, अर मिल उख मा एक जनन तैं देखि जु एक जानवर पर सवार छै अर जु लाल रंग को छो। वेका सात मुंड अर दस सींग छा। वेको देह ऊं नौं बट्टी ढकयूं छो जु पिता परमेश्वर की बुरै करदो छो।
4
य जनन बैंगनी अर लाल कपड़ा पैरी के छै। वीं ल अपड़ा देह तैं सोना का गौंणों, कीमती ढुंगो अर मंहगा मोतियों बट्टी सज्यूं छो। अपड़ा दैंणा हथों मा वीं को दाखमधु भुरयां एक सोना को प्याला पकड़यूं छो, जु वीं का तुच्छ अर गंदा यौन कामों तैं बतांद।
5
अर ऊंका कपालो पर, एक नौं लिख्युं छो जै की एक छिपी बात छै। य इन छै, “मि महान शहर बाबेल छो। मि सभि वेश्याओं की ब्वे छो अर उ छो जु दुनिया की सभि तुच्छ कामों को स्रोत छो।”
6
अर मिल देखि कि व जनन पिता परमेश्वर का पवित्र लुखुं का ल्वे का नशा मा छो, मतलब कि ऊं लुखुं जौं तैं लुखुं ल मारेली छो किलैकि उ यीशु का प्रति विश्वासयोग्य छा। मि भौत भौचक हवे ग्यों।
7
वे स्वर्गदूत ल मि बट्टी बोलि, “किलै चकित हवे? मि ईं जनन, अर वे जानवर, जै पर उ सवार च, अर जैका सात मुंड अर दस सींग छिनी, मि त्वे तैं यांको गुप्त मतलब बतौलु।
8
वे जानवर जै तैं तिल अभि तक नि देखि, एक बगत ज्यूँदो छो, पर अब ज्यूँदो नि च; उ गहरा अथाह कुण्ड बट्टी भैर आंण वलो छो अर पिता परमेश्वर वीं तैं पूरा ढंग से नाश कैरी दयालो। धरती पर रौंण वला जौका नौं पिता परमेश्वर दुनिया की सृष्टि कन से पैली जीवन की किताब (चाम्रपत्र) मा नि लिखै, उ सभि भौंचक हवे जाला जब उ यु जानवर तैं दिखला। एक बगत उ ज्यूँदो छो; पर अब उ ज्यूँदो नि च; पर उ दुबरा वापिस ऐ जालो।
9
यु चिन्हों तैं समझणु कु तुम तैं ज्ञान की जरूरत च। जानवर का सात मुंड वे शहर का सात डांडा तैं बतौंदींनि जख या जनन राज्य करदी। उ सात राजाओं तैं भि बतांद।
10
ऊंमा बट्टी पाँच त पैली ही मोर गैनी, अर छठो शासक अब राज्य कनु च; अर आखरी वलो अभि तक नि ऐ, पर जब तक उ आलो, त उ भस थोड़ा ही बगत कु ही राज्य करलो।
11
जु जानवर पैली छो, अर अब नि च, उ अफ ही आठु च; अर उ जानवर जु भौत बगत पैली रांदो छो अर यु बगत नि च, उ आठु राजा च। पर उ आठु राजा पैला सात राजाओं मा बट्टी एक च। अर अंत मा वे राजा तैं निश्चित रूप मा हमेशा कु दण्ड दिए जालो।
12
उ दस सींग जु तिल पैली देखि छा, ऊं दस राजाओं तैं बतौंदींनि जौनु अभि तक राज्य कन शुरू नि कैरी। ऊं दस राजाओं तैं वे जानवर का दगड़ी मिल के राज्य कने को अधिकार पाला, पर ऊंको राज्य भस एक घंटा का बगत कु ही होलो।
13
यूं सभि दस राजाओं को एक ही उद्देश्य च, अर उ अपड़ी-अपड़ी सामर्थ अर अधिकार जानवर तैं द्ये दयाला।
14
जानवर अर दस राजाओं चिनखा पर हमला करला, पर चिनखा अर वेका मनणवला ऊं तैं हरै दयाला। यु इलै च किलैकि उ जानवर का प्रभु अर राजाओं को राजा च। वे तैं मनणवला उ छिनी जौं तैं पिता परमेश्वर ल बुलै अर चुणि, अर जु वेका प्रति विश्वासयोग्य छिनी।”
15
स्वर्गदूत ल भि मि बट्टी यु भि बोलि; “जु पांणी तिल पैली भि देखि छो, ज्यां पर व वेश्या जनन बैठी छै, लोग, जातियों, देश अर भाषाओं तैं बतौंदींनि, कई देश का लुखुं तैं अर कई ढंग की भाषाओं तैं बुल्ण वला छिनी।
16
उ बगत आलो जब जानवर ऊं दस राजाओं का दगड़ी जु ऊं दगड़ी छिनी, वीं वेश्या बट्टी घृणा करलो जु वे पर बैठी छै। उ वीं पर हमला करला, वीं तैं नंगी करला, उ वीं को मांस का हिस्सा तैं खै जाला, अर बकि तैं उ फूंकी दयाला।
17
उ वीं जनन तैं जीं तैं तिल देखि छो, उ यु बड़ो शहर च जु धरती पर सभि राजाओं पर राज्य करद। यु चीज वे दगड़ी हवीनि, किलैकि पिता परमेश्वर ल अपड़ा उद्देश्यों तैं पूरो कनु कु ऊंका मनों को निर्देशन कैरी। यु ही कारण च कि ऊंल अपड़ो अधिकार जानवर तैं दे दींनि कि उ राज्य कैरो, जब तक कि उ सब पूरो नि हो जु पिता परमेश्वर ल बोलि छो।”
← Chapter 16
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 18 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22