bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Hindi
/
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
/
Numbers 27
Numbers 27
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
← Chapter 26
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 28 →
1
तब सलापहद की पुत्रियाँ आगे आईं। यह हेपर का पुत्र, गिलाद का पोता और मनश्शे के पुत्र माकीर का परपोता था। वह यूसुफ के पुत्र मनश्शे के गोत्र का था। ये उसकी पुत्रियों के नाम हैं: महला, नोआ, हाग्ला, मिल्का और तीर्सा।
2
वे मूसा, पुरोहित एलआजर, नेताओं और समस्त मंडली के सम्मुख मिलन-शिविर के द्वार पर एकत्र हुईं।
3
उन्होंने कहा, ‘हमारे पिता की मृत्यु निर्जन प्रदेश में हुई थी। वह कोरह के दल में प्रभु के विरुद्ध एकत्र होने वाले लोगों के दल में नहीं थे। परन्तु वह अपने पाप के कारण मरे थे। उनको कोई पुत्र नहीं हुआ था।
4
तब क्यों हमारे पिता का नाम उनके गोत्र में से मिट जाए? क्या इसलिए कि उनका कोई पुत्र नहीं है? हमें भी हमारे चाचाओं की भूमि के मध्य में पैतृक भूमि-भाग दीजिए।’
5
मूसा ने उनका मुकद्दमा प्रभु के सम्मुख प्रस्तुत किया।
6
प्रभु ने मूसा से कहा,
7
‘सलापहद की पुत्रियाँ न्यायोचित बात कहती हैं। तू उन्हें उनके चाचाओं के साथ पैतृक भूमि-भाग दे दे। उनके पिता की पैतृक भूमि उनको हस्तान्तरित कर दे।
8
तू इस्राएलियों से बोलना, “यदि किसी मनुष्य की मृत्यु होती है, और उसका कोई पुत्र नहीं है, तो तुम उसकी पैतृक भूमि उसकी पुत्री को हस्तान्तरित कर देना।
9
यदि उसकी पुत्री नहीं है तो उसकी पैतृक भूमि उसके भाइयों को दे देना।
10
यदि उसके भाई भी नहीं हैं तो उसकी पैतृक भूमि उसके चाचाओं को दे देना।
11
किन्तु यदि उसका कोई चाचा नहीं है, तो उसकी पैतृक भूमि उसके सम्बन्धी को, जो उसके गोत्र में उसके सबसे अधिक निकट होगा, दे देना; और वह निकट सम्बन्धी उस पर अधिकार करेगा। यह इस्राएली समाज में न्याय-सिद्धान्त की संविधि होगी; यही मैं-प्रभु ने मूसा को आज्ञा दी है।” ’
12
प्रभु ने मूसा से कहा, ‘इस अबारीम पहाड़ पर चढ़, और उस देश को देख जो मैंने इस्राएलियों को दिया है।
13
जब तू उसको देख लेगा तब अपने भाई हारून के सदृश अपने मृत पूर्वजों में जाकर मिल जाएगा;
14
क्योंकि तुम दोनों ने सीन के निर्जन प्रदेश में मंडली के विवाद के समय मेरे आदेश के प्रति विद्रोह किया था, और उनकी दृष्टि में मुझे जलाशय के निकट पवित्र सिद्ध नहीं किया था।’ (यह कादेश का मरीबा नामक जलाशय सीन के निर्जन प्रदेश में है।)
15
मूसा प्रभु से बोले,
16
‘प्रभु, समस्त प्राणियों की आत्माओं के परमेश्वर, तू इस्राएली मंडली के ऊपर किसी व्यक्ति को नियुक्त कर
17
ताकि वह उनके आने और जाने में उनका मार्गदर्शन कर सके, और प्रभु की मंडली ऐसी भेड़ों के समान न हो जिनका कोई चरवाहा नहीं होता!’
18
प्रभु ने मूसा से कहा, ‘तू नून के पुत्र यहोशुअ को, जिसमें आत्मा की प्रेरणा है, ले, और उस पर अपना हाथ रख।
19
तत्पश्चात् उसे पुरोहित एलआजर तथा समस्त मंडली के सम्मुख खड़ा करना और उसे उनकी आंखों के सामने अपना उत्तराधिकारी नियुक्त करना।
20
तू उसे अपनी कुछ सत्ता भी प्रदान करना, जिससे समस्त इस्राएली मंडली उसकी आज्ञा का पालन करे।
21
वह पुरोहित एलआजर के सम्मुख खड़ा हुआ करेगा, जो प्रभु के सम्मुख ऊरीम की न्याय-विधि के द्वारा उसके लिए मेरी इच्छा पूछा करेगा। उसके आदेश के अनुसार समस्त मंडली, समस्त इस्राएली लोग उसके मार्गदर्शन में बाहर जाएंगे और उसी के मार्गदर्शन में लौटेंगे।’
22
मूसा ने वही किया, जैसा प्रभु ने उनसे कहा था। उन्होंने यहोशुअ को लिया और उसे पुरोहित एलआजर तथा समस्त मंडली के सम्मुख खड़ा किया।
23
तत्पश्चात् उस पर अपने हाथ रखे और उसे अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया, जैसी प्रभु ने उनको आज्ञा दी थी।
← Chapter 26
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 28 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36