bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Hindi
/
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
/
2 Samuel 15
2 Samuel 15
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
← Chapter 14
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 16 →
1
इसके बाद अबशालोम ने एक रथ और घोड़े अपने लिए लिये। जब वह रथ चलाता था तो अपने सामने पचास दौड़ते हुये व्यक्तियों को रखता था।
2
अबशालोम सवेरे उठ जाता और द्वार के निकट खड़ा होता। यदि कोई व्यक्ति ऐसा होता जिसकी कोई समस्या होती और न्याय के लिये राजा दाऊद के पास आया होता तो अबशालोम उससे पूछता, “तुम किस नगर के हो?” वह व्यक्ति उत्तर देता, “मैं अमुक हूँ और इस्राएल के अमुक परिवार समूह का हूँ।”
3
तब अबशालोम उन व्यक्तियों से कहा करता, “देखो, जो तुम कह रहे हो वह शुभ और उचित है किन्तु राजा दाऊद तुम्हारी एक नहीं सुनेगा।”
4
अबशालोम यह भी कहता, “काश! मैं चाहता हूँ कि कोई मुझे इस देश का न्यायाधीश बनाता। तब मैं उन व्यक्तियों में से हर एक की सहायता कर सकता जो न्याय के लिये समस्या लेकर आते।”
5
जब कोई व्यक्ति अबशालोम के पास आता और उसके सामने प्रणाम करने को झुकता तो अबशालोम आगे बढ़ता और उस व्यक्ति से हाथ मिलाता। तब वह उस व्यक्ति का चुम्बन करता।
6
अबशालोम ऐसा उन सभी इस्राएलियों के साथ करता जो राजा दाऊद के पास नयाय के लिये आते। इस प्रकार अबशालोम ने इस्राएल के सभी लोगों का हृदय जीत लिया।
7
चार वर्ष बाद अबशालोम ने राजा दाऊद से कहा, “कृपया मुझे अपनी विशेष प्रतिज्ञा को पूरी करने जाने दें जिसे मैंने हेब्रोन में यहोवा के सामने की थी।
8
मैंने यह प्रतिज्ञा तब की थी जब मैं गशूर अराम में रहता था। मैंने कहा था, ‘यदि यहोवा मुझे यरूशलेम लौटायेगा तो मैं यहोवा की सेवा करुँगा।’”
9
राजा दाऊद ने कहा, “शान्तिपूर्वक जाओ।” अबशालोम हेब्रोन गया।
10
किन्तु अबशालोम ने इस्राएल के सभी परिवार समूहो में जासूस भेजे। इन जासूसों ने लोगों से कहा, “जब तुम तुरही की आवाज सुनो, तो कहो कि, ‘अबशालोम हेब्रोन में राजा हो गया।’”
11
अबशालोम ने दो सौ व्यक्तियों को अपने साथ चलने के लिये आमन्त्रित किया। वे व्यक्ति उसके साथ यरूशलेम से बाहर गए। किन्तु वे यह नहीं जानते थे कि उसकी योजना कया है।
12
अहीतोपेल दाऊद के सलाहकारों में से एक था। अहीतोपेल गीलो नगर का निवासी था। जब अबशालोम बलि—भेटों को चढ़ा रहा था, उसने अहीतोपेल को अपने गीलो नगर से आने के लिये कहा। अबशालोम की योजना ठीक ठीक चल रही थी और अधिक से अधिक लोग उसका समर्थन करने लगे।
13
एक व्यक्ति दाऊद को सूचना देने आया। उस व्यक्ति ने कहा, “इस्राएल के लोग अबशालोम का अनुसरण करना आरम्भ कर रहे हैं।”
14
तब दाऊद ने यरूशलेम में रहने वाले अपने सभी सेवकों से कहा, “हम लोगों को बच निकलना चाहिये! यदि हम बच नहीं निकलते तो अबशालोम हम लोगों को निकलने नहीं देगा। अबशालोम द्वारा पकड़े जाने के पहले हम लोग शीघ्रता करें। नहीं तो वह हम सभी को नष्ट कर देगा और वह यरूशलेम के लोगों को मार डालेगा।”
15
राजा के सेवकों ने राजा से कहा, “जो कुछ भी आप कहेंगे, हम लोग करेंगे।”
16
राजा दाऊद अपने घर के सभी लोगों के साथ बाहर निकल गया। राजा ने घर की देखभाल के लिये अपनी दस पत्नियों को वहाँ छोड़ा।
17
राजा अपने सभी लोगों को साथ लेकर बाहर निकला। वे नगर के अन्तिम मकान पर रुके।
18
उसके सभी सेवक राजा के पास से गुजरे, और सभी करेती, सभी पलेती और गती (गत से छः सौ व्यक्ति) राजा के पास से गुजरे।
19
राजा ने गत के इत्तै से कहा, “तुम लोग भी हमारे साथ क्यों जा रहे हो? लौट जाओ और नये राजा (अबशालोम) के साथ रहो। तुम विदेशी हो। यह तुम लोगों का स्वदेश नहीं है।
20
अभी कल ही तुम हमारे साथ जुडे। क्या मैं आज ही विभिन्न स्थानों पर जहाँ भी जा रहा हूँ, तुम्हें अपने साथ ले जाऊँ। नहीं! लौटो और अपने भाईयों को अपने साथ लो। मेरी प्रार्थना है कि तुम्हारे प्रति दया और विश्वास दिखाया जाये।”
21
किन्तु इत्तै ने राजा को उत्तर दिया, “यहोवा शाश्वत है, और जब तक आप जीवित हैं, मैं आपके साथ रहूँगा। मैं जीवन—मरण आपके साथ रहूँगा।”
22
दाऊद ने इत्तै से कहा, “आओ, हम लोग किद्रोन नाले को पार करें।” अत: गत का इत्तै और उसके सभी लोग अपने बच्चों सहित किद्रोन नाले के पार गए।
23
सभी लोग जोर से रो रहे थे। राजा दाऊद ने किद्रोन नाले को पार किया। तब सभी लोग मरुभूमि की ओर बढ़े।
24
सादोक और उसके साथ के लेवीवंशी परमेश्वर के साक्षीपत्र के सन्दूक को ले चल रहे थे। उन्होंने परमेश्वर के पवित्र सन्दूक को नीचे रखा। एब्यातार ने तब तक प्रार्थना की जब तक सभी लोग यरूशलेम से बाहर नहीं निकल गए।
25
राजा दाऊद ने सादोक से कहा, “परमेश्वर के पवित्र सन्दूक को यरूशलेम लौटा ले जाओ। यदि यहोवा मुझ पर दयालु है तो वह मुझे वापस लौटाएगा, और यहोवा मुझे अपना पवित्र सन्दूक और वह स्थान जहाँ वह रखा है, देखने देगा।
26
किन्तु यदि यहोवा कहता है कि वह मुझ पर प्रसन्न नहीं है तो वह मेरे विरुद्ध, जो कुछ भी चाहता है, कर सकता है।”
27
राजा ने याजक सादोक से कहा, “तुम एक दुष्टा हो। शान्तिपूर्वक नगर को जाओ। अपने पुत्र अहीमास और एब्यातार के पुत्र योनातन को अपने साथ लो।
28
मैं उन स्थानों के निकट प्रतीक्षा करूँगा जहाँ से लोग मरुभूमि में जाते हैं। मैं वहाँ तब तक प्रतीक्षा करूँगा जब तक तुमसे कोई सूचना नहीं मिलती।”
29
इसलिये सादोक और एब्यातार परमेश्वर का पवित्र सन्दूक वापस यरूशलेम ले गए और वहीं ठहरे।
30
दाऊद जैतूनों के पर्वत पर चढ़ा। वह रो रहा था। उसने अपना सिर ढक लिया और वह बिना जूते के गया। दाऊद के साथ के सभी व्यक्तियों ने भी अपना सिर ढक लिया। वे दाऊद के साथ रोते हुए गए।
31
एक व्यक्ति ने दाऊद से कहा, “अहीतोपेल लोगों में से एक है जिसने अबशालोम के साथ योजना बनाई।” तब दाऊद ने प्रार्थना की, “हे यहोवा, मैं तुझसे प्रार्थना करता हूँ कि तू अहीतोपेल की सलाह को विफल कर दे।”
32
दाऊद पर्वत की चोटी पर आया। यही वह स्थान था जहाँ वह प्राय: परमेश्वर से प्रार्थना करता था। उस समय एरेकी हूशै उसके पास आया। हूशै का अंगरखा फटा था और उसके सिर पर धूलि थी।
33
दाऊद ने हूशै से कहा, “यदि तुम मेरे साथ चलते हो तो तुम देख—रेख करने वाले अतिरिक्त व्यक्ति होगे।
34
किन्तु यदि तुम यरूशलेम को लौट जाते हो तो तुम अहीतोपेल की सलाह को व्यर्थ कर सकते हो। अबशालोम से कहो, ‘महाराज, मैं आपका सेवक हूँ। मैंने आपके पिता की सेवा की, किन्तु अब मैं आपकी सेवा करूँगा।’
35
याजक सादोक और एब्यातार तुम्हारे साथ होंगे। तुम्हें वे सभी बातें उसने कहनी चाहिए जिन्हें तुम राजमहल में सुनो।
36
सादोक का पुत्र अहीमास और एब्यातार का पुत्र योनातन उनके साथ होंगे। तुम उन्हें, हर बात जो सुनो, मुझसे कहने के लिये भेजोगे।”
37
तब दाऊद का मित्र हूशै नगर में गया, और अबशालोम यरूशलेम आया।
← Chapter 14
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 16 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24