bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Hindi
/
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
/
2 Samuel 20
2 Samuel 20
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
← Chapter 19
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 21 →
1
ऐसा हुआ कि बिक्री का पुत्र शेबा नाम का एक बुरा आदमी था। शेबा बिन्यामीन परिवार समूह का था। उसने तुरही बजाई और कहा, “हम लोगों का कोई हिस्सा दाऊद में नहीं है। यिशै के पुत्र का कोई अंश हममें नहीं है। पूरे इस्राएली, हम लोग अपने डेरों में घर चले।”
2
तब सभी इस्राएलियों ने दाऊद को छोड़ दिया, और बिक्री के पुत्र शेबा का अनुसरण किया। किन्तु यहूदा के लोग अपने राजा के साथ लगातार यरदन नदी से यरूशलेम तक बने रहे।
3
दाऊद अपने घर यरूशलेम को आया। दाऊद ने अपनी पत्नियों में से दस को घर की देखभाल के लिये छोड़ा था। दाऊद ने इन स्त्रियों को एक विशेष घर में रखा। लोगों ने इस घर की रक्षा की। स्त्रियाँ उस घर में तब तक रहीं जब तक वे मरी नहीं। दाऊद ने उन्हें भोजन दिया, किन्तु उनके साथ शारीरिक सम्बन्ध नहीं किया। वे मरने के समय तक विधवा की तरह रहीं।
4
राजा ने अमासा से कहा, “यहूदा के लोगों से कहो कि वे मुझसे तीन दिन के भीतर मिलें, और तुम्हें भी यहाँ आना होगा और मेरे सामने खड़ा होना होगा।”
5
तब अमासा यहूदा के लोगों को एक साथ बुलाने गया। किन्तु उसने, जितना समय राजा ने दिया था, उससे अधिक समय लिया।
6
दाऊद ने अबीशै से कहा, “बिक्री का पुत्र शेबा हम लोगों के लिये उससे भी अधिक खतरनाक है जितना अबशालोम था। इसलिये मेरे सेवकों को लो और शेबा का पीछा करो। शेबा को प्राचीर वाले नगरों में पहुँचने से पहले इसे शीघ्रता से मारो। यदि शेबा प्राचीर वाले नगरों में पहुँच जायेगा तो वह हम लोगों से बच निकलेगा।”
7
योआब के व्यक्ति करेती, पलेती और सैनिक यरूशलेम से बाहर गये। उन्होंने बिक्री के पुत्र शेबा का पीछा किया।
8
जब योआब और सेना गिबोन की विशाल चट्टान तक आई, अमासा उनसे मिलने आया। योआब अपने सैनिक पोशाक में था। योआब ने पेटी बाँध रखी थी। उसकी तलवार उसकी म्यान में थी। योआब अमासा से मिलने आगे बढ़ा और उसकी तलवार म्यान से गिर पड़ी। योआब ने तलवार को उठा लिया और उसे अपने हाथ में रखा।
9
योआब ने अमासा से पूछा, “भाई, तुम हर तरह से कुशल तो हो?” योआब ने चुम्बन करने के लिये अपने दायें हाथ से, अमासा को उसकी दाढ़ी के सहारे पकड़ा।
10
अमासा ने उस तलवार पर ध्यान नहीं दिया जो उसके हाथ में थी। योआब ने अमासा के पेट में तलवार घुसेड़ दी और उसकी आँते भूमि पर आ पड़ीं। योआब को अमासा पर दुबारा चोट नहीं करनी पड़ी, वह पहले ही मर चुका था। तब योआब और उसका भाई अबीशै दोनों ने बिक्री के पुत्र शेबा की खोज जारी रखी।
11
योआब के युवकों में से एक व्यक्ति अमासा के शव के पास खड़ा रहा। इस युवक ने कहा, “हर एक व्यक्ति जो योआब और दाऊद का समर्थन करता है, उसे योआब का अनुसरण करना चाहिये। शेबा का पीछा करने में उसकी सहायता करो।”
12
अमासा अपने ही खून में सड़क के बीच पड़ा रहा। सभी लोग शव को देखने रुकते थे। इसलिये युवक अमासा के शव को सड़क से ले गया और उसे मैदान में रख दिया। तब उस ने अमासा के शव पर एक कपड़ा डाल दिया।
13
जब अमासा का शव सड़क से हटा लिया गया, सभी लोगों ने योआब का अनुसरण किया। वे बिक्री के पुत्र शेबा का पीछा करने योआब के साथ गए।
14
बिक्री का पुत्र शेबा सभी इस्राएल के परिवार समूहों से होता हुआ आबेल बेतमाका पहुँचा। सभी बेरी लोग भी एक साथ आए और उन्होंने शेबा का अनुसरण किया।
15
योआब और उसके लोग आबेल और बेतमाका आए। योआब की सेना ने नगर को घेर लिया। उन्होंने नगर दीवार के सहारे मिट्टी के ढेर लगाए। ऐसा करने के बाद वे दीवार के ऊपर चढ़ सकते थे। तब योआब के सैनिकों ने दीवार से पत्थरों को तोड़ना प्रारम्भ किया। वे दीवार को गिरा देना चाहते थे।
16
एक बुद्धिमती स्त्री नगर की ओर से चिल्लाई। उसने कहा, “मेरी सुनो! योआब को यहाँ बुलाओ। मैं उससे बात करना चाहती हूँ।”
17
योआब उस स्त्री के पास बात करने गया। उस स्त्री ने पूछा, “क्या तुम योआब हो?” योआब ने उत्तर दिया, “हाँ, मैं हूँ।” तब उस स्त्री ने योआब से कहा, “मैं जो कहूँ सुनो।” योआब ने कहा, “मैं सुन रहा हूँ।”
18
तब उस स्त्री ने कहा, “अतीत में लोग कहते थे, ‘आबेल में सलाह माँगो तब समस्या सुलझ जाएगी।’
19
मैं इस्राएल के राजभक्त तथा शान्तिप्रिय लोगों में से एक हूँ। तुम इस्राएल के एक महत्वपूर्ण नगर को नष्ट कर रहे हो। तुम्हें, वह कोई भी चीज, जो यहोवा की है, नष्ट नहीं करनी चाहिये।”
20
योआब ने कहा, “नहीं, मैं कुछ भी नष्ट नहीं करना चाहता!
21
किन्तु एक व्यक्ति एप्रैम के पहाड़ी प्रदेश का है वह बिक्री का पुत्र शेबा है। वह राजा दाऊद के विरुद्ध हो गया है। यदि तुम उसे मेरे पास लाओ तो मैं नगर को शान्त छोड़ दूँगा।” उस स्त्री ने कहा, “बहुत ठीक, उसका सिर दीवार के ऊपर से तुम्हारे लिये फेंक दिया जायेगा।”
22
तब उस स्त्री ने बड़ी बुद्धिमानी से नगर के सभी लोगों से बातें कीं। लोगों ने बिक्री के पुत्र शेबा का सिर काट डाला। तब लोगों ने योआब के लिये शेबा का सिर नगर की दीवार पर से फेंक दिया। इसलिये योआब ने तुरही बजाई और सेना ने नगर को छोड़ दिया। हर एक व्यक्ति अपने घर में गया, और योआब राजा के पास यरूशलेम लौटा।
23
योआब इस्राएल की सारी सेना का नायक था। यहोयादा का पुत्र बनायाह, करेतियों और पलेतियों का संचालन करता था।
24
अदोराम उन लोगों का संचालन करता था जो कठिन श्रम करने के लिये विवश थे। अहिलूद का पुत्र यहोशापात इतिहासकार था।
25
शेवा सचिव था। सादोक और एब्यातार याजक थे।
26
और याईरी दाऊद का प्रमुख याजक था।
← Chapter 19
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 21 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24