bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
2 Chronicles 19
2 Chronicles 19
Chhattisgarhi
← Chapter 18
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 20 →
1
जब यहूदा के राजा यहोसापात ह यरूसलेम म अपन महल म सुरकछित लहुंट आईस,
2
हनानी के बेटा, येहू अगम-दरसी ह ओकर ले मिले बर बाहिर गीस अऊ राजा ले कहिस, “का तोला ओ दुस्टमन के मदद अऊ ओमन ले मया करना चाही, जेमन यहोवा ले घिन करथें? एकर कारन यहोवा के कोप ह तोर ऊपर हवय।
3
हालाकि, तोर म कुछू बने बात भी हवय, काबरकि तेंह असेरा के खंभामन ला देस ले हटा दे हस अऊ अपन हिरदय ला परमेसर के खोज म लगाय हस।”
4
यहोसापात ह यरूसलेम म रहत रिहिस, अऊ ओह फेर बेरसेबा सहर ले लेके एपरैम के पहाड़ी देस के मनखेमन के बीच म गीस अऊ ओह ओमन ला फेर से वापिस यहोवा, ओमन के पुरखा के परमेसर कोति ले आईस।
5
ओह देस म, यहूदा के हर एक गढ़वाला सहर म नियायधीसमन ला ठहिराईस।
6
यहोसापात ह ओमन ला कहिस, “धियान देवव कि तुमन का करथव, काबरकि तुमन मरनहार मनखेमन बर नियाय नइं करत हव, पर यहोवा बर नियाय करत हव, जऊन ह तुम्हर संग हवय, जब भी तुमन कोनो फैसला करथव।
7
अब यहोवा के भय तुमन ऊपर रहय। धियान से नियाय करव, काबरकि यहोवा हमर परमेसर के संग कोनो अनियाय अऊ पखियपात या घूसखोरी के लेना-देना नइं ए।”
8
यरूसलेम म घलो, यहोसापात ह कुछू लेवी, पुरोहितमन अऊ इसरायली परिवारमन के मुखियामन ला यहोवा के कानून के पालन करे बर अऊ बाद-बिबाद के निपटारा करे बर ठहिराईस। अऊ ओमन यरूसलेम म रहत रिहिन।
9
ओह ओमन ला ये हुकूम दीस: “तुमन यहोवा के भय म रहिके पूरा बिसवासयोग्यता अऊ दिल से सेवा करव।
10
हर ओ मामला ला, जेला तुम्हर सहर के रहइया मनखेमन तुम्हर आघू म लाथें—चाहे ओह हतिया के हो या ब्यवस्था, हुकूम, बिधि या नियममन के कोनो आने मामला हो—तुमन ओमन ला चेता देवव कि ओमन यहोवा के बिरूध पाप झन करंय; नइं तो ओकर कोरोध तुम्हर अऊ तुम्हर मनखेमन ऊपर आही। अइसने करव, अऊ तुमन पाप नइं करहू।
11
“यहोवा ले संबंधित कोनो भी बिसय म मुखिया पुरोहित अमरयाह ह तुम्हर ऊपर होही, अऊ राजा ले संबंधित कोनो बिसय म यहूदा के गोत्र के अगुवा, इसमायल के बेटा जबदयाह ह तुम्हर ऊपर होही, अऊ लेवीमन तुम्हर आघू म करमचारीमन के रूप म सेवा करहीं। हिम्मत के संग काम करव, अऊ यहोवा ह ओमन के संग रहय, जेमन बने बुता करथें।”
← Chapter 18
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 20 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36