bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
2 Chronicles 20
2 Chronicles 20
Chhattisgarhi
← Chapter 19
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 21 →
1
एकर बाद, मोआबी अऊ अमोनीमन कुछू मूनीमन संग राजा यहोसापात के बिरूध लड़ई करे बर आईन।
2
कुछू मनखेमन यहोसापात करा आके बताईन, “एदोम ले, मिरतू सागर के ओ पार ले तोर बिरूध एक बड़े सेना आवत हे। येमन पहिली ले हससोन-तामार म हवंय” (मतलब कि एन-गदी म हवंय)।
3
यहोसापात ह सचेत होके एकर बारे म यहोवा के ईछा जाने बर ठान लीस, अऊ जम्मो यहूदा म उपास रखे के घोसना करिस।
4
यहूदा के मनखेमन यहोवा ले मदद के आसा करत एक संग जूरिन; वास्तव म, ओमन यहूदा के हर एक सहर ले ओकर ईछा जाने बर आईन।
5
तब यहोसापात ह यहूदा अऊ यरूसलेम के सभा म यहोवा के मंदिर मेर नवां अंगना के आघू म ठाढ़ होईस।
6
अऊ पराथना करिस: “हे यहोवा, हमर पुरखामन के परमेसर, का तें स्वरग म रहइया परमेसर नो हस? तेंह देस-देस के जम्मो राज ऊपर सासन करथस। सामर्थ अऊ ताकत तोर हांथ म हवय, अऊ कोनो भी तोर सामना नइं कर सकंय।
7
हे हमर परमेसर, का तेंह अपन मनखे इसरायल के आघू ले ये देस के रहइयामन ला बाहिर निकालके अपन संगवारी अब्राहम के संतानमन ला नइं देय दे हस?
8
ओमन येमा निवास करिन अऊ येमा तोर नांव बर ये कहत एक पबितर-स्थान बनाईन,
9
‘यदि हमर ऊपर बिपत्ति आथे, चाहे नियाय के तलवार होवय, या महामारी या अकाल, हमन ये मंदिर के आघू म ठाढ़ होबो, जऊन ह तोर नांव म बने हवय, अऊ अपन दुख म तोर आघू म रोबो, अऊ तेंह हमर रोवई ला सुनके हमन ला बचाबे।’
10
“पर अब इहां अमोन, मोआबी अऊ सेईर पहाड़ के मनखेमन, जेमन के राज म तेंह इसरायल ला जब ओमन मिसर ले आवत रिहिन, तेंह हमला करे के अनुमति नइं देय; एकरसेति ओमन उहां ले मुड़के चल दीन अऊ ओमन ला नास नइं करिन।
11
देख कि ओमन कइसन हमन ला ओ जगह ले बाहिर निकाले बर आके बदला लेवत हवंय, जेला तेंह हमन ला उत्तराधिकार म दे हस।
12
हे हमर परमेसर, का तेंह ओमन के काम के नियाय नइं करस? काबरकि हमर करा ये बड़े सेना के सामना करे के कोनो सक्ति नइं ए, जऊन ह हमर ऊपर हमला करत हवय। हमन नइं जानन कि हमन ला का करना हे, पर हमर आंखी तोर ऊपर लगे हवय।”
13
यहूदा के जम्मो मनखेमन, अपन घरवाली अऊ लइका अऊ कोरा के लइकामन संग, उहां यहोवा के आघू म खड़े रिहिन।
14
ओही बेरा यहोवा के आतमा ह यहजीएल के ऊपर आईस, ओह सभा म ठाढ़ होईस। ओह जकरयाह के बेटा, ओह बनायाह के बेटा, ओह येइल के बेटा, ओह मतनयाह के बेटा, जऊन ह एक लेवी अऊ आसाप के संतान रिहिस।
15
यहजीएल ह कहिस: “सुनव, राजा यहोसापात अऊ ओ जम्मो, जेमन यहूदा अऊ यरूसलेम म रहिथें! यहोवा ह तुमन ले ये कहत हे: ‘ये बड़े सेना के कारन तुमन झन डरव या हतास झन होवव। काबरकि लड़ई तुम्हर नइं, पर परमेसर के अय।
16
कल ओमन के बिरूध हमला करव। ओमन सीस के चढ़ई म चढ़हीं, अऊ तुमन ओमन ला यरूएल के मरू-भुइयां के संकरी घाटी के आखिरी म पाहू।
17
तुमन ला ये लड़ई लड़े बर नइं पड़य। अपन-अपन जगह ले लव; मजबूती से खड़े रहव अऊ यहोवा ह तुमन ला, यहूदा ला अऊ यरूसलेम ला जऊन छुटकारा दीही, ओला देखव। झन डरव; हतास झन होवव। कल ओमन के सामना करे बर बाहिर निकलव, अऊ यहोवा ह तुम्हर संग रहिही।’ ”
18
यहोसापात ह अपन मुड़-भरसा हो गीस, अऊ यहूदा अऊ यरूसलेम के जम्मो मनखेमन यहोवा के आघू म दंडवत करे बर मुड़-भरसा हो गीन।
19
तब कहाती अऊ कोरहीमन के कुछू लेवीमन ठाढ़ हो गीन अऊ ऊंचहा अवाज म यहोवा, इसरायल के परमेसर के परसंसा करिन।
20
बड़े बिहनियां ओमन तकोआ के बंजर भुइयां करा जाय बर निकलिन। जब ओमन निकलिन, त यहोसापात ह ठाढ़ होईस अऊ कहिस, “हे यहूदा अऊ यरूसलेम के मनखेमन, मोर बात ला सुनव! यहोवा अपन परमेसर ऊपर भरोसा रखव अऊ तुमन बने रहिहू; ओकर अगमजानीमन ऊपर बिसवास रखव अऊ तुमन सफल होहू।”
21
यहोसापात ह मनखेमन ले सलाह लेय के बाद, पुरूसमन ला यहोवा के गीत गाय बर चुनिस, ताकि ओमन ओकर पबितरता के सोभा बर सेना के आघू-आघू रेंगत ये कहिके परसंसा करंय: “यहोवा के धनबाद करव, काबरकि ओकर मया हमेसा बने रहिथे।”
22
जब ओमन गीत गाय के अऊ परसंसा करे के सुरू करिन, त यहोवा ह यहूदा ऊपर हमला करइया अमोनी अऊ मोआबी अऊ सेईर पहाड़ के मनखेमन के बिरूध घात लगा दीस, अऊ ओमन हार गीन।
23
अमोनी अऊ मोआबीमन सेईर पहाड़ के मनखेमन ला नास करे बर ओमन के बिरूध खड़े हो गीन। सेईर के आदमीमन ला मार डारे के बाद, ओमन एक-दूसर ला मारे बर मदद करिन।
24
जब यहूदा के मनखेमन ओ जगह म आईन, जिहां ले सुन्ना जगह ह दिखथे अऊ ओ बड़े सेना कोति देखिन, त ओमन ला भुइयां म परे मनखेमन के सिरिप लास ही लास दिखिस; कोनो भी नइं बचे रिहिन।
25
तब यहोसापात अऊ ओकर मनखेमन ओमन के लूट के सामान लेय बर गीन, अऊ ओमन उहां अब्बड़ अकन साज-सामान अऊ कपड़ा अऊ कीमती चीजमन ला पाईन—अतेक जादा सामान कि ओमन ले जा नइं सकत रिहिन। उहां अतेक जादा लूट के सामान रिहिस कि ओला संकेलत तीन दिन लग गीस।
26
चौथा दिन ओमन बराका के घाटी म जूरिन, अऊ उहां ओमन यहोवा के परसंसा करिन। एकरसेति येला आज तक बराका के घाटी कहे जाथे।
27
तब, यहोसापात के अगुवई म, यहूदा अऊ यरूसलेम के जम्मो आदमीमन अब्बड़ खुसी से यरूसलेम ला लहुंट गीन, काबरकि यहोवा ह ओमन ला ओमन के बईरीमन ऊपर आनंदित होय के कारन देय रिहिस।
28
ओमन यरूसलेम म आईन अऊ बीना अऊ सारंगी अऊ तुरहीमन के संग यहोवा के मंदिर म गीन।
29
आसपास के जम्मो राजमन म परमेसर के भय छा गीस, जब ओमन सुनिन कि कइसे यहोवा ह इसरायल के बईरीमन के बिरूध लड़ई लड़े हवय।
30
अऊ यहोसापात के राज म सांति रिहिस, काबरकि ओकर परमेसर ह ओला सबो डहार ले बिसराम देय रिहिस।
31
यहोसापात ह यहूदा म सासन करिस। जब ओह यहूदा के राजा बनिस, त ओह पैंतीस साल के रिहिस अऊ ओह पच्चीस साल तक यरूसलेम म राज करिस। ओकर दाई के नांव अजूबा रिहिस, जऊन ह सिलही के बेटी रिहिस।
32
ओह अपन ददा आसा के रसता म चलिस अऊ ओमन ले नइं हटिस; ओह ओही काम करिस, जऊन ह यहोवा के नजर म सही रिहिस।
33
तभो ले, ऊंचहा जगहमन हटाय नइं गीन, अऊ मनखेमन अभी घलो अपन पुरखामन के परमेसर म अपन मन ला नइं लगाय रिहिन।
34
यहोसापात के सासन के आने घटनामन, सुरू ले आखिरी तक, हनानी के बेटा, येहू के इतिहास के किताब म लिखे गे हवय, जेमन ला इसरायल के राजामन के किताब म अंकित करे गे हवय।
35
बाद म, यहूदा के राजा यहोसापात ह इसरायल के राजा अहजयाह के संग संधि कर लीस, जेकर काममन दुस्टता के रिहिन।
36
ओह ओकर संग एक बेपारी जहाजी-बेड़ा बनाय बर राजी हो गीस। एसियोन-गेबेर नगर म येमन ला बनाय के बाद,
37
मारेसा के दोदावाह के बेटा एलिएजेर ह यहोसापात के बिरूध ये कहिके अगमबानी करिस, “काबरकि तेंह अहजयाह के संग संधि करे हस, यहोवा ह ओला नास कर दीही, जेला तेंह बनाय हस।” एकरसेति जहाजमन टूट गीन अऊ बेपार बर पानी म चले के लईक नइं रिहिन।
← Chapter 19
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 21 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36