bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
Exodus 12
Exodus 12
Chhattisgarhi
← Chapter 11
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 13 →
1
यहोवा ह मिसर देस म मूसा अऊ हारून ला कहिस,
2
“ये महिना ह तुम्हर बर पहिला महिना होही, याने कि येह साल के पहिला महिना होही।
3
इसरायल के पूरा समाज ला बता दव कि ये महिना के दसवां दिन तुमन म के हर एक झन अपन-अपन परिवार बर एक-एक ठन मेढ़ा-पीला लेवय।
4
यदि कोनो परिवार ह एक ठन मेढ़ा-पीला बर बहुंत छोटे हवय, त ओमन अपन सबले नजदीक के परोसी संग ओ मेढ़ा-पीला ला ओ घर के गनती के मुताबिक बांट लेवंय। हर मनखे ह कतेक खाही, ओकर मुताबिक ही ओ मेढ़ा-पीला के बांटा करे जावय।
5
जऊन पसु ला तुमन चुनथव, ओह एक साल के निरदोस नर पसु होवय, अऊ तुमन ओला भेड़मन ले या बकरीमन ले लेय सकत हव।
6
इही महिना के चौदहवां दिन तक ओकर खियाल रखव, तब इसरायली समाज के हर सदस्य गोधूलि के बेरा म ओला पूज देवय।
7
तब जऊन घर म ओ मेढ़ा-पीला ला खाहू, ओकर चौखट के दूनों कोति अऊ चौखट के ऊपरी भाग म ओकर थोरकन लहू ला लगा देवव।
8
ओहीच रथिया ओकर मांस ला आगी म भुंजके करू साग अऊ अखमीरी रोटी के संग खावव।
9
कइंचा मांस या पानी म उसने मांस ला झन खावव, पर ओकर गोड़, मुड़, अऊ पेट के भीतर के भागमन ला आगी म भुंजके खावव।
10
अऊ ओमा के कुछू चीज ला बिहनियां बर झन बचावव; कहूं ओमा के कुछू चीज ह बिहनियां तक बच जाथे, त तुमन ओला आगी म जला देवव।
11
तुमन ओला अइसे खावव: तुम्हर ऊपर के पहिरावा ह कमरपट्टा म बंधाय रहय, अपन गोड़ म पनही पहिरे रहव, अपन लउठी ला हांथ म धरे रहव अऊ ओला जल्दी-जल्दी खावव; येह यहोवा के फसह अय।
12
“ओही रथिया मेंह मिसर देस म ले होके निकलहूं अऊ मिसर देस के जम्मो पहिलांत ला मारहूं—चाहे ओह मनखे होवय या पसु, जम्मो पहिलांत ला मारहूं, अऊ मेंह मिसर के जम्मो देवतामन ला सजा दूहूं। मेंह यहोवा अंव।
13
जऊन घरमन म तुमन रहत हव, ओमा ओ लहू ह एक चिनहां होही, अऊ जब मेंह ओ लहू ला देखहूं, त ओला नाहकके आघू बढ़ जाहूं। जब मेंह मिसरीमन ला मारहूं, त तुम्हर ऊपर कोनो नास करइया महामारी नइं आही।
14
“ये दिन ह तुम्हर बर एक यादगार दिन होही; अऊ पीढ़ी-पीढ़ी तक तुमन येला यहोवा बर एक तिहार के रूप म मनाहू—ये नियम ह हमेसा बने रहय।
15
सात दिन तक बिगर खमीर के बने रोटी ला खावव। पहिलीच दिन अपन घर ले खमीर ला हटा दव, काबरकि कहूं कोनो पहिली दिन ले लेके सातवां दिन तक कोनो खमीर मिले हुए चीज ला खाथे, त ओला इसरायल ले अलग करे जावय।
16
पहिली दिन एक पबितर सभा करव, अऊ सातवां दिन घलो एक सभा करव। ये दूनों दिन कोनो काम-बुता झन करव, जम्मो झन के खाय बर सिरिप जेवन पकाय के काम करे जावय; ये दूनों दिन तुमन सिरिप येहीच काम करव।
17
“तुमन अखमीरी रोटी के तिहार मनावव, काबरकि येह ओ दिन अय, जब मेंह तुमन ला दल के दल मिसर देस ले बाहिर निकालके लानेंव। हमेसा के नियम के रूप म ये दिन ला अवइया पीढ़ी-पीढ़ी तक मानव।
18
पहिली महिना के चौदहवां दिन के सांझ ले इक्कीसवां दिन के सांझ तक तुमन अखमीरी रोटी खावव।
19
सात दिन ले तुम्हर घर म कोनो खमीर झन रहय। यदि कोनो मनखे खमीर ले बने कुछू चीज ला खाथे, चाहे ओह देसी मनखे होवय या फेर परदेसी, ओला इसरायल के समाज ले अलग करे जावय।
20
खमीर ले बने कोनो भी चीज ला झन खावव; जिहां कहूं भी तुमन रहव, अखमीरी रोटी ही खावव।”
21
तब मूसा ह इसरायल के जम्मो अगुवामन ला बलाके कहिस, “तुरते जावव अऊ अपन-अपन परिवार बर एक-एक ठन पसु छांट लेवव अऊ फसह के मेढ़ा-पीला के बलि करव।
22
तुमन जूफा के एक ठन गुच्छा लेवव अऊ ओला तसला म रखे लहू म बोरव अऊ लहू ला चौखट के ऊपर अऊ चौखट के दूनों तरफ लगावव, अऊ बिहान के होवत तक तुमन म ले कोनो अपन घर के मुंहटा ले बाहिर झन निकलय।
23
काबरकि जब यहोवा ह देस म ले होके मिसरीमन ला मारत जाही, त ओह चौखट के ऊपर अऊ चौखट के दूनों तरफ लगे लहू ला देखही, अऊ ओ मुंहटा ले नाहकके आघू बढ़ जाही, अऊ ओह नास करइया ला तुम्हर घरमन म जाके मार डारे के अनुमति नइं दीही।
24
“ये निरदेस ला तुमन अपन अऊ अपन लइकामन बर एक अटल हुकूम के रूप म मानव।
25
जब तुमन ओ देस म हबर जावव, जेला यहोवा ह अपन परतिगियां के मुताबिक तुमन ला दीही, त ये रीति-बिधिमन ला मानव।
26
अऊ जब तुम्हर लइकामन तुमन ले पुछंय, ‘तुमन ये बिधिमन ला काबर मानथव?’
27
तब ओमन ला बतावव, ‘येह यहोवा बर फसह के बलिदान अय; जऊन ह मिसर देस म इसरायलीमन के घर के आघू ले निकलिस अऊ हमर घरमन ला छोंड़के मिसरीमन ला नास करिस।’ ” तब मनखेमन मुड़ नवाके अराधना करिन।
28
इसरायलीमन वइसे ही करिन, जइसे यहोवा ह मूसा अऊ हारून ला हुकूम दे रिहिस।
29
आधा रथिया यहोवा ह मिसर म जम्मो पहिलांतमन ला मार डारिस, सिंघासन म बईठे फिरौन के पहिलांत ले लेके जेल म रहइया कैदीमन के पहिलांतमन ला, अऊ संग म पसुमन के जम्मो पहिलांत ला घलो मार डारिस।
30
रथिया के बेरा ही फिरौन अऊ ओकर जम्मो करमचारी अऊ जम्मो मिसरीमन जाग उठिन, अऊ उहां मिसर म बहुंत हाहाकार होवत रिहिस, काबरकि उहां अइसन एको ठन घर नइं रिहिस, जिहां कोनो मरे नइं रिहिस।
31
रथिया के बेरा ही फिरौन ह मूसा अऊ हारून ला बलाके कहिस, “मोर मनखेमन ला छोड़के, तुमन इसरायलीमन के संग चले जावव! तुमन जावव, अऊ यहोवा के अराधना करव, जइसे कि तुमन बिनती करे हव।
32
अपन कहे मुताबिक अपन भेड़-बकरी अऊ गरूवा-बईला ला संग म ले जावव। अऊ मोला आसीरबाद देवत जावव।”
33
मिसरीमन इसरायलीमन ला देस छोंड़के जल्दी से जल्दी चले जाय बर बिनती करिन। ओमन कहिन, “नइं तो हमन जम्मो झन मर जाबो!”
34
तब इसरायलीमन बिगर खमीर डाले गूंधे पीसान ला बरतन म धरके कपड़ा म लपेटिन अऊ ओला कंधा म बोहके ले चलिन।
35
इसरायलीमन मूसा के कहे मुताबिक मिसरीमन ले सोन अऊ चांदी के जेवर अऊ ओनहा ला मांग लीन।
36
यहोवा ह मिसरीमन ला इसरायलीमन बर दयालु कर दीस, अऊ ओमन जऊन कुछू मिसरीमन ले मांगिन, ओमन ला दिये गीस; ये किसम ले इसरायलीमन मिसरीमन ला लूट लीन।
37
तब इसरायलीमन रामसेस सहर ले चलके सुक्कोत सहर आईन। माईलोगन अऊ लइकामन के अलावा ओमन लगभग छै लाख पैदल चलइया आदमीमन रिहिन।
38
बहुंते आने मनखेमन घलो ओमन के संग गीन, ओमन के संग भेड़-बकरी अऊ गरूवा-बईला के बड़े दल घलो रहय।
39
जऊन साने गय पीसान, इसरायलीमन मिसर ले लाने रिहिन, ओकर ले ओमन बिगर खमीर के रोटी बनाईन। साने गय पीसान ह बिगर खमीर के रिहिस, काबरकि ओमन ला मिसर देस ले निकाल दिये गे रिहिस अऊ ओमन करा अपन बर खाना बनाय के समय नइं रिहिस।
40
इसरायलीमन मिसर देस म 430 साल तक रिहिन।
41
430 साल के आखिरी म, ओहीच दिन, यहोवा के जम्मो मनखेमन मिसर देस ले निकल गीन।
42
काबरकि यहोवा ह इसरायलीमन ला मिसर देस ले निकाल लाने बर रतजगा रखिस, ये रथिया जम्मो इसरायलीमन यहोवा के आदर म रतजगा करंय अऊ येला अवइया पीढ़ी-पीढ़ी के मनखेमन मानंय।
43
यहोवा ह मूसा अऊ हारून ला कहिस, “फसह के भोज के बिधि ये अय: “कोनो भी परदेसी येला झन खावय।
44
कोनो गुलाम, जेला तुमन बिसाय हवव, अऊ ओकर खतना करवाय हवव, त ओह येला खा सकत हे।
45
पर कोनो अस्थायी रूप म रहइया मनखे या कोनो बनिहार येला झन खावय।
46
“येला घर के भीतरेच म ही खाय जावय; मांस के एक टुकड़ा घलो घर के बाहिर झन ले जावव। कोनो हाड़ा ला झन टोरव।
47
जरूरी अय कि पूरा इसरायली समाज येला मनावय।
48
“तुम्हर बीच म रहइया कोनो परदेसी यदि यहोवा के फसह ला मनाय चाहथे, त ओकर घर के जम्मो मरदमन के खतना कराना जरूरी अय, तब ओह ओ देस म जनमे मनखे के सहीं येमा भाग ले सकथे। कोनो भी बिगर खतनावाला मनखे येला झन खावय।
49
येहीच कानून देसी मनखे अऊ तुम्हर बीच म रहइया परदेसी मनखे, दूनों बर लागू होथे।”
50
जम्मो इसरायलीमन वइसे ही करिन, जइसे यहोवा ह मूसा अऊ हारून ला हुकूम दे रिहिस।
51
अऊ ओहीच दिन यहोवा ह इसरायलीमन ला दल-दल करके मिसर देस ले निकाल लानिस।
← Chapter 11
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 13 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36
37
38
39
40