bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
Exodus 16
Exodus 16
Chhattisgarhi
← Chapter 15
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 17 →
1
तब पूरा इसरायली समाज ह एलीम ले आघू बढ़िस अऊ ओमन सीन नांव के निरजन जगह म आईन, जऊन ह एलीम अऊ सीनय पहाड़ के बीच म हवय। मिसर देस ले निकले के दूसरा महिना के पंदरहवां दिन इसरायलीमन उहां हबरिन।
2
ओ निरजन जगह म जम्मो इसरायली समाज ह मूसा अऊ हारून के बिरूध बड़बड़ाय लगिस।
3
इसरायलीमन ओमन ला कहिन, “बने होतिस यदि हमन यहोवा के हांथ ले मिसर म ही मर गे रहितेंन! उहां हमन मांस ले भरे कढ़ाही के तीर म बईठके अपन ईछा के मुताबिक जम्मो किसम के जेवन करत रहेंन, पर तुमन हमन ला ये निरजन जगह म एकरसेति लाने हवव कि ये पूरा समाज भूख के मारे मर जावय।”
4
तब यहोवा ह मूसा ला कहिस, “मेंह तुम्हर बर स्वरग ले रोटी बरसाहूं। मनखेमन हर दिन बाहिर जाके अपन दिन भर के रोटी संकेल लेवंय। ये किसम ले मेंह ओमन ला परखहूं अऊ देखहूं कि ओमन मोर हुकूम ला मानथें कि नइं।
5
हप्ता के हर छठवां दिन ओमन आने दिन ले दू गुना जेवन संकेलंय, अऊ ओला रांधंय।”
6
मूसा अऊ हारून जम्मो इसरायलीमन ला कहिन, “सांझ के तुमन जान जाहू कि येह यहोवा अय, जऊन ह तुमन ला मिसर देस ले बाहिर निकाल लानिस,
7
अऊ बिहनियां तुमन यहोवा के महिमा ला देखहू, काबरकि ओह अपन बिरोध म तुम्हर बड़बड़ई ला सुने हवय। हमन कोन अन कि तुमन हमर बिरूध म बड़बड़ावव?”
8
मूसा ह ये घलो कहिस, “तुमन जान लूहू कि येह यहोवा अय, जऊन ह तुम्हर खाय बर सांझकुन मांस अऊ बिहनियां तुम्हर जरूरत के पूरा रोटी देथे, काबरकि ओह अपन बिरूध तुम्हर बड़बड़ई ला सुन ले हवय। हमन कोन अन? तुमन हमर बिरूध नइं बड़बड़ावत हव, पर यहोवा के बिरूध बड़बड़ावत हव।”
9
तब मूसा ह हारून ला कहिस, “जम्मो इसरायली समाज ले ये कहि दे, ‘यहोवा के आघू म आवव, काबरकि ओह तुम्हर बड़बड़ई ला सुने हवय।’ ”
10
जब हारून ह जम्मो इसरायली समाज ले गोठियावत रिहिस, त ओमन निरजन जगह कोति नजर करिन, अऊ उहां बादर म यहोवा के महिमा परगट होवत देखिन।
11
यहोवा ह मूसा ला कहिस,
12
“मेंह इसरायलीमन के बड़बड़ई ला सुने हवंव। ओमन ला बता, ‘सांझकुन तुमन ला मांस अऊ बिहनियां के बेरा तुमन ला भरपेट रोटी खाय बर मिलही। तब तुमन जानहू कि मेंह यहोवा तुम्हर परमेसर अंव।’ ”
13
ओ दिन संझा के बेरा बटेरमन आईन अऊ छावनी ह बटेरमन ले भर गीस, अऊ बिहनियां के बेरा छावनी म चारों कोति ओस के एक परत दिखिस।
14
जब ओस ह सूखा गीस, त पाला के सहीं एक पतला परत निरजन जगह के भुइयां म पड़े दिखिस।
15
जब इसरायलीमन येला देखिन, त ओमन आपस म कहे लगिन, “येह का ए?” काबरकि ओमन नइं जानत रिहिन कि ओह का रिहिस। मूसा ह ओमन ला कहिस, “येह ओ रोटी ए, जेला यहोवा ह तुमन ला खाय बर दे हवय।
16
येह यहोवा के हुकूम अय: ‘हर एक झन अपन जरूरत के मुताबिक खाय बर संकेल लेवय। अपन तम्बू म हर एक मनखे बर एक-एक ओमेर संकेलव।’ ”
17
इसरायलीमन वइसनेच करिन, जइसे ओमन ला कहे गीस; कोनो मन थोरकन, त कोनो मन जादा संकेलिन।
18
अऊ जब ओमन येला ओमेर म नापिन, त जऊन ह जादा संकेले रिहिस, ओकर करा बहुंत जादा नइं रिहिस, अऊ जऊन ह थोरकन संकेले रिहिस, ओकर करा कम नइं होईस। पर हर एक झन अपन जरूरत के मुताबिक ही संकेले रिहिन।
19
तब मूसा ह ओमन ला कहिस, “कोनो भी मनखे बिहनियां होवत तक येमा के कुछू चीज ला बचाके झन रखय।”
20
पर ओमा के कुछू मनखेमन मूसा के गोठ ला धियान नइं दीन; अऊ येमा के कुछू भाग ला बिहनियां बर रख लीन, पर ओमा कीरा पर गे अऊ ओह बस्साय लगिस। एकरसेति मूसा ह ओमन ऊपर गुस्सा होईस।
21
रोज बिहनियां हर एक जन अपन जरूरत के मुताबिक ओला संकेलंय, अऊ जब घाम होवय, त ओह टघल जावय।
22
हप्ता के छठवां दिन, ओमन आने दिन के तुलना म दू गुना संकेलिन—हर एक मनखे बर दू ओमेर—अऊ समाज के अगुवामन आके मूसा ला ये बात के सूचना दीन।
23
ओह ओमन ला कहिस, “यहोवा ह ये हुकूम दे हवय: ‘कल बिसराम दिन अय, यहोवा बर एक पबितर बिसराम दिन। एकरसेति, जऊन कुछू तुमन रांधे बर चाहत हव, ओला रांध लव अऊ जऊन कुछू तुमन उसने बर चाहत हव, ओला उसन लव। जतेक ह बांच जाही, ओला बिहनियां होवत तक रख लेवव।’ ”
24
तब ओमन मूसा के हुकूम के मुताबिक ओला बिहनियां होवत तक बंचाके रखिन, अऊ ओह बास नइं मारिस अऊ ओमा कीरा नइं लगिस।
25
मूसा ह कहिस, “आज तुमन इही ला खावव, काबरकि आज यहोवा बर बिसराम दिन अय। येमा के कुछू भी चीज आज तुमन ला मैदान म नइं मिलही।
26
हप्ता के छै दिन तुमन येला संकेलव, पर सातवां दिन बिसराम दिन अय, अऊ ओ दिन येह तुमन ला नइं मिलय।”
27
तभो ले, कुछू मनखेमन सातवां दिन घलो ओला संकेले बर गीन, पर ओमन ला कुछू नइं मिलिस।
28
तब यहोवा ह मूसा ला कहिस, “तुमन कब तक मोर हुकूम अऊ निरदेसमन ला नइं मानहू?
29
अपन मन म ये बात ला रख लव कि यहोवा ह तुमन ला बिसराम दिन दे हवय; एकरसेति ओह तुमन ला छठवां दिन दू दिन के पुरता जेवन देथे। सातवां दिन हर एक झन घर म रहंय; कोनो बाहिर झन निकलय।”
30
एकरसेति मनखेमन सातवां दिन बिसराम करिन।
31
मनखेमन ओ जेवन के नांव मन्ना रखिन। ओह सफेद धनियां के बीजा सहीं रिहिस, अऊ ओकर सुवाद ह मंधरस ले बने छोटे पातर मीठा पपड़ी सहीं रिहिस।
32
मूसा ह इसरायलीमन ला कहिस, “यहोवा ह ये हुकूम दे हवय: ‘एक ओमेर मन्ना अवइया पीढ़ी के मनखेमन बर रख लेवव, ताकि ओमन ओ जेवन ला देखंय, जेला मेंह तुमन ला निरजन जगह म देय हवंव, जब मेंह तुमन ला मिसर देस ले निकालके लानेंव।’ ”
33
तब मूसा ह हारून ला कहिस, “एक ठन बरतन ले अऊ ओमा एक ओमेर मन्ना ले अऊ ओला यहोवा के आघू म मढ़ा दे ताकि ओह अवइया पीढ़ी के मनखेमन बर रहय।”
34
यहोवा के मूसा ला दिये हुकूम के मुताबिक, हारून ह मन्ना ला करार कानून के पटियामन के संग रख दीस, ताकि ओला बचाय जा सकय।
35
इसरायलीमन चालीस साल तक मन्ना खाईन, जब तक कि ओमन ओ देस म नइं हबर गीन, जिहां ओमन ला बसना रिहिस; ओमन तब तक मन्ना ला खाईन, जब तक कि ओमन कनान देस के सीमना म नइं हबर गीन।
36
(एक ओमेर ह एक एपा के दसवां हिस्सा होथे।)
← Chapter 15
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 17 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36
37
38
39
40