bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
Psalms 78
Psalms 78
Chhattisgarhi
← Chapter 77
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 51
Chapter 52
Chapter 53
Chapter 54
Chapter 55
Chapter 56
Chapter 57
Chapter 58
Chapter 59
Chapter 60
Chapter 61
Chapter 62
Chapter 63
Chapter 64
Chapter 65
Chapter 66
Chapter 67
Chapter 68
Chapter 69
Chapter 70
Chapter 71
Chapter 72
Chapter 73
Chapter 74
Chapter 75
Chapter 76
Chapter 77
Chapter 78
Chapter 79
Chapter 80
Chapter 81
Chapter 82
Chapter 83
Chapter 84
Chapter 85
Chapter 86
Chapter 87
Chapter 88
Chapter 89
Chapter 90
Chapter 91
Chapter 92
Chapter 93
Chapter 94
Chapter 95
Chapter 96
Chapter 97
Chapter 98
Chapter 99
Chapter 100
Chapter 101
Chapter 102
Chapter 103
Chapter 104
Chapter 105
Chapter 106
Chapter 107
Chapter 108
Chapter 109
Chapter 110
Chapter 111
Chapter 112
Chapter 113
Chapter 114
Chapter 115
Chapter 116
Chapter 117
Chapter 118
Chapter 119
Chapter 120
Chapter 121
Chapter 122
Chapter 123
Chapter 124
Chapter 125
Chapter 126
Chapter 127
Chapter 128
Chapter 129
Chapter 130
Chapter 131
Chapter 132
Chapter 133
Chapter 134
Chapter 135
Chapter 136
Chapter 137
Chapter 138
Chapter 139
Chapter 140
Chapter 141
Chapter 142
Chapter 143
Chapter 144
Chapter 145
Chapter 146
Chapter 147
Chapter 148
Chapter 149
Chapter 150
Chapter 79 →
1
हे मोर मनखेमन, मोर सिकछा ऊपर धियान देवव; मोर मुहूं के बात ला सुनव।
2
मेंह अपन बात एक पटंतर म करहूं; मेंह गुपत बात, पुराना जमाना के बात बताहूं—
3
ओ बात जेला हमन सुने हन अऊ जान ले हन, ओ बात जेला हमर पुरखामन हमन ला बताय हवंय।
4
यहोवा के परसंसा के काम, ओकर सामर्थ, अऊ ओकर करे गे अद्भूत काममन ला हमन ओमन के संतानमन ले नइं छुपावन; हमन अवइया पीढ़ी के मनखेमन ला बताबो।
5
ओह याकूब बर बिधिमन ला ठहिराईस अऊ इसरायल म कानून स्थापित करिस, जेकर बारे म ओह हमर पुरखामन ला हुकूम दीस कि ओमन अपन लइकामन ला ओकर सिकछा देवंय,
6
ताकि अवइया पीढ़ी के मनखेमन ओला जानंय, अऊ त अऊ ओ लइकामन घलो जेमन जनम लेवइया हें, अऊ बाद म ओमन अपन लइकामन ला सिखोवंय।
7
तब ओमन परमेसर ऊपर अपन भरोसा रखहीं अऊ ओमन ओकर काममन ला नइं भूलहीं पर ओकर हुकूममन ला मानहीं।
8
ओमन अपन पुरखामन सहीं नइं होहीं— जेमन हठीला अऊ बिदरोही रिहिन, जेमन के मन म परमेसर के प्रति भक्ति नइं रिहिस, जेमन के आतमा ह परमेसर बर बिसवासयोग्य नइं रिहिस।
9
एपरैम के मनखेमन हालाकि धनुस धरे रिहिन, पर लड़ई के दिन ओमन वापिस भाग गीन;
10
ओमन परमेसर के करार ला नइं मानिन अऊ ओकर कानून के मुताबिक चले बर इनकार करिन।
11
ओमन भुला गीन कि परमेसर ह ओमन बर का करे रिहिस, ओ अद्भूत काम, जेला ओह ओमन ला देखाय रिहिस।
12
ओह ओमन के पुरखामन के आघू म मिसर देस के सोअन के इलाका म चमतकार के काम करे रिहिस।
13
ओह समुंदर ला दू भाग करके ओमन ला उहां ले निकाले रिहिस; ओह पानी ला दीवार सहीं खड़े करवा दे रिहिस।
14
ओह दिन के समय बादर के दुवारा अऊ रात भर आगी के अंजोर के दुवारा ओमन के अगुवई करय।
15
ओह उजाड़ जगह म पथरामन ला फोरके ओमन ला समुंदर के सहीं बहुंतायत से पानी दीस;
16
ओह उबड़-खाबड़ चट्टान म ले पानी के धारा निकालिस अऊ पानी ला नदी के सहीं बहाईस।
17
पर ओमन निरजन जगह म सर्वोच्च परमेसर के बिरूध बिदरोह करत लगातार पाप करते रिहिन।
18
ओमन लालायित होके जेवन मांगे के दुवारा जानबूझके परमेसर ला परखिन।
19
ओमन परमेसर के बिरूध गोठियाईन; ओमन कहिन, “का परमेसर ह सही म निरजन जगह म हमन ला जेवन दे सकथे?
20
सही म, ओह चट्टान ला मारिस, अऊ उहां ले पानी के तेज धारा फूट निकलिस, अऊ पानी के धारा ह बहुंतायत ले बहे लगिस, पर का ओह हमन ला रोटी घलो दे सकथे? का ओह अपन मनखेमन ला मांस के पूरती कर सकथे?”
21
जब यहोवा ह ओमन के बात ला सुनिस, त ओह बहुंत नराज होईस; याकूब के बिरूध ओकर आगी ह भड़किस, अऊ इसरायल के बिरूध ओकर कोप ह भड़किस,
22
काबरकि ओमन परमेसर ऊपर बिसवास नइं करिन, अऊ न ही ओकर छुटकारा देय के ऊपर भरोसा रखिन।
23
तभो ले ओह ऊपर अकास ला हुकूम दीस अऊ स्वरग के कपाटमन ला खोल दीस;
24
ओह मनखेमन के खाय बर मन्ना के बारिस करिस, ओह ओमन ला स्वरग के अनाज दीस।
25
मनखेमन स्वरगदूतमन के रोटी खावत रिहिन; ओह ओमन ला भरपेट जेवन दीस।
26
ओह अकास ले पूरबी हवा चलाईस अऊ अपन सामर्थ ले दक्खिनी हवा चलाईस।
27
ओह ओमन बर धुर्रा के सहीं मांस के बारिस करिस, समुंदर के बालू सहीं चिरईमन ला पठोईस।
28
ओह ओ चिरईमन ला ओमन के तम्बू के चारों कोति ओमन के डेरा के भीतर लानिस।
29
ओमन गला के आवत तक खाईन— परमेसर ह ओमन ला ओ दीस, जेकर ओमन लालसा करिन।
30
पर येकर पहिले कि ओमन अपन लालसा करे चीज ले फिरतिन, अऊ त अऊ जेवन ह ओमन के मुहूं म ही रिहिस,
31
कि परमेसर के कोरोध ह ओमन के बिरूध भड़किस; ओह इसरायल के जवानमन ला काटके गिरावत ओमन के बीच के हट्टा-कट्टा मनखेमन ला मार डारिस।
32
अतेक होय के बाद घलो ओमन पाप करते रिहिन; ओकर अद्भूत काममन ला देखे के बाद घलो ओमन बिसवास नइं करिन।
33
एकरसेति ओह ओमन के जिनगी के दिनमन ला बेकार म अऊ ओमन के सालमन ला आतंक म खतम कर दीस।
34
जब भी परमेसर ह ओमन के हतिया करय, ओमन ओकर खोज करंय; ओमन उतावला होके ओकर कोति फेर लहुंटंय।
35
ओमन सुरता करंय कि परमेसर ह ओमन के चट्टान ए, ओमन सुरता करंय कि सर्वोच्च परमेसर ह ओमन के छुड़इया ए।
36
पर तब ओमन अपन मुहूं ले ओकर चापलूसी करंय, अऊ ओकर ले लबारी मारंय;
37
ओमन के मन ह ओकर बर ईमानदार नइं रिहिस, ओमन ओकर करार के प्रति बिसवासयोग्य नइं रिहिन।
38
तभो ले ओह ओमन ऊपर दया करिस; ओह ओमन के अपराध ला छेमा करिस अऊ ओमन ला नास नइं करिस। बार-बार ओह अपन गुस्सा ला रोकिस अऊ अपन कोप ला पूरा नइं भड़काईस।
39
ओह सुरता रखिस कि ओमन सिरिप हाड़-मांस के मनखे अंय, एक बहत हवा सहीं अंय, जऊन ह लहुंटके नइं आवय।
40
निरजन जगह म ओमन ओकर बिरूध कतेक बार ले बिदरोह करिन अऊ उजाड़ जगह म ओला दुखी करिन!
41
बार-बार ओमन परमेसर ला परखिन; ओमन इसरायल के पबितर परमेसर ला चिढ़ दिलाईन।
42
ओमन ओकर सामर्थ ला सुरता नइं करिन— ओ दिन जब ओह ओमन ला अतियाचारी ले छोंड़ाय रिहिस,
43
ओ दिन जब ओह मिसर देस म अपन चिनहां, सोअन के इलाका म अपन अद्भूत काम देखाईस।
44
ओह मिसरीमन के नदी के पानी ला खून म बदल दीस; ओमन अपन पानी के सोता ले पानी नइं पी सकिन।
45
ओह ओमन ऊपर मधुमक्खीमन के झुंड पठोईस, जेमन ओमन ला खा गीन, अऊ मेचकामन ला पठोईस, जेमन ओमन ला बरबाद कर दीन।
46
ओह ओमन के फसल ला कीरामन ला, अऊ ओमन के ऊपज ला फांफामन ला दे दीस।
47
ओह ओमन के अंगूर के नारमन ला करा गिराके अऊ ओमन के डूमर रूखमन ला बरफ के संग पानी गिराके नास कर दीस।
48
ओह ओमन के पालतू पसुमन ला करा गिराके, अऊ पसु-धन ला बिजली गिराके नास कर दीस।
49
ओह ओमन के बिरूध अपन भारी गुस्सा, अपन कोप, कोरोध अऊ बईरता देखाईस— येमन नास करइया स्वरगदूतमन के एक दल रिहिन।
50
ओह अपन कोरोध बर एक रसता तियार करिस; ओह ओमन ला मिरतू ले नइं बचाईस पर ओमन ला महामारी के बस म कर दीस।
51
ओह मिसर देस के जम्मो पहिलांतमन ला मार डारिस, जेमन हाम के डेरामन म मरदानगी के पहिला फर रिहिन।
52
पर ओह अपन मनखेमन ला पसुमन के झुंड सहीं बाहिर निकालिस; निरजन जगह म भेड़ के सहीं ओह ओमन के अगुवई करिस।
53
ओह ओमन ला सुरकछित निकालिस, जेकर ले ओमन निडर रिहिन; पर ओमन के बईरीमन समुंदर म बुड़ गीन।
54
अऊ ये किसम ले ओह ओमन ला अपन पबितर देस के सीमना, ओ पहाड़ी देस म लानिस, जेला ओकर जेवनी हांथ ह लेय रिहिस।
55
ओह ओमन के आघू ले जाति-जाति के मनखेमन ला भगा दीस अऊ ओमन के जमीन अपन मनखेमन ला निज भाग के रूप म दे दीस; ओह इसरायल के गोत्रमन ला ओमन के घर म बसाईस।
56
पर ओमन परमेसर के परिछा लीन अऊ सर्वोच्च परमेसर के बिरूध बिदरोह करिन; ओमन ओकर कानून-बिधिमन ला नइं मानिन।
57
अपन पुरखामन के सहीं ओमन बिसवासघाती अऊ बेईमान निकलिन, एक निकम्मा धनुस के सहीं धोखा दीन।
58
ओमन देवतामन बर ऊंच जगहमन ला बनाके ओला गुस्सा दिलाईन; ओमन मूरतीमन ला बनाके ओमा जलन पईदा करिन।
59
जब परमेसर ह ओमन के सुनिस, त ओह बहुंत गुस्सा होईस; ओह इसरायल ला पूरा तियाग दीस।
60
ओह सीलो सहर के ओ पबितर-तम्बू ला तियाग दीस, जेला ओह मनखेमन के बीच खड़े करे रिहिस।
61
ओह अपन ताकत के सन्दूक ला बंधुवई म, अऊ अपन सोभा ला बईरीमन के हांथ म दे दीस।
62
ओह अपन मनखेमन ला तलवार ले मरवा दीस; ओह अपन निज भाग के मनखेमन ऊपर बहुंत गुस्सा होईस।
63
आगी ह ओमन के जवानमन ला भसम कर दीस, अऊ ओमन के जवान छोकरीमन बर कोनो बिहाव के गीत गाय नइं गीस;
64
ओमन के पुरोहितमन तलवार ले मार डारे गीन, अऊ ओमन के बिधवामन रोए नइं सकिन।
65
तब परभू ह मानो नींद ले जागिस, जइसे कोनो योद्धा ह मंद के मूर्छा ले जागथे।
66
ओह अपन बईरीमन ला मार भगाईस; ओह ओमन ला हमेसा बर लज्जित करिस।
67
तब ओह यूसुफ के तम्बू ला तियाग दीस, अऊ एपरैम के गोत्र ला नइं चुनिस;
68
पर ओह यहूदा के गोत्र, सियोन पहाड़ ला चुन लीस, जेला कि ओह मया करिस।
69
ओह अपन पबितर-स्थान ला ऊंचहा जगह सहीं बनाईस, धरती के सहीं बनाईस, जेला ओह हमेसा बर रखिस।
70
ओह अपन सेवक दाऊद ला चुनिस अऊ ओला भेड़मन के बाड़ा ले लेय लीस;
71
भेड़ चराय के काम ले दाऊद ला हटाके ओह ले आईस ताकि दाऊद ह ओकर मनखे याकूब, ओकर निज भाग इसरायल के चरवाहा बनय।
72
अऊ दाऊद ह पूरा ईमानदारी से ओमन के देखरेख करिस; अपन कुसल हांथ ले ओह ओमन के अगुवई करिस।
← Chapter 77
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 51
Chapter 52
Chapter 53
Chapter 54
Chapter 55
Chapter 56
Chapter 57
Chapter 58
Chapter 59
Chapter 60
Chapter 61
Chapter 62
Chapter 63
Chapter 64
Chapter 65
Chapter 66
Chapter 67
Chapter 68
Chapter 69
Chapter 70
Chapter 71
Chapter 72
Chapter 73
Chapter 74
Chapter 75
Chapter 76
Chapter 77
Chapter 78
Chapter 79
Chapter 80
Chapter 81
Chapter 82
Chapter 83
Chapter 84
Chapter 85
Chapter 86
Chapter 87
Chapter 88
Chapter 89
Chapter 90
Chapter 91
Chapter 92
Chapter 93
Chapter 94
Chapter 95
Chapter 96
Chapter 97
Chapter 98
Chapter 99
Chapter 100
Chapter 101
Chapter 102
Chapter 103
Chapter 104
Chapter 105
Chapter 106
Chapter 107
Chapter 108
Chapter 109
Chapter 110
Chapter 111
Chapter 112
Chapter 113
Chapter 114
Chapter 115
Chapter 116
Chapter 117
Chapter 118
Chapter 119
Chapter 120
Chapter 121
Chapter 122
Chapter 123
Chapter 124
Chapter 125
Chapter 126
Chapter 127
Chapter 128
Chapter 129
Chapter 130
Chapter 131
Chapter 132
Chapter 133
Chapter 134
Chapter 135
Chapter 136
Chapter 137
Chapter 138
Chapter 139
Chapter 140
Chapter 141
Chapter 142
Chapter 143
Chapter 144
Chapter 145
Chapter 146
Chapter 147
Chapter 148
Chapter 149
Chapter 150
Chapter 79 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36
37
38
39
40
41
42
43
44
45
46
47
48
49
50
51
52
53
54
55
56
57
58
59
60
61
62
63
64
65
66
67
68
69
70
71
72
73
74
75
76
77
78
79
80
81
82
83
84
85
86
87
88
89
90
91
92
93
94
95
96
97
98
99
100
101
102
103
104
105
106
107
108
109
110
111
112
113
114
115
116
117
118
119
120
121
122
123
124
125
126
127
128
129
130
131
132
133
134
135
136
137
138
139
140
141
142
143
144
145
146
147
148
149
150