Psalms 89
Chhattisgarhi
2मेंह घोसना करहूं कि तोर मया ह हमेसा अटल बने रहिथे, तेंह स्वरग म अपन बिसवासयोग्यता ला इस्थिर करे हस।
41ओ जम्मो, जऊन मन उहां ले होके जाथें, ओमन ओला लूट ले हवंय; ओह अपन परोसीमन बर अपमान के चीज बन गे हवय।