bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Kumaoni
/
kumaoni
/
John 5
John 5
kumaoni
← Chapter 4
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 6 →
1
इन बातुन का बाद यहूदीन को एक त्यार भ्योछ, और यीशु यरूशलम शैहर खिन ग्यान।
2
और यरूशलम शैहर में भेड़-फाटका पास एक ताल छ्यो जैस इब्रानी भाषा में बैतहसदा कुंनान, और उक चारू तरफ पाँच बरामदा छ्या।
3
इनून में भौतसा बिमार अन्धा, लंगड़ा, और लकवा का रोगी पानि का हिलनाका इन्तजार में पड़ीना का रूछ्या।
4
क्याखिनकि खास बखत में परमेश्वरो को स्वर्गदूत ताल में उतर भेरन पानि स हिलूछ्यो। पानि का हिलाई जाना का बाद, जो कोई पैलि उतर जा छ्यो, उ चंगो हो जा छ्यो, चाहे कसी ले बिमारी क्याखिन नै हो।
5
वाँ एक आदिमी छ्यो, जो अड़तीस सालून भटे बिमारी में पड़ीनाको छ्यो।
6
यीशु ले ऊस पड़ीनाको देखिभेरन और यो जाणिभेरन कि उ भौत दिनून भटे इसा हालत में छै, तब यीशु ले उथैं पुछ्छै, “क्या तैं चंगो हुन चाछैई?”
7
तब उ बिमारी ले ऊस जबाब दीछ, “हे प्रभु, म्यारा दगाड़ में कोई नाहातिन, कि जब पानि हिलाई जाछो, त ताल का पास लीजान खिन कोई ले मेरि मद्दत नै करूनो, मैं त ताल में जानान की कोशिश करछूँ, लेकिन कोई दुसोरो म्यारा है पैलि वाँ पुज जाछो।”
8
यीशु ले उथैं क्योछ, “उठ, अपूनो बिछान उठौ और चल फिर।”
9
उ आदिमी तुरन्त चंगो हो ग्यो, और अपूनी बिछान उठाभेरन चलून फिरून लागछ्य। जै दिना यो भ्योछ उ सबत को दिन छ्यो।
10
यो बात में यहूदी अगुवा जो चंगा होईना को छ्यो, “आज सबता का दिन छै, और मूसा का नियम-कानून का अनुसार तैंस बिछान उठाभेरन लीजानो ठीक नाहातिन।”
11
उले उनून जबाब दीछ, “जेलै मैंस चंगो करछ्य, उलेई मैंथैं क्योछ, ‘अपूनो बिछान उठाभेरन चल फिर’।”
12
उनूनले उथैं पुछ्छै, “उ आदिमी को छै, जेलै तैथैं क्योछ, ‘बिछान उठाभेरन चल फिर’?”
13
लेकिन जो चंगो हो ग्यो छ्यो, उ नी जाण छ्यो कि उको छ्यो; क्याखिनकि यीशु उ जाग में ज्यादा भीड़ हुना का कारण यीशु दिखाई नी दिन मरेछ्या।
14
थ्वाड़ा बखत का बाद उ यीशु स मन्दिर का आँगन में मिलछ्य, तब यीशु ले उथैं क्योछ, “देख, तैं अब चंगो हो ग्योछ; फिर पाप जन करे, काँई इसो नै हो कि यो भटे ले भारी बिपत्ति तैंमें आ पड़ो।”
15
उ आदिमी ले जाभेरन यहूदी अगुवान थैं कै दीछ, कि जेलै मैंस चंगो करछ्य, उ यीशु छै।
16
येक कारण यहूदी अगुवा यीशुस सतून लाग्यान, क्याखिनकि यीशु इसा-इसा काम सबता का दिन करछ्यो।
17
यो बात में यीशु ले उनूनथैं क्योछ, “म्येरो पिता परमेश्वर हमेशा काम करछ्यो और मैंस ले काम करूँ चैछो।”
18
क्याखिनकि यीशु की यो बात सुणभेरन यहूदी अगुवा ऊस मारना की और ज्यादा कोशिश करून लाग्यान, कि नै केवल सबता का दिन की नियम तोड़छो, बल्कि परमेश्वर स अपूनी पिता कैभेरन, अपूनास परमेश्वरा का बराबर बनू छ्यो।
19
यो बात में यीशु ले उनूनथैं क्योछ, “मैं तुमूनथैं सच्ची-सच्ची कुछूँ, मैं खुद के नै कर सकनू, केवल मैं जो पिता परमेश्वर करून देखछूँ, क्याखिनकि जिन-जिन कामून उ करछ्यो, मैंले उनून उई तरीका ले करछूँ।
20
येक कारण पिता परमेश्वर मैंस प्रेम करछो, और जो-जो काम उ करछो, उ काम मैंस दिखूछो; और मैंले येहैं ले ठूला काम ऊस दिखालो, ताकि तुम ताजुब करा।
21
क्याखिनकि जसकैं पिता परमेश्वर मरिना का लोगून फिर ज्यूनो करछो, उसीकैं मैंले जिनून चांछूँ, उनून फिर ज्यून करछूँ।
22
क्याखिनकि जसा तरीका ले लोग पिता परमेश्वरो को आदर करनान, उसीकैं म्येरो मतलब च्याला को ले आदर करून, पिता परमेश्वर ले मैंस न्याय करनान को पुरो अधिकार दी रैछ। अगर कोई म्येरो आदर नै करूनो, त उ पिता परमेश्वरो को ले आदर नै करूनो, जैले मैंस भेज रैछ।
24
मैं तुमूनथैं सच्ची-सच्ची कुछूँ, जो म्येरो बचन सुणिभेरन म्यारा भेजून वाला में विश्वास करछो, अनन्त जीवन उको छै, और ऊस दंड नी दी जालो, लेकिन उन हमेशा की मौत भटे बच ग्यान और पैलि भटे नय्या जीवन में प्रवेश कर चुक ग्यान।
25
मैं तुमूनथैं सच्ची-सच्ची कुछूँ, उ बखत उछो, और ऐल छै, जैमें मरिनाका लोग परमेश्वरा का च्याला की मतलब मेरि आवाज सुणाला, और जो सुणाला उन हमेशा खिन ज्यून रौला।
26
क्याखिनकि जसा तरीका ले पिता परमेश्वर अपून आप में जीवन राखछ्यो, उसीकैं उले मैंस यो अधिकार दी रैछ कि अपून आप में जीवन राखूँ।
27
मैं आदिमी का च्योलो छूँ, येक कारण पिता परमेश्वर ले मैंस सब लोगून को न्याय करना को अधिकार दी रैछ।
28
येमें ताजुब जन करा; क्याखिन उ बखत ऊँनवालो छै, कि मरिनाका लोग जो कबरून में छन, उन सब मेरि आवाज सुणिभेरन ज्यून हो भेरन ठाड़ हो जाला।
29
जिनूनले भलाई काम करिना का छन, उन अनन्त जीवन पान खिन ज्यून होला, और जिनूनले बुर काम करिना का छन, उन दण्ड पान खिन ज्यून होला।
30
मैं खुद के नै कर सकनू; मैं लोगून को न्याय उसीकैं करछूँ जसीकैं पिता परमेश्वर उनोरो न्याय करून खिन कुंछो, और म्येरो न्याय सच्चो छै; क्याखिनकि मैं अपून मरजी ले नै, लेकिन अपून भेजून वाला की मरजी ले करछूँ।
31
अगर मैं अपूनी गवै अफी दी छूँ; तो मेरि गवै सच्ची नै हो सकनी।
32
एक और छै जो म्येरो पिता परमेश्वर छै, उ म्यारा बारिमें गवै दीछो, और मैं जाणछूँ कि मेरि जो गवै दीछो, उ सच्ची छै।
33
जब तुमून ले लोगून यहूना बपतिस्मा दिनवाला का पास म्यारा बारिमें पुछून खिन भेजछ्य, और उले सच्च की गवै दीछ।
34
लेकिन मैं अपून बारिमें आदिमीन की गवै नै चानू; फिरले मैंले गवै का बारिमें बताछै जो यहूना ले दीईना की छी ताकि तुम उद्धार पा सका।
35
यहूना एक दीया की नियाती जलछो और चमक छ्यो; और तुमून थ्वाड़ देर तक उक उज्याला में मगन हुन निको लागछ्य।
36
म्यारा पास यहूना है ठूली गवै छै, पिता परमेश्वर ले मैंस पुरो करनै खिन दी रैछ, उई म्यारा बारिमें गवै दीछो। जो काम मैं करछूँ, उ गवै दीछो कि पिता परमेश्वर ले मैंस भेज रैछ।
37
और पिता परमेश्वर जेलै मैंस भेज रैछ, उले मेरि गवै दी रैछ, तुमूले नै कभै उकी आवाज सुणछै और नै कभै ऊस आमने-सामने देखछै।
38
और उक संदेशून मन में मजबूती ले नै राखना, क्याखिनकि तुम मैंमें विश्वास नै करना, जैस परमेश्वर ले भेज रैछ।
39
तुम पवित्रशास्त्र का बचन ध्यान ले पढ़भेरन खोज छा, क्याखिनकि समझछा की उमें अनन्त जीवन मिलछो, और यो उई बचन छै, जो मेरि गवै दीछो;
40
लेकिन यो सब हुनै पर ले तुम अनन्त जीवन पान खिन म्यारा पास ऊँन नै चाँना।
41
मैं आदिमीन थैं आदर उमीद नै करनू।
42
क्याखिनकि मैं तुमून जाणछूँ, कि तुम अपून मन ले परमेश्वर स प्रेम नै करना।
43
मैं अपून पिता परमेश्वरा का अधिकार का दगाड़ आरयूँ, और तुम मैंस स्वीकार नै करना, और कोई अपून अधिकार ले आलो त ऊस स्वीकार कर लीछा।
44
तुम मैंमें विश्वास नै कर सकना, क्याखिनकि तुम एक दुसरा स खुश करून चाछा, और तुम सच्चा परमेश्वर भटे तारीफ पाना की कोशिश नै करना।
45
यो नै समझा कि मैं पिता परमेश्वरा का सामुनि तुमून में दोष लगूलो, तुमून में दोष लगून वालो त मूसा छै, जैमें तुम आश राखछ्या।
46
क्याखिनकि अगर तुम मूसा को विश्वास करना, त मैंमें ले विश्वास करना, येक कारण कि उले म्यारा बारिमें पवित्रशास्त्र का लेखून में लिख रैछ।
47
अगर तुम उकी लेखून में विश्वास नै करना, त तुम जरूर यो बातुन में ले विश्वास करना कि मैं कि कुंछूँ।”
← Chapter 4
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 6 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21