bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Kumaoni
/
kumaoni
/
Romans 2
Romans 2
kumaoni
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 3 →
1
येक कारण तैं यो सोचनै होलै की तैं इस लोगून में दोष लगा सकछै, तैं जो दुसरान में लगूछै त्यारा पास कोई बाहान नाहातिन। किलैकी जै बात में तैं दुसरान में दोष लगूछै, उई बात में अपूनास ले दोषी ठैहरू छै, येक कारण तैं जो दोष लगूछै, खुदै उई काम करछै।
2
हमून पत्तो छै, की परमेश्वर उनून जरूर सजा द्याला, जो इन बुर कामून करनान।
3
और जब की तैं जो बुर काम करून वालान में दोष लगूछै। और खुद उई काम करछै, त क्या तै यो समझछै कि परमेश्वरा का दण्ड है बचि जाले?
4
क्या तैं परमेश्वरे की भलाई, और शहनशीलता, और दया स तुच्छ जाण छै? क्या तैं यो नै समझनै की परमेश्वरे की भलाई तैंस पापून भटे पश्चाताप करना का बारिमें सिखूछी?
5
लेकिन तैं हठी छै और अपून पापून भटे पश्चाताप करून है मना करछै। येक कारण जै दिन परमेश्वर अपूनो क्रोध दिखालो, उमें परमेश्वरो को सच्चो न्याय होलो, जै दिन परमेश्वर न्याय कराला उ दिन परमेश्वर तैंस कड़ी सजा द्योलो।
6
उ हरेक स उक कामून का अनुसार ईनाम द्योलो।
7
और जो लोग निका कामून करभेरन महिमा, सम्मान और अनन्त जीवनै की खोज में छन, उनून परमेश्वर अनन्त जीवन द्योलो।
8
लेकिन जो लोग स्वार्थी छन, और सच्चाई स नै मानना, और जो बुर काम करनान उनूनमें परमेश्वर अपून क्रोध और कोप दिखालो।
9
और हरेक आदिमी में मुसीबत और खतरा आला, जो बुर काम करनान, परमेश्वर सबून है पैलि यहूदी लोगून को न्याय करोलो और फिर उनोरो जो यहूदी नाहातिन।
10
लेकिन हरेक निका काम करून वालान स महिमा, सम्मान और शान्ति मिलेली। परमेश्वर सबून है पैलि यहूदी लोगून द्योलो और फिर उनून जो यहूदी नाहातिन।
11
क्याखिनकि परमेश्वर सबून को न्याय एक समान करोलो।
12
येक कारण की जिनूनले मूसा का नियम-कानूनक जाणै बिना पाप करछ्य, उन बिना नियम-कानून परमेश्वर भटे सजा पाला; लेकिन जो यहूदी लोग मूसा का नियम-कानून स जाणभेरन पाप करनान, उन ले परमेश्वरे की सजा मूसा का नियम-कानूनक अनुसारै पाला।
13
क्याखिनकि परमेश्वर उन लोगून धर्मी नै ठैहरून जो मूसा का नियम-कानून स सुणनान लेकिन उनून धर्मी ठैहरूछो जो मूसा का नियय-कानून को पालन करनान जो उ उनून करून खिन कुंछो।
14
फिर गैर-यहूदी लोग जिनारा पास मूसा का नियम-कानून नाहातिन, उन स्वभाव है मूसा का नियम-कानून में लिखीना की बातुन करनान, तो मूसा का नियम-कानून उनार पास नै हुन पर ले उन यो साबित करनान की मूसा का नियम कानून उनार मनून में छन।
15
उन यो देखूनान की परमेश्वरा का द्वारा दीईनाक मूसा का नियम-कानून उनार मनून में लिखीनाक छन, किलैकी उनोरो जमीर ले यो बात की गवाही दीछो, की यो सच्ची छै किलैकी उनोरो विचार कभै उनूनमें दोष लगूनान त कभै उनून यो बतुनान की उन सही करून मर्यान।
16
यो सब उ दिन होलो जब परमेश्वर यीशु मसीहक द्वारा म्यारा जरियाले सुणाईना को सुसमाचाराक अनुसार लोगून का गुप्त विचारून को ले न्याय कराला।
17
किलैंकी तुम अपूनास यहूदी कुँछा, और मूसा का नियम-कानून में भरोस राखछा, और घमण्ड करछा की तुम परमेश्वरा का खास लोग छा।
18
तुमून परमेश्वर की मरजी पत्तो छै, तुम निकी-निकी चीजून खिन राजी छा किलैंकी तुमून इनारा बारिमें मूसा ले नियम-कानून भटे सिखाई ग्योछ।
19
तुमून भरोस छै की तुम लोग इसा छा जो अन्धा लोगून परमेश्वरो को बाट दिखो, तुम उन लोगून खिन एक उज्याला की नियाती छा जो अन्यारा में पड़ीनाक छन।
20
और बुद्धीहीनून सिखून वाला, और उन लोगून को गुरू छूँ, जो परमेश्वर में अब तक नान्तिन छन। और तुमून भरोस छै की मूसा का नियम-कानून हुना का कारण तुमून सब कुछ पुर रीतिले पत्तो छै और जो तुम कुँछा उ बिलकुल सच्ची छै।
21
लेकिन तुम जो दुसरान शिक्षा दीछा, अपूनास शिक्षा नै दिना? तुम प्रचार करछा, “चोरी जन करा,” और खुद चोरी करछा।
22
तुम जो कुँछा, “ब्यभिचार जन कर्या,” त खुदै ब्यभिचार किलै करछा? जो मूर्तिन भटे नफरत करछा, क्या खुदै मन्दिरून नै लुटना?
23
तुमून तुमार पास परमेश्वरो को नियम-कानून हुना को घमण्ड छै, क्या मूसा का नियम-कानून नै मानभेरन, परमेश्वरो को अनादर करछा?
24
येक कारण पवित्रशास्त्र में लिखीनाको छै, “कि तुम, यहूदीन का बुर कामून का कारण गैर-यहूदी लोग परमेश्वर की नाम की निन्दा करनान।”
25
मैं तुमूनथैं के कुंन चाँछूँ। तुमारा खतना करि जाना कीमत केवल तभै छै जब तुम मूसा का नियम-कानून को पालन करछा, लेकिन अगर तुम उ नै करना जो मूसा का नियम-कानून कूछो, तुम खतना करिना का यहूदी लोग उन लोगून की नियाती छा जो यहूदी नाहातिन और जिनोरो खतना नै भ्यो।
26
येक कारण अगर कोई आदिमी शरीरो को खतना करिनाक बिना मूसा का नियम-कानून को पालन करो, त परमेश्वर इसा आदिमी स उई नियाती देखछो जैको खतना हो र्योछ?
27
और जो लोग खतना कराये बिना पुरी नियम-कानून को पालन करछो, त क्या त्यारा पास मूसा का नियम-कानून छन और खतना करिजान में ले नियम-कानून को पालन नै करनै, क्या तै दोषी नै ठैहराई जालै?
28
किलैंकी यो इसो नाहातिन की तैं यहूदी पैद भैछै और किलैंकी तुमोरो खतना भ्योछ उ तुमून सच्चो यहूदी बनूछो।
29
लेकिन एक सच्चो यहूदी उई छै, जैको मन परमेश्वरा का दगाड़ सही छै और सच्चो खतना केवल मूसा का नियम-कानून मानून नाहातिन, पर मनोको बदलून छै जो की परमेश्वरे की आत्मा का द्वारा हुछो, इसा लोगून की महिमा लोगून का द्वारा नै लेकिन परमेश्वरे की तरफ भटे हुछी।
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 3 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16