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Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
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1 Thessalonians 3
1 Thessalonians 3
Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
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1
तेँ अन्त मे जखन हमरा सभ केँ आरो नहि रहल गेल तँ ई नीक बुझायल जे हम सभ अपने एथेन्स नगर मे रही,
2
और अहाँ सभ लग तिमुथियुस केँ पठाबी। ओ हमरा सभक भाय और मसीहक शुभ समाचार सुनाबऽ मे परमेश्वरक संग-संग काज कयनिहार छथि। हुनका एहि लेल पठौलहुँ जे ओ अहाँ सभ केँ विश्वास मे मजगूत करथि और अहाँ सभक हिम्मत बढ़बथि,
3
जाहि सँ अहाँ सभ मे सँ केओ एहि अत्याचार सभक कारणेँ जे अहाँ सभ सहि रहल छी डगमगाय नहि लागी। अहाँ सभ तँ जनिते छी जे एहन कष्ट अपना सभक जीवन मे अयबेटा करत।
4
हम सभ अहाँ सभक ओतऽ जखन छलहुँ तँ अहाँ सभ केँ कहबो कयलहुँ जे अपना सभ केँ अत्याचारक सामना अवश्य करऽ पड़त, आ जेना अहाँ सभ जनिते छी, से बात भेबो कयल।
5
तेँ जखन हमरा आरो नहि रहल गेल तँ हम अहाँ सभक विश्वासक हाल-समाचार बुझबाक लेल तिमुथियुस केँ अहाँ सभ लग पठौलहुँ। हमरा डर छल जे कतौ एना तँ नहि भेल जे धोखा देबऽ वला शैतान अहाँ सभ केँ लोभ देखौने होअय आ हमरा सभक मेहनत बेकार भऽ गेल होअय।
6
मुदा तिमुथियुस एखने अहाँ सभक ओहिठाम सँ आबि गेलाह और अहाँ सभक विश्वास आ प्रेमक नीक समाचार सुनौलनि। ओ कहलनि जे अहाँ सभ हमरा सभ केँ सदिखन प्रेम सँ याद करैत छी आ हमरा सभ केँ फेर देखबाक लेल ओतेक उत्सुक छी जतेक हम सभ अहाँ सभ केँ देखबाक लेल।
7
यौ भाइ लोकनि, अहाँ सभक विश्वासक समाचार जानि हमरा सभ केँ अपन सभ कष्ट-विपत्ति मे अहाँ सभक विषय मे प्रोत्साहन भेटल।
8
अहाँ सभ प्रभु मे स्थिर छी, से सुनि आब हमरा सभ मे जान आबि गेल!
9
अहाँ सभक कारणेँ जे अपना सभक परमेश्वरक सम्मुख हमरा सभक बड़का आनन्द अछि, तकरा लेल हम सभ परमेश्वर केँ कोन शब्द सँ धन्यवाद दियनि?
10
हम सभ दिन-राति पूरा मोन सँ हुनका सँ ई प्रार्थना करैत रहैत छी जे हम सभ अहाँ सभ केँ फेर देखि सकी और अहाँ सभक विश्वास मे जे कमी रहि गेल अछि, तकरा पूरा कऽ सकी।
11
आब अपना सभक पिता परमेश्वर स्वयं और अपना सभक प्रभु यीशु हमरा सभक लेल अहाँ सभ लग अयबाक रस्ता खोलथि।
12
प्रभु एना करथि जे, जाहि तरहेँ हम सभ अहाँ सभ सँ प्रेम करैत छी, ताहि तरहेँ अहाँ सभक प्रेम एक-दोसराक लेल और सभ लोकक लेल बढ़ैत आ उमड़ैत रहय।
13
ओ अहाँ सभक मोन स्थिर करथि जाहि सँ अपना सभक प्रभु यीशु जहिया अपन सभ पवित्र लोकक संग औताह तहिया अहाँ सभ अपना सभक पिता परमेश्वरक सम्मुख पवित्र आ निर्दोष पाओल जाइ।
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