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Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
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1 Timothy 1
1 Timothy 1
Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
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1
हम पौलुस, जे अपना सभक उद्धारकर्ता-परमेश्वरक आज्ञा सँ, आ मसीह यीशु जे अपना सभक आशाक आधार छथि तिनकर आज्ञा सँ, मसीह यीशुक एक मसीह-दूत छी,
2
से विश्वासक दृष्टि सँ अपन असली पुत्र तिमुथियुस केँ ई पत्र लिखि रहल छी— पिता परमेश्वर आ अपना सभक प्रभु, मसीह यीशु अहाँ पर कृपा आ दया करथि आ अहाँ केँ शान्ति देथि।
3
जहिना मकिदुनिया प्रदेश जाइत काल हम अहाँ सँ आग्रह कयने छलहुँ, तहिना एखनो हमर आग्रह अछि जे अहाँ इफिसुसे नगर मे रहि जाउ, जाहि सँ ओहिठाम जे किछु लोक गलत शिक्षा दऽ रहल अछि तकरा सभ केँ आदेश दिऐक जे ओ सभ एहन शिक्षा देनाइ बन्द करय,
4
आ काल्पनिक दन्तकथा सभ और असंख्य वंशावली सभक चक्कर मे पड़ल नहि रहय। ओहि सँ मात्र वाद-विवाद बढ़ैत अछि, ने कि परमेश्वरक काज, जे विश्वास पर आधारित अछि।
5
हमर एहि आदेशक लक्ष्य ई अछि जे ओ प्रेम बढ़य जे शुद्ध मोन, निर्दोष विवेक आ निष्कपट विश्वास सँ उत्पन्न होइत अछि।
6
किछु लोक एहि सभ केँ छोड़ि, बाट सँ भटकि निरर्थक विवादक बात बजैत रहैत अछि।
7
ओ सभ धर्म-नियम सिखाबऽ वला गुरु बनऽ चाहैत अछि, मुदा जे बात ओ सभ कहैत अछि और जाहि विषय पर जोर दैत अछि तकरा अपने नहि बुझैत अछि।
8
अपना सभ जनैत छी जे जँ धर्म-नियमक उचित उपयोग कयल जाय, तँ ओ उत्तम वस्तु अछि।
9
एहि पर ध्यान रहय जे धर्म-नियम धर्मी लोक सभक लेल नहि, बल्कि अपराधी और अधीन मे नहि रहऽ वला, परमेश्वरक डर नहि मानऽ वला और पापी, नास्तिक और धर्म-विरोधी, माय-बाबूक हत्या कयनिहार और खूनी,
10
परस्त्रीगमन कयनिहार और समलैंगिक सम्बन्ध रखनिहार लोक, मनुष्य केँ किनऽ-बेचऽ वला, झूठ बाजऽ वला और झूठ गवाही देबऽ वला, और ओहि सभ लोकक लेल अछि जे सभ आरो-आरो तेहन कोनो काज सभ करैत अछि जे सही सिद्धान्तक विपरीत अछि।
11
सही सिद्धान्त ओ अछि जे यीशु मसीहक शुभ समाचार सँ मिलैत अछि—ओ शुभ समाचार जे परमधन्य परमेश्वरक महिमा केँ प्रगट करैत अछि आ जकरा सुनयबाक काज हमरा सौंपल गेल अछि।
12
ई काज करबाक लेल अपना सभक प्रभु, मसीह यीशु, हमरा सामर्थ्य देलनि। हम हुनका धन्यवाद दैत छियनि, जे ओ हमरा विश्वासयोग्य बुझि अपन सेवा मे नियुक्त कयलनि,
13
जखन कि हम पहिने हुनकर निन्दा करैत छलहुँ, हुनकर लोक केँ सतबैत छलहुँ आ खुलि कऽ हुनकर अपमान करैत छलहुँ। मुदा हमरा पर हुनकर दया भेलनि, कारण, हमरा सँ ओ सभ काज अज्ञानता आ अविश्वासक दशा मे भेल छल।
14
और देखू, अपना सभक परमेश्वर हमरा पर असीम कृपा कयलनि और संगे-संग हमरा ओहि विश्वास आ प्रेम सँ भरि देलनि जे मसीह यीशु द्वारा भेटैत अछि।
15
ई एक सत्य बात अछि, जकर विश्वास सभ केँ करबाक चाही—मसीह यीशु संसार मे पापी सभ केँ बचयबाक लेल अयलाह। और ओकरा सभ मे सँ सभ सँ बड़का पापी हम छी।
16
मुदा यैह कारण छल जे हमरा पर मसीह यीशुक दया भेलनि, जाहि सँ सभ सँ बड़का पापी पर ओ अपन असीम धैर्य प्रगट करथि, और एहि तरहेँ बाद मे आबऽ वला ओहि लोक सभक लेल हम एक उदाहरण बनिएनि जे सभ हुनका पर विश्वास कऽ कऽ अनन्त जीवन पौनिहार बनताह।
17
युग-युगक राजा, अविनाशी, अदृश्य और एकमात्र परमेश्वरक सम्मान और स्तुति युगानुयुग होइत रहनि। आमीन।
18
यौ हमर प्रिय बालक तिमुथियुस, बितल समय मे अहाँक बारे मे जे परमेश्वरक दिस सँ सम्बाद पाओल गेल छल, तकरे अनुरूप हम अहाँ केँ ई काज सौंपैत छी, जाहि सँ ओहि सम्बाद सँ प्रेरणा पाबि अहाँ सत्यताक लेल नीक लड़ाइ मे लागल रहू।
19
विश्वास मे अटल रहू आ अपन विवेक केँ शुद्ध राखू। एहि दूनू बात केँ किछु लोक बेकार बुझि अपन विश्वास केँ नष्ट कऽ लेने अछि।
20
ओहि मे हुमिनयुस आ सिकन्दर अछि। ओकरा सभ केँ हम शैतानक जिम्मा मे दऽ देने छी, जाहि सँ ओ सभ ई सिखय जे परमेश्वरक निन्दा नहि करबाक अछि।
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