bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Marwari
/
Marwari Bible
/
2 Corinthians 2
2 Corinthians 2
Marwari Bible
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 3 →
1
इण वास्तै म्हैं म्हारै मन में ठान लियौ हो की वळै थौरे खनै उदास करणै नीं आऊं।
2
क्यूंकै जे म्हैं थांनै उदास करूं, तो म्हनै खुस करणैवाळौ कुण होवैला? कैवल थै इज जिणौनै म्हैं उदास करूं।
3
अर म्हैं आहीज बात थांनै इण वास्तै लिखी ही, की कठैई ऐड़ौ नीं हो, की म्हारै आवण पे जिण ऊं म्हनै आंणंद मिलनौ चाहीजै, म्हैं उणौ ऊं उदास होऊं। क्यूंकै म्हनै थां सगळौ ऊपर इण बात रौ भरोसौ है, की जिकौ म्हारौ आंणंद है, वोहीज थां सगळौ रौ आंणंद है।
4
काळजै रै कस्ट अर कलेस रै खातर रो-रोयनै म्हैं थांनै चिठ्ठी लिखी ही, इण वास्तै कोनीं, की थांनै दुखी करूं पण इण वास्तै की थै उण घणै परैम नै जांण लौ, जिकौ म्हनै थौरे ऊं है।
5
अर जे किणी नै दुख दियौ है, तो उणै म्हनै इज कोनीं बल्कि कीं-कीं थां सगळौ नै दुख दियौ है। म्हैं उणरै साथै घणी कठोरता नीं करतौ
6
ऐड़ै मिनख रै लियै ओ डंड जिकौ थां विसवासी भाइयो में ऊं घणै जणौ दियौ, घणौ है।
7
इण वास्तै इण ऊं ओ भलौ है की उणरौ अपराध माफ करौ। अर तसली दो, नीं हो की ऐड़ौ मिनख उदासी में डूब जावै।
8
इण खातर म्हैं थांरै ऊं विणती करूं हूं, की उणनै अपणै परैम रौ सबूत दो।
9
क्यूंकै म्हैं इण वास्तै भी लिख्यौ हो, की थांनै परख लूं, की थै म्हारी सगळी बातां नै मांनणै रै लियै तैयार हो, की कोनीं।
10
जिणरौ थै कीं माफ करौ हो उणनै म्हैं भी माफ करूं हूं, क्यूंकै म्हैं भी जिकौ कीं माफ किया है, जे किया है, तो थौरे खातर मसीह में होयनै माफ किया है,
11
की सैतान रौ म्हौ ऊपर दाव नीं चलै। क्यूंकै म्हौ उणरी चाल ऊं अजांण कोनीं।
12
जद म्हैं मसीह रौ सुभ संदेस सुणाणै त्रोआस आयौ, तद परभु नै म्हारै वास्तै एक द्धार खोल दियौ।
13
पण उठै म्हैं अपणै भाई तीतुस नै नीं पायो। इण वास्तै म्हारै काळजै में सानति नीं मिळी, अर पछै उणौ ऊं विदा होयनै म्हैं मकिदुनिया परदेस चाल दियौ।
14
पण परमेसर रौ धन्यवाद हो, जिकौ मसीह में हमेसां म्हौ नै जय रै तैंवार में लियै फिरै है, अर अपणै ग्यांन री सुगंध म्हौरै जरियै हरैक जगा फैलावे है।
15
क्यूंकै म्हौ परमेसर रै नजीक उद्धार पावणवाळौ, अर नास होवणवाळौ, दोनूं रै लियै मसीह री सुगंध हो।
16
जिकौ नास हो रिया है, उणरै लियै म्हौ मौत री घातक बदबू, अर उद्धार हासल करता जा रिया मिनखौ रै लियै जीवन री प्राणदायी सुगंध है। पण इण बातां रै लायक कुण है?
17
म्हौ उण सगळौ रै ज्यूं कोनीं, जिकौ परमेसर रै वचन में अपणै फायदे रै लियै मिलावट करै है। पण साचै मन ऊं, अर परमेसर री तरफ ऊं परमेसर नै हाजिर जांणनै मसीह में बोलो हो।
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 3 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13