bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bundeli
/
Bundeli
/
Revelation 21
Revelation 21
Bundeli
← Chapter 20
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 22 →
1
मैंने नए आकास और नईं धरती हां तको, कायसे पेंला धरती और आकास लोप हो गए हते, और समुन्दर सोई न रहो।
2
फिन मैंने पवित्तर नगर नये यरूशलेम हां सरग पै से परमेसुर के ऐंगर उतरत देखो, जो मानो एक दुलैया जैसी सजी संवरी हती, जैसे अपने घरवारे के लाने सजी होबै।
3
फिन मैंने सिंहासन में से कोऊ हां जा टेर लगात सुनो, कि हेर, कि परमेसुर कौ डेरा मान्सन के बीच में आय; और मान्सन उनके संग्गै रै हैं, और बे मान्सन के परमेसुर कहा हैं।
4
और बे उनकी आंखन से अंसुआ पोंछ डाल हैं; और ईके पाछें मरबो न हुईये, और न रोबो, न किलपबो, और न पिरातो हुईये; पेंला की सबरी बातें चली गईं।
5
और जो सिंहासन पे बिराजे हते, ऊ ने कई, कि तको, मैं सब कछु नओ करें देत आंव: और बोले लिख लेओ, कायसे जे बचन बिसवास के जोग और सांचे आंय।
6
फिन ऊ ने मोय से कहो, जे बातें पूरी हो गई आंय, मैं अलफा और ओमिगा, शुरु और अन्त आंव: मैं प्यासे मान्स हां जीवन के जल के झरने से सेंत मेंत पिला हों।
7
जो पिरभू की बातन में पक्को कड़े, उन हां जे सबरी आसीस मिल हैं; और मैं ऊकौ परमेसुर रै हों, और बो मोरो पुत्र रै है।
8
परन्त जो डरपोकों, और बिसवास नईं करबेवारे, और मलिच्छ, और हत्यारे, और परतिरिया संगत करबेवारो, और टोना टोटका करबेवारो, और मूरत हां पूजबेवारो, और सब झूठ कौ भाग ऊ झील में मिल है, जो आग और गंधक से जलत रैत आय: जा दूसरी मौत आय।
9
फिन जो सात सरगदूतन के ऐंगर आबेवारी विपत से भरे सात कटोरा हते, उन में से एक मोरे ऐंगर आओ, और मोय से बोलो; इते आओ: मैं तोहां मेमने की दुल्हन दिखा हों।
10
और ऊ ने मोहां आत्मा में एक बड़े और ऊंचे पहरवा पै ले गओ, और पवित्तर नगर यरूशलेम हां परमेसुर के ऐंगर से उतरत दिखाओ।
11
परमेसुर को तेज ऊ में हतो, और ऊ की जोत बिल्लौर के समान यशब और दूसरे हीरा मोती जैसी उजरी हती।
12
और ऊ की चौहद्दी बड़ी ऊंची हती, और ऊ में बारह फाटक हते और फाटकों पै बारह सरगदूत हते; और उन पै इस्राएलियन के बारह गोत्र के नाओं लिखे हते।
13
पूरब में तीन फाटक, उत्तर में तीन फाटक, और दक्खिन में तीन फाटक, और पश्चिम में तीन फाटक हते।
14
और नगर की चौहद्दी की बारह नी हतीं, और उन पै मेमने के बारह प्रेरितन के नाओं लिखे हते।
15
और जो मोय से बतकाव कर रओ हतो, ऊके ऐंगर नगर, और उनके फाटकों और ऊ की चौहद्दी हां नापबे हां एक सोने कौ गज हतो।
16
और ऊ नगर चारई तरपे एक सौ हतो और ऊ की लम्बाई चौड़ाई बरोबर हती, और ऊ ने गज से नगर हां नापो, तो साड़े सात सौ कोस कड़ो: ऊ की लम्बाई, चौड़ाई, और ऊंचाई बरोबर हती।
17
और ऊ ने नगर की चौहद्दी हां मान्स जानो सरग के दूत के नाप से नापो, तो बा एक सौ चौआलीस हाथ कड़ी।
18
और ऊ की चौहद्दी की जुड़ाई यशब घांई हती, और ऊ नगर चोखे सोने जैसो हतो, जो साफ सुतरो कांच जैसो होबै।
19
और ऊ नगर की नी मेंहगे पत्थर से बनी हती, पैली नी यशब की, दूसरी नीलमणी की, तीसरी लालड़ी की, और चौथी मरकत की।
20
पांची गोमेदक की, छटी माणिक्य की, सातवीं पीतमणी की, आठवीं पेरोज की, नवीं पुखराज की, दसवीं लहसनिए की, ग्यारहवीं धूम्रकान्त की, और बारहवीं याकूत की हती।
21
और बारहों फाटक, बारह मोतियन के हते; एक एक फाटक, एक एक मोती कौ बनो हतो; और नगर की गैल साफ सुथरे कांच घांई चोखे सुन्ने की हती।
22
और मोहां उते कोई मन्दर नईं दिखानो, कायसे महाबली पिरभू परमेसुर, और मेमना उतै के मन्दर आंय।
23
और ऊ नगर में सूरज और चन्दा के उजयारे की जरुरत नईंयां, कायसे परमेसुर के तेज से उते उजयारो हतो, और मेमना उते की ज्योत हतो।
24
और जाति जाति के लोग उनकी जोत में चल फिर हैं, और धरती के राजा अपनो धन उते लै आहें।
25
ऊके फाटक दिन भर खुले रै हैं, और रात उते न हुईये।
26
और जाति जाति के जनें अपनो धन उते लै आहें।
27
और उते कोऊ गन्दी बस्त और गन्दो काम करबेवारो, और झूठ बनाबेवारो कैसऊ न घुस पाहै; परन्त बे जनें जिन के नाओं जीवन की पोथी में लिखे आंय।
← Chapter 20
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 22 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22