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Acts 3
Hindi 2017 (नया नियम)
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1
पतरस और यूहन्ना तीसरे पहर प्रार्थना के समय मन्दिर में जा रहे थे।
2
और लोग एक जन्म के लंगड़े को ला रहे थे, जिसको वे प्रति दिन मन्दिर के उस द्वार पर जो ‘सुन्दर’ कहलाता है, बैठा देते थे, कि वह मन्दिर में जानेवालों से भीख माँगे।
3
जब उसने पतरस और यूहन्ना को मन्दिर में जाते देखा, तो उनसे भीख माँगी।
4
पतरस ने यूहन्ना के साथ उसकी ओर ध्यान से देखकर कहा, “हमारी ओर देख!”
5
अतः वह उनसे कुछ पाने की आशा रखते हुए उनकी ओर ताकने लगा।
6
तब पतरस ने कहा, “चाँदी और सोना तो मेरे पास है नहीं; परन्तु जो मेरे पास है, वह तुझे देता हूँ; यीशु मसीह नासरी के नाम से चल फिर।”
7
और उसने उसका दाहिना हाथ पकड़ के उसे उठाया; और तुरन्त उसके पाँवों और टखनों में बल आ गया।
8
और वह उछलकर खड़ा हो गया, और चलने-फिरने लगा; और चलता, और कूदता, और परमेश्वर की स्तुति करता हुआ उनके साथ मन्दिर में गया।
9
सब लोगों ने उसे चलते-फिरते और परमेश्वर की स्तुति करते देखकर,
10
उसको पहचान लिया कि यह वही है, जो मन्दिर के ‘सुन्दर’ फाटक पर बैठ कर भीख माँगा करता था; और उस घटना से जो उसके साथ हुई थी; वे बहुत अचम्भित और चकित हुए।
11
जब वह पतरस और यूहन्ना को पकड़े हुए था, तो सब लोग बहुत अचम्भा करते हुए उस ओसारे में जो सुलैमान का कहलाता है, उनके पास दौड़े आए।
12
यह देखकर पतरस ने लोगों से कहा, “हे इस्राएलियों, तुम इस मनुष्य पर क्यों अचम्भा करते हो, और हमारी ओर क्यों इस प्रकार देख रहे हो, कि मानो हम जैसे ही ने अपनी सामर्थ्य या भक्ति से इसे चलने-फिरने योग्य बना दिया।
13
अब्राहम और इसहाक और याकूब के परमेश्वर, हमारे बापदादों के परमेश्वर ने अपने सेवक यीशु की महिमा की, जिसे तुम ने पकड़वा दिया, और जब पीलातुस ने उसे छोड़ देने का विचार किया, तब तुम ने उसके सामने उसका तिरस्कार किया।
14
तुम ने उस पवित्र और धर्मी का तिरस्कार किया, और चाहाकि, एक हत्यारे को तुम्हारे लिये छोड़ दिया जाए।
15
और तुम ने जीवन के कर्त्ता को मार डाला, जिसे परमेश्वर ने मरे हुओं में से जिलाया; और इस बात के हम गवाह हैं।
16
और उसी के नाम ने, उस विश्वास के द्वारा जो उसके नाम पर है, इस मनुष्य को जिसे तुम देखते हो और जानते भी हो सामर्थ्य दी है; और निश्चय उसी विश्वास ने जो उसके द्वारा है, इस को तुम सब के सामने बिलकुल भला चंगा कर दिया है।
17
और अब हे भाइयो, मैं जानता हूँ कि यह काम तुम ने अज्ञानता से किया, और वैसा ही तुम्हारे सरदारों ने भी किया।
18
परन्तु जिन बातों को परमेश्वर ने सब भविष्यवक्ताओं के मुख से पहले ही बताया था, कि उसका मसीह दु:ख उठाएगा; उन्हें उसने इस रीति से पूरा किया।
19
इसलिये, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएँ, जिस से प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएँ।
20
और वह उस यीशु को भेजे जो तुम्हारे लिये पहले ही से मसीह ठहराया गया है।
21
अवश्य है कि वह स्वर्ग में उस समय तक रहे जब तक कि वह सब बातों का सुधार न कर ले जिसकी चर्चा प्राचीन काल से परमेश्वर ने अपने पवित्र भविष्यवक्ताओं के मुख से की है।
22
जैसा कि मूसा ने कहा, “प्रभु परमेश्वर तुम्हारे भाइयों में से तुम्हारे लिये मुझ सा एक भविष्यवक्ता उठाएगा, जो कुछ वह तुम से कहे, उसकी सुनना।”
23
परन्तु प्रत्येक मनुष्य जो उस भविष्यवक्ता की न सुने, लोगों में से नाश किया जाएगा।
24
और शमूएल से लेकर उसके बाद वालों तक जितने भविष्यवक्ताओं ने बात कहीं उन सब ने इन दिनों का सन्देश दिया है।
25
तुम भविष्यद्वक्ताओं की सन्तान और उस वाचा के भागी हो, जो परमेश्वर ने तुम्हारे बापदादों से बाँधी, जब उसने अब्राहम से कहा, “तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे घराने आशीष पाएँगे।”
26
परमेश्वर ने अपने सेवक को उठाकर पहले तुम्हारे पास भेजा, कि तुम में से हर एक को उसकी बुराइयों से फेरकर आशीष दे।”
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