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Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
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1 Kings 11
1 Kings 11
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
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1
राजा सुलेमान अनेक विजातीय औरतों का प्रेमी था। उसने न केवल फरओ की पुत्री से विवाह किया था, वरन् मोआबी, अम्मोनी, एदोमी, सीदोनी और हित्ती जाति की कन्याओं से भी विवाह किया था।
2
इस्राएल के प्रभु परमेश्वर ने इन जातियों के विषय में यह आज्ञा दी थी, ‘तुम इन जातियों से विवाह-सम्बन्ध स्थापित नहीं करना और न ये जातियां तुमसे विवाह-सम्बन्ध स्थापित करेंगी, क्योंकि इनकी पुत्रियाँ अपने देवताओं की ओर तुम्हें निश्चय ही उन्मुख कर देंगी।’ परन्तु सुलेमान उनके प्रेम में डूब गया।
3
उसकी सात सौ पत्नियाँ थीं, जो राजकन्याएँ थीं। इनके अतिरिक्त तीन सौ रखेलें थीं। सुलेमान की पत्नियों ने प्रभु की ओर से उसका हृदय विमुख कर दिया।
4
उसकी वृद्धावस्था के समय उसकी पत्नियों ने उसका हृदय अन्य देवताओं की ओर उन्मुख कर दिया। जैसा सुलेमान के पिता दाऊद का हृदय प्रभु परमेश्वर के प्रति पूर्णत: सच्चा था वैसा उसका हृदय नहीं रहा।
5
वह सीदोनी जाति की देवी अशेराह तथा अम्मोनी जाति के घृणित देवता मिल्कोम की पूजा करने लगा।
6
अत: सुलेमान ने वह कार्य किया जो प्रभु की दृष्टि में बुरा था। जैसा उसके पिता दाऊद ने प्रभु का पूर्णत: अनुसरण किया था वैसा उसने नहीं किया।
7
उसने यरूशलेम की पश्चिमी दिशा में एक पहाड़ पर मोआब जाति के घृणित देवता कमोश तथा अम्मोन जाति के घृणित देवता मोलेक के लिए एक वेदी निर्मित की।
8
उसने ऐसा ही कार्य अपनी सब विजातीय पत्नियों के लिए किया। ये पत्नियां अपने-अपने राष्ट्रीय देवता को बलि चढ़ातीं और सुगन्धित धूप जलाती थीं।
9
प्रभु सुलेमान से क्रुद्ध हो गया; क्योंकि सुलेमान का हृदय इस्राएली राष्ट्र के प्रभु परमेश्वर से, जिसने उसे दो बार दर्शन दिए थे, विमुख हो गया था।
10
प्रभु ने उसे आज्ञा दी थी, ‘तू अन्य जाति के देवताओं का अनुसरण मत करना।’ परन्तु उसने प्रभु की आज्ञा का पालन नहीं किया।
11
अत: प्रभु ने सुलेमान से यह कहा, ‘तेरी भावना बदल गई। तूने मेरे विधान और मेरी संविधियों का पालन नहीं किया, जिनकी आज्ञा मैंने तुझे दी थी। इस कारण मैं तेरे हाथ से तेरे राज्य को छीन लूंगा, और उसको तेरे सेवक के हाथ में सौंप दूंगा।
12
फिर भी, मैं यह कार्य तेरे पिता दाऊद के कारण तेरे जीवन-काल में नहीं करूंगा। वरन् मैं तेरे पुत्र के हाथ से उसका राज्य छीनूंगा।
13
एक बात और: मैं तेरा सम्पूर्ण राज्य नहीं छीनूंगा। मैं अपने सेवक दाऊद और अपने चुने हुए नगर यरूशलेम के कारण, तेरे पुत्र को एक कुल पर राज्य करने दूंगा।’
14
प्रभु ने सुलेमान का एक विरोधी उत्पन्न किया। उसका नाम हदद था। वह एदोम राजवंश का था।
15
जब दाऊद एदोम देश में था और उसका सेनापति योआब मृतकों को कबर में गाड़ने के लिए गया, तब सेनापति योआब ने एदोम देश के समस्त पुरुषों और बालकों को मार डाला था।
16
योआब और इस्राएली सेना वहां छ: महीने रही। जब तक उन्होंने एदोम के प्रत्येक पुरुष और बालक का वध नहीं कर दिया, वे वहीं रहे।
17
पर हदद भाग गया। वह उस समय छोटा बालक था। वह अपने पिता के एदोमी सेवकों के साथ मिस्र देश की ओर गया।
18
उन्होंने मिद्यान देश से प्रस्थान किया। वे परान देश में आए। उन्होंने वहाँ से कुछ लोगों को अपने साथ लिया, और वे मिस्र देश के राजा फरओ के पास पहुँचे। फरओ ने हदद को मकान, भोजन-व्यवस्था और भूमि प्रदान की।
19
हदद ने राजा फरओ की बहुत कृपा-दृष्टि प्राप्त की। उसने हदद का विवाह अपनी पटरानी तहपनेस की बहिन अर्थात् अपनी साली से कर दिया।
20
हदद की पत्नी ने एक पुत्र को जन्म दिया। उसका नाम गनूबत रखा गया। रानी तहपनेस ने फरओ के महल में उसका पालन-पोषण किया। वह फरओ के पुत्रों के साथ फरओ के महल में रहता था।
21
एक दिन हदद ने मिस्र देश में सुना कि दाऊद अपने मृत पूर्वजों के साथ चिरनिद्रा में सो गया और सेनापति योआब की भी मृत्यु हो गई। तब हदद ने फरओ से यह कहा, ‘कृपया, मुझे जाने की अनुमति दीजिए। मैं स्वदेश जाऊंगा।’
22
फरओ ने उससे कहा, ‘मेरे पास तुम्हें किस वस्तु का अभाव है जिससे तुम अपने देश जाना चाहते हो?’ हदद ने उत्तर दिया, ‘मुझे किसी वस्तु का अभाव नहीं है। परन्तु महाराज, मुझे अवश्य जाने दीजिए।’ तत्पश्चात् हदद ने इस्राएली राष्ट्र की इस प्रकार हानि की: वह इस्राएली राष्ट्र को दबाता रहा और एदोम देश पर राज्य करता रहा।
23
परमेश्वर ने सुलेमान का एक और विरोधी उत्पन्न किया। उसका नाम रजोन बेन-एलयादा था। वह अपने स्वामी हदद-एजेर के पास से, जो सोबा राज्य का राजा था, भाग गया।
24
उसने अपने पास सैनिक एकत्र किए और वह उनका नायक बन गया। वह लूटमार करता था। जब दाऊद ने उसके कुछ लोगों को मार डाला, तब रजोन दमिश्क नगर गया। उसने उसपर अधिकार कर लिया और वहाँ रहने लगा। वह दमिश्क नगर का राजा बन गया।
25
रजोन सुलेमान के राज्य काल की सम्पूर्ण अवधि में इस्राएली राष्ट्र का विरोधी बना रहा।
26
यारोबआम नबाट का पुत्र था। नबाट एफ्रइम क्षेत्र का रहनेवाला था। यारोबआम का जन्म सरेदाह नगर में हुआ था। उसकी मां का नाम सरूआह था। वह विधवा थी। यारोबआम सुलेमान का सेवक था, परन्तु उसने सुलेमान के विरुद्ध विद्रोह कर दिया।
27
यह उसके विद्रोह का विवरण है: राजा सुलेमान मिल्लो का निर्माण कर अपने पिता दाऊद के नगर की दीवार की दरार को भर रहा था।
28
यह पुरुष यारोबआम अत्यन्त शक्तिशाली था। सुलेमान ने युवक यारोबआम को देखा कि वह मेहनत करनेवाला है। अत: उसने यारोबआम को यूसुफ कुल-क्षेत्र में बेगार करनेवालों का निरीक्षक नियुक्त कर दिया।
29
एक समय जब यारोबआम यरूशलेम नगर से बाहर निकल रहा था, तब शिलोह नगर के नबी अहियाह ने मार्ग में उससे भेंट की। नबी एक नया अंगरखा पहिने हुए था। दोनों व्यक्ति खुले मैदान में अकेले थे।
30
अहियाह ने अपना नया अंगरखा उतारा और उसने उसके बारह टुकड़े किए।
31
उसने यारोबआम से यह कहा, ‘तू ये दस टुकड़े ले, क्योंकि इस्राएली राष्ट्र का प्रभु परमेश्वर यों कहता है: “देख, मैं सुलेमान के हाथ से उसका राज्य छीन कर उसके टुकड़े करूंगा। मैं उसके दस टुकड़े, इस्राएली राष्ट्र के दस कुलों पर राज्य करने का अधिकार, तुझे दूंगा।
32
मैं अपने सेवक दाऊद और यरूशलेम नगर के कारण, जिसको मैंने इस्राएली कुलों के भूमि-क्षेत्रों में से चुना है, सुलेमान को एक कुल पर राज्य करने दूंगा।
33
सुलेमान ने मुझे त्याग दिया है। वह सीदोनी जाति की देवी अशेराह, मोआबी जाति के देवता कमोश और अम्मोनी जाति के देवता मिल्कोम की पूजा करने लगा है। वह मेरे मार्ग पर नहीं चल रहा है। जो कार्य मेरी दृष्टि में उचित है, वह उसको नहीं करता है। वह मेरी संविधियों और न्याय-सिद्धान्तों का पालन नहीं करता है, जैसा उसका पिता दाऊद करता था।
34
फिर भी मैं उसके हाथ से सम्पूर्ण राज्य नहीं छीनूंगा; क्योंकि मैंने उसे जीवन भर के लिए शासक नियुक्त किया था। मैं यह कृपा अपने सेवक दाऊद के कारण करूंगा, जिसको मैंने चुना था, और जिसने मेरी संविधियों और आज्ञाओं का पालन किया था।
35
मैं सुलेमान के पुत्र के हाथ से दस कुलों पर राज्य करने का अधिकार वापस ले लूंगा, और वह तुझे सौंप दूंगा।
36
मैं उसे एक कुल पर राज्य करने दूंगा, जिससे मेरे सेवक दाऊद का वंश-दीपक यरूशलेम नगर में, जिसको मैंने अपने नाम के प्रतिष्ठापन के लिए चुना है, मेरे सम्मुख सदा जलता रहे।
37
मैं तुझे मनोनीत करूंगा, और तू अपने समस्त इच्छित क्षेत्रों पर राज्य करेगा। तू इस्राएल प्रदेश का राजा बनेगा।
38
यदि तू मेरी सब आज्ञाओं को सुनेगा, मेरे मार्ग पर चलेगा, जो कार्य मेरी दृष्टि में उचित हैं, उसको करेगा, और जैसा मेरा सेवक दाऊद मेरी संविधियों और आज्ञाओं का पालन करता था, वैसा ही तू करेगा, तो मैं तेरे साथ रहूंगा। जैसा मैंने दाऊद के लिए राज-वंश का निर्माण किया था वैसा ही तेरे लिए करूंगा। मैं तुझे इस्राएली राष्ट्र दे दूंगा।
39
यों मैं दाऊद के वंशजों को पीड़ित करूंगा, पर सदा नहीं।” ’
40
अत: सुलेमान ने यारोबआम की हत्या करने का प्रयत्न किया। किन्तु यारोबआम मिस्र देश के राजा शीशक के पास भाग गया। वह सुलेमान की मृत्यु तक मिस्र देश में रहा।
41
सुलेमान के शेष कार्यों का विवरण, तथा उसके समस्त बुद्धिमत्तापूर्ण कार्यों का विवरण, ‘सुलेमान का इतिहास-ग्रन्थ’ में लिखा हुआ है।
42
सुलेमान ने समस्त इस्राएल देश पर चालीस वर्ष तक राज्य किया। उसकी राजधानी यरूशलेम नगर थी।
43
तत्पश्चात् वह अपने मृत पूर्वजों के साथ सो गया। वह अपने पिता दाऊद के नगर में गाड़ा गया। उसके स्थान पर उसका पुत्र रहबआम राज्य करने लगा।
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