bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Kumaoni
/
kumaoni
/
1 John 2
1 John 2
kumaoni
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 3 →
1
म्यारा प्यारा नन्तिनो, मैं इन बातुन तुमून येक कारण लिखछूँ, कि तुम पाप जन करा, और अगर कोई पाप करो त पिता परमेश्वरा का पास हमोरो एक मद्दगार छै, उ यीशु मसीह छै जो हमार पापून की माफी खिन प्रार्थना करछो, उ धर्मी छै।
2
और उलेई हमार पापून की माफी खिन अपूनो बलिदान दीछ, और केवल हमून खिन नै बल्कि पूरा संसारा का लोगून का पापून खिन ले अपूनो दीछ।
3
अगर हम परमेश्वरा का हुकमून मानला, त उलेई हमून पत्तो चलोलो कि हम ऊस जाणनू।
4
जो कोई यो कूछो कि “मैं परमेश्वर स जाण गयूँ लेकिन उक हुकमून नै माननो,” उ झूठ्ठो छै और परमेश्वरा का सच्चाई का अनुसार नै चलनो।
5
लेकिन जो कोई परमेश्वरा का बचन अनुसार में चलछो, उमें सच्ची में परमेश्वरो को प्रेम प्रगट भ्योछ। येले हम जाणनू कि हम परमेश्वरा का दगाड़ छा।
6
जो कोई यो कूछो कि मैं उमें बनिनाको रूछूँ, त ऊस चैछो कि उ खुद ले उसीकैं रौ जसीकैं यीशु मसीह र्योछ।
7
हे म्यारा प्रिय दगड़ियो, मैं तुमून कोई नय्या हुकुम नै लिखनू, लेकिन उई पुरानो हुकुम जो शुरू भटे तुमून मिलीना को छै; यो पुरानो हुकुम उई वचन छै, जैस तुमले सुणि रैछ, जब तुमूनले प्रभु यीशु मसीह में विश्वास करछ्य।
8
फिरले जो हुकुम मैं तुमून लिखछूँ उ नय्या हुकुम छै; किलैकी येकी सच्चाई मसीह में और तुमून में दिखाई दीछी। क्याखिनकि अन्यारो खतम हुनै जानर्योछ और सच्चाई को उज्यालो ऐल चमकून लाग ग्योछ।
9
जो कोई यो कुंछो, कि मैं उज्याला में जीनमर्यू; लेकिन अपून विश्वासी भाई का दगाड़ बैर राँखछो, त उ अब तक ले अन्यारा मेंई जीनमर्योछ।
10
जो कोई अपून विश्वासी भाई स प्रेम करछो, उ उज्याला में जीनमर्योछ, और उमें इसो केले नाहातिन जो कोई औरून को पापून करना को कारण बनौ।
11
लेकिन जो कोई अपून भाई थैं बैर राँखछो, उ अन्यारा में जीनमर्योछ और हिटून मर्योछ, और यो नै जाणनो कि काँ जानमर्योछ, क्याखिनकि अन्यारा ले उक आँखान अन्धा कर दीयान।
12
हे नन्तिनो, मैं तुमून येक कारण लिखछूँ, कि यीशु मसीह का नाम ले तुमार पाप माफ भ्यान।
13
हे म्यारा बुजुर्गो, मैं तुमून येक कारण लिखछूँ, किलैकी तुम मसीह स जाणछा जो पैलि भटे छै। हे जवान नान्तिनो, मैं तुमून येक कारण लिखछूँ, कि तुमले उ शैतान में जीत पाछ, हे नान्तिनो, मैंले तुमून येक कारण लिखछ्य, कि तुम पिता परमेश्वर स जाण गैछा।
14
हे म्यारा बुजुर्गो, मैं तुमून येक कारण लिखछूँ, किलैकी तुम मसीह जाणछा जो पैलि भटे छै। हे जवान नान्तिनो, मैंले तुमून येक कारण लिखछ्य, कि तुम बलवंत हो और परमेश्वरको बचन तुमून में बनिना को रौ, और तुमूले उ शैतान में जीत पाछ।
15
तुम नै त संसार भटे और नै संसारा का चीजून भटे प्रेम जन राँखा। अगर कोई संसार खिन प्रेम राँखछो, त उमें पिता परमेश्वरो को प्रेम नाहातिन।
16
क्याखिनकि जो कुछ संसार में छै, मतलब शरीर की पापी इच्छान पुर करून और चीजून देखून और ऊस पान की इच्छा राखून और जो उक पास छै उमें घमंड करून, पिता परमेश्वरा का तरफ भटे नै, लेकिन संसारा का तरफ भटे छै।
17
संसार और उकी अभिलाषा द्वीवै खतम हो जाला, लेकिन जो परमेश्वर की इच्छा स पुरी करछो, उ हमेशा उमें बनिना को रौलो।
18
हे नान्तिनो, यो आखिरी बखत छै; जब मसीह फिर है वापिस आलो और जसो तुमूले सुणिना को छै, कि मसीह विरोधी उनवालो छै, उक अनुसार अब ले भौत मसीहा का विरोधी आ ग्यान; येले हम जाणनू कि यो मसीह वापस उना बखत छै।
19
उन मसीह विरोधी दल में भटे निकल भेरन आईना का छन, लेकिन उन हमार अपून नी छ्या सच्ची में हमून में भटे नी छ्या, क्याखिनकि उन अपून हुना, त हमार दगाड़ रूना; लेकिन उनूनले हमून येक कारण छोड़ दीछ किलैकी उन हमार दगड़िया नी छ्या।
20
लेकिन तुमून त यीशु मसीहक द्वारा पवित्र आत्मा मिलछै, और तुम सच्चाई जाणछा।
21
मैंले तुमून येक कारण नै लिखीयो, कि तुम सच्चाई स नै जाणना, लेकिन येक कारण, कि तुम ऊस जाणछा, कोई ले झूठ को जन्म, सच्चाई भटे नै हुनो।
22
झूठ्ठो को छै? केवल उ जो यीशु मसीहा हुना को इन्कार करछो; और उई मसीह विरोधी छै, जो पिता परमेश्वर और च्याला को इन्कार करछो।
23
जो च्याला को इन्कार करछो, उक पास पिता परमेश्वर ले नाहातिन; जो च्याला स मान ल्हीछ, उक पास पिता परमेश्वर ले छै।
24
उ संदेश जो तुमूले सुणछ्य जब तुमून ले यीशु मसीह में विश्वास करछ्य, अगर उ तुमून में बनिना को रौलो, त तुम ले च्याला में और पिता परमेश्वर में बनिना का रौला।
25
और जैको परमेश्वर ले हमूनथैं वादा करछ्य उ अनन्त जीवन छै।
26
मैं तुमून उन लोगून का बारिमें चेतावनी दी छूँ जो तुमून गलत शिक्षा का द्वारा तुमून ध्वाका दिनाकी कोशिश करनान।
27
लेकिन तुमून पवित्र आत्मा जो यीशु मसीहक द्वारा मिलीना को छै; जो तुमारा भितर रूछो; येक कारण कैसे ले तुमून सच्चाई का बारिमें सिखून की जरूरत नाहातिन। हालांकि जसीकैं तुमून यीशु मसीह का द्वारा मिलीना को छै उसीकैं तुमून सब बात सिखूछो, और पवित्र आत्मा सच्चो छै, और झूठ्ठो नाहाति; और जसो उले तुमून सिखाछ, उसीकैं तुम उमें बनिना का रौ।
28
येक कारण हे नान्तिनो, मसीह का दगाड़ बनिना रौ; कि जब उ दुबारा आलो त हमून हिम्मत मिलेलि, और हम मसीह उन में उक सामुनि शर्मिदा नी हूँला।
29
अगर तुम यो जाणछा, कि मसीह धर्मी छै, त यो ले जाणछा, कि जो कोई धर्मोको काम करछो, उन परमेश्वर नान्तिन छन।
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 3 →
All chapters:
1
2
3
4
5
Recommended Reading
Commentary
1 John Commentaries
→
Devotional
1 John Devotional Guide
→
Get This Bible
kumaoni Study Bible
→