bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Kumaoni
/
kumaoni
/
1 John 4
1 John 4
kumaoni
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 5 →
1
हे प्रिय दगाड़ियो, हरेक आदिमी में विश्वास जन करा, जो पवित्र आत्मा का द्वारा बोलना को दवा करछो; लेकिन उनून परखा, कि उन परमेश्वराका तरफ भटे छनी या नाहातिन, क्याखिनकि भौत झूठ्ठो संदेश दिनवाला लोग यो संसार में छन।
2
परमेश्वरो को आत्मा तुम येले जाण सक्छा जो कोई यो मानछो कि यीशु मसीह आदिमी का शरीर में हो भेरन आछ, उ परमेश्वरा का तरफ भटे छै।
3
और जो कोई यीशु स नै माननो, उ परमेश्वरा का तरफ भटे नाहातिन, और यो उई मसीह विरोधी आत्मा छै, जैक बारिमें तुमले सुण रैछ यो मसीह विरोधी उनवालो छै जो ऐल ले संसार में छै।
4
हे नान्तिनो, तुमले परमेश्वरा का बारिमें झूठ्ठा संदेश दीन वाला लोगून में जीत पाछ, क्याखिनकि पवित्र आत्मा जो तुमून में छै, उ शैतान है जो यो संसार में राजा करछो उ है महान छै।
5
परमेश्वरा का बारिमें झूठ्ठो संदेश दीन वाला उन लोग संसारा का छन, येक कारण उन संसारे की बात बोलनान, और यो संसार उनेरि सुणछो।
6
हम परमेश्वरा का लोग छा। जो परमेश्वर स जाणछो, उ हमरि सुणछो; और जो परमेश्वर नै जाणनो उ हमरि नै सुणनो, इसकैं ल हम सच्चाई की आत्मा स और झूठ्ठी आत्मा स पछ्याणी लीनू।
7
हे प्रिय दगाड़ियो, हम आपस में प्रेम राँखा, क्याखिनकि प्रेम परमेश्वर भटे छै और जो कोई दुसरान का दगाड़ प्रेम राँखछो उ परमेश्वर की सन्तान छै और परमेश्वर स जाणछो।
8
जो दुसरान थैं प्रेम नै राँखनो उ परमेश्वर स नै जाणनो, क्याखिनकि परमेश्वर प्रेम छै।
9
जो प्रेम परमेश्वर हमूनथैं राँखछो, उ येले प्रगट भ्योछ, कि परमेश्वरेले अपूनो एकलौता च्याला स यो संसार में भेजछ्य कि हम उक द्वारा अनन्त जीवन पा।
10
हमोरो प्रेम परमेश्वर खिन सच्चो नाहातिन, लेकिन परमेश्वरो को प्रेम हमून खिन सच्चो छै। येक कारण परमेश्वर हमार पापून की माफी खिन अपून च्याला स बलिदान हुन खिन भेजछ्य।
11
हे प्रिय दगड़ियो, जब परमेश्वरले हमून इसो प्रेम करछ्य, त हमून ले आपस एक-दुसरा स प्रेम राँखून चैछो।
12
परमेश्वर स कभै केले नै देखियो; अगर हम आपस में प्रेम राँखा, त परमेश्वर हमून में बनिना का रूछो; और उको प्रेम हमून में सिद्ध हो ग्योछ।
13
येले हम जाणनू, कि हम परमेश्वर में बनिना का रूनू, और परमेश्वर हमून में बनिना को रूछो; क्याखिनकि उले अपूनो पवित्र आत्मा हमून दी रैछ।
14
हमूले च्याला स देख ले हालछ्य, और गवाही ले दीनू, कि पिता परमेश्वर ले च्याला स यो संसारो का लोगून खिन मुक्तिदाता हुन खिन भेज रैछ।
15
जो कोई यो मान लीछो, कि यीशु ही परमेश्वरो को च्योलो छै परमेश्वर उमें बनिना रूछो, और उ परमेश्वर में बनिना को रूछो।
16
हम निकी कै जाणनू और विश्वास ले करनू कि परमेश्वर हमूनथैं प्रेम राँखछो। परमेश्वर प्रेम छै; जो प्रेम में बनिना को रूछो, उ परमेश्वर में बनिना को रूछो, और परमेश्वर उमें बनिना को रूछो।
17
येले प्रेम हमून में पुरो भ्योछ, कि न्याय का दिन हमून हिम्मत मिलौ की उ हमून सजा नै द्योलो, क्याखिनकि हम मसीह का नियाती दुसरान प्रेम करनू और यो संसार में उकी नियाती रूनू।
18
प्रेम में डर नै हुनो, बल्कि सिद्ध प्रेम डर स दूर कर दीछो, क्याखिनकि जो डरछो उ दण्ड भटे डरछो। और जो डरछो उ प्रेम में सिद्ध नै भ्यो।
19
हम येक कारण परमेश्वरे स और दुसारान थैं प्रेम करनू, किलैकी परमेश्वरेले पैलि हमूस प्रेम करछ्य।
20
अगर कोई कुंछो, “मैं परमेश्वर स प्रेम करछूँ,” लेकिन अपून विश्वासी भाई थैं नफरत करो; त उ झूठ्ठो छै। क्याखिनकि जो अपून विश्वासी भाई स जैस उले देख रैछ, प्रेम नै राँखूनो, तो उ परमेश्वर स जैस उले नै देख रैछ, प्रेम नै कर सकनो।
21
और मसीह थैं हमून यो हुकुम मिलीना को छै कि जो परमेश्वर थैं प्रेम करछो, उ अपून भाई स ले प्रेम करो।
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 5 →
All chapters:
1
2
3
4
5