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1
जब अपुल्लोस कुरिन्थुस नगर में छ्यो, पौलुस पाहाड़ी इलाकान भटे हुनै इफिसुस नगर पुजिछ्य। वाँ ऊस कुछ शिष्य मिल्यान।
2
उले उनूनथैं क्योछ, “जब तुमूनले प्रभु में विश्वास करून शुरू करछ्य तो क्या तुमूनले पवित्र आत्मा पाछी?” उनूनले क्योछ, “नै, हम येक बारिमें के नै जाणना।”
3
फिर पौलुसले उनूनथैं क्योछ, “त तुमून को तरीका को बपतिस्मा लीछ?” उनूनले क्योछ, की हमून ले उ बपतिस्मा लीछ जो “यहूना दी छ्यो।”
4
पौलुसले उनूनथैं क्योछ, “यहूना ले उन लोगून बपतिस्मा दीछ, जिन लोगून ले अपून पापून को पश्चाताप करभेरन परमेश्वरा का तरफ मुड़ ग्या लेकिन उले इस्राएली लोगून थैं क्योछ की उन यीशु में विश्वास राखून जो उको बाद उनवालो छै उ मसीह छै।”
5
यो सुणिभेरन उनूनले प्रभु यीशुक नामेंले बपतिस्मा लीछ।
6
जब पौलुसले उनूनमें हात राँखछ्य, तब उनूनमें पवित्र आत्मा उतरछ्य, जेले उन अलग-अलग भाषा में बोलून और भविष्यबाणी करन लाग्यान।
7
इन लगभग बारह आदिमी छ्या।
8
येक बाद पौलुस तीन मैंन तलक हिम्मतले यहूदी सभाघर में जाभेरन यहूदी लोगून परमेश्वरा का राज्य को बारिमें प्रचार करछ्यो और उनून समझूनै रूछो।
9
लेकिन उनूनमें भटे थ्वाड़ा लोग भौते जिद्दी छ्या और उनूनले इन बातुन में केले विश्वास नै कर्यो, और यहूदी सभाघर में सबून का सामुनि प्रभु की शिक्षाक खिलाफ में बोलून लाग्यान। येक कारण पौलुसै ले इनून छोड़ दीछ और विश्वासीन अपून दगाड़ लिग्योछ, और हर रोज परमेश्वरे की वचन की शिक्षा तुरन्नुसा का स्कूल में दीन लागछ्य।
10
उले यो काम द्वी साल तलक इसीकैं लगातार करछ्य, आसिया प्रदेशा का सब रूनवाला क्या यहूदी क्या यूनानी सबून ले परमेश्वरो को बचन सुणछ्य।
11
परमेश्वर ले पौलुसा का जरियाले चमत्कारक भौत अद्धभुत काम कर्यान।
12
याँ तलक कि अगर कोई बिमार आदिमी पौलुस को रूमाल या तौलिया स ले छू लीछ्या, तब उन अपूनी बिमारी भटे चंगा हो जाछ्या। और लोगून में भटे भूत ले निकल जाछ्या।
13
लेकिन झाड़-फुक करूनवाला कुछ यहूदी जो इथकैं-उथकैं घुमनै रूछ्या, और भूत लगिनाका लोगून में प्रभु यीशुक नामले यो कैभेरन कोशिश करून लाग्यान, “मैं तुमून यीशु की कसम दिलुछूँ यो आदिमी भटे भ्यार निकल जा जैको प्रचार पौलुस करछो।”
14
और स्विकवा नामोको एक यहूदी प्रधान याजक का सात च्याला छै, जो इसो करछ्या।
15
लेकिन भुतले उनूनथैं क्योछ, “मैं यीशुस जाणछूँ, और पौलुस स ले पछ्याणनू, लेकिन तुम को छा?”
16
यो कैभेरन उ आदिमी जैमे भूत छ्यो, उ सबून जै लागछ्यो। उले इनेरि इसी हालत करि दीछ, कि उन सब नंगा और घायल है भेरन वाँ भटे भाजि ग्या।
17
यो बात वाँक सब लोगून पत्तो चल ग्यो, और इफिसुस शैहरक यहूदी और यूनानी, सबून में डर छा ग्यो, और प्रभु यीशु की महिमा हुन लागछी।
18
जिनूनले विश्वास करि राखछ्यो, उनूनमें भटे भौत लोगून ले आभेरन अपून बुर कामून खुलेआम मानछै।
19
भौत जादू-टोना करून वालान ले अपून जादू-टोनाकी सबे किताब जाम करभेरन आग लगा दीछ। उन जालाईना की किताबून की कीमती पचास हजार चाँदी का सिक्का का बाराबर छ्या।
20
इसीकैं वाँ परमेश्वरो को बचन तेजी ले फैलनै और उक असर लै बढ़नै ग्यो।
21
इन सब बातुन का बाद पौलुसले मकिदुनिया और अखया प्रदेशा का बॉट भटे यरूशलम शैहर में जान को फैसला करछ्य। “उले क्योछ, यरूशलम शैहरा का बाद म्येरो रोम शैहर में जान होलो।”
22
उले अपून दगड़ियान में भटे तीमुथियुस और इरास्तुसैस मकिदुनिया प्रदेश अपून है अघिल भेज दीछ, और खुद थ्वाड़ा दिनून तक इफिसुस नगर में र्योछ।
23
उ बखत इफसुस नगर में पौलुसाक द्वारा प्रभुक बाटा की शिक्षा दिनाक कारण लोगून में भौत दंगा होग्यो।
24
वाँ देमेत्रियुस नामोको एक सुनार छ्यो, जो अरतिमिस देबी की मन्दिर की चाँदी की मूर्ति बनू छ्यो और उक यो ब्यापार ले कारीगरून भौत फैद हुन मरेछ्यो।
25
देमेत्रियुस ले इनून और इसा काम करूनवाला कारीगरून जाम करभेरन क्योछ, “हे भाईयों तुम सब जाणछा कि यो काम ले हमरि कतुक ज्यादा आमदनी हुंछी।
26
लेकिन तुमूले देख-सुणन मरैछा, कि उ पौलुसले केवल इफिसुस शैहर मेंई नै लेकिन आसिया प्रदेशा का सब गौंन का लोगून समझाछ और भरमा रैछ, कि हात ले बनाईनाक मूर्ति में ईश्वर नाहातिन।
27
और अब केवल यो बातोको डर नै कि हमार यो कारोबार को मान-सम्मान जानै रौलो, बल्कि यो महान देबी अरतिमिस मन्दिर की शोभा खतम हो जालि। जो देबी की पुज आसिया प्रदेश और पुरो संसार करछो, उको नामो निशान मिट जालो!”
28
यो सब बात सुणिभेरन लोगून रीस आगै, और उन जोर-जोरले कुन लाग्यान “इफिसियून की अरतिमिस देवी महान छै।”
29
यो बात ले पुर नगर में हड़-बड़ाहट मचि गै। उन पौलुसक दगड़िया गयुस और अरिस्तर्खुस, मकिदुनिया प्रदेशा का रूनवाला जो पौलुसाक दगाड़ यात्रा में छ्या, पकड़ लीछ, और एक दगाड़ होभेरन रंगशाला में भाग ग्या।
30
जब पौलुस भितर जाभेरन लोगून थैं बात करून चाछ्यो, लेकिन शिष्यून ले ऊस नै जान दीयो।
31
आसिया प्रदेशा का हाकिमून में भटे ले उक मित्रून ले उक पास संदेश भेजछ्य और बिनती करछ्य, कि रंगशालाक भितर जाभेरन अपूनी जान स खतरा में नै डालून चैनो।
32
उ सभा का भितर, सब लोग चिल्लान मरेछ्या कोई एक चीज खिन कोई दुसरी चीज खिन और कुछ लोगून पत्तो ले नी छ्यो हम किलै आरयाँ।
33
तब थ्वाड़ा यहूदी लोगून ले सिकन्दर समझा भेरन भीड़ में अघिल कर दीछ। सिकंदरले अपून हात ले ईशार करभेरन लोगून का सामुनि बात करून चाछ।
34
लेकिन जब उनूनले जाण लीछ कि उ यहूदी छै और उन यो ले जाणछ्या कि यहूदी लोग, मसीह लोगून की नियाती मूर्ति पूजा नै करना। त उनूनले उ बात स अनसुणी करभेरन द्वी घण्टा तक जोर-जोरले नारा लगूनै रियान, “इफिसियून की अरतिमिस देवी महान छै।”
35
तब उ नगराक मंत्री ले भीड़ स शांत करभेरन क्योछ, पुर संसारा का लोग जाणनाकि “हे इफसुस शैहरा का लोग महान देबी अरतिमिस का मंदिरे की देख-रैख करून मर्यान और उकी मूर्ति आकाश भटे खितीनाकी छी।
36
येक कारण क्या यो बात सांचि छी, तुमून शांत है जान चैछ्यो और बिना सोच-समझभेरन केले जन चैनो।
37
तुम जिनून पकड़ भेरन याँ ल्या रैछा, उनूनले नै त मंदिरे स अशुद्ध और नै हमरि देवी की बुराई करछ्य।
38
येक कारण अगर देमेत्रियुस और उक दगाड़क कारीगरून कैका खिलाफ शिकायत हो, तब येक खिन अदालत में जा सकनान, और वाँ उनोरो मुकदमा का फैसला करून खिन लोग छन, और उन उनार सामुनि अपून आरोप पेश कर सकनान।
39
लेकिन अगर तुम के और बात का बारिमें जाणून चाँछ्या तब स्याना पंचूनकी सभा में फैसला करि जौ।
40
मैंस डर छै की राज्यपाल पुर हंगामा का बारिमें सुणोलो की हम रोमी सरकार का खिलाफ बिरोध करना की कोशिश करूमर्या यो कारण ले हमून में दोष लागाई जाना को डर छै क्याखिनकि हम येक कोई ले ठीक-ठीक कारण नै बता सकना।”
41
यो सब कैभेरन उले सब लोगून वाँ भटे भेजि दीछ।
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