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Hebrews 1
Hebrews 1
Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
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1
प्राचीन काल मे परमेश्वर अपना सभक पूर्वज लोकनि सँ विभिन्न समय मे आ विभिन्न प्रकार सँ अपन प्रवक्ता सभ द्वारा बात कयलनि,
2
मुदा आब एहि अन्तिम समय मे ओ अपना सभ सँ बात कयने छथि अपन पुत्र द्वारा, जिनका ओ सभ वस्तुक उत्तराधिकारी बनौलनि आ जिनका द्वारा सम्पूर्ण सृष्टिक रचना सेहो कयलनि।
3
पुत्र परमेश्वरक महिमाक चमक छथि, आ परमेश्वरक व्यक्तित्वक प्रतिरूप छथि। ओ अपन सामर्थी वचन सँ सम्पूर्ण सृष्टि केँ सम्हारैत छथि। ओ मनुष्य केँ शुद्ध करबाक लेल पापक प्रायश्चित्त कऽ कऽ स्वर्ग मे सर्वशक्तिमान परमेश्वरक दहिना कात बैसलाह।
4
पुत्र स्वर्गदूत सभक अपेक्षा जतेक श्रेष्ठ नाम परमेश्वर सँ पौलनि ततेक ओ स्वर्गदूत सभ सँ पैघो ठहराओल गेल छथि।
5
कारण, परमेश्वर स्वर्गदूत सभ मे सँ किनको कहियो कहाँ ई बात कहलथिन, “अहाँ हमर पुत्र छी, आइ हम अहाँ केँ उत्पन्न कयलहुँ,” आ ई जे, “हम ओकर पिता होयबैक आ ओ हमर पुत्र होयत”?
6
फेर, परमेश्वर अपन प्रथम सन्तान केँ संसार मे अनबाक समय मे कहैत छथि, “परमेश्वरक सभ स्वर्गदूत हुनका दण्डवत करथुन।”
7
स्वर्गदूत सभक विषय मे परमेश्वर धर्मशास्त्र मे कहैत छथि, “परमेश्वर अपन स्वर्गदूत सभ केँ बसात, हँ, अपन सेवक सभ केँ आगिक धधरा बनबैत छथि।”
8
मुदा अपन पुत्र केँ ई कहैत छथि जे, “हे परमेश्वर, अहाँक सिंहासन युगानुयुग स्थिर रहत, अहाँ अपन राज्य न्याय सँ चलायब।
9
अहाँ धार्मिकता सँ प्रेम आ अधर्म सँ घृणा करैत छी। तेँ परमेश्वर, अहाँक परमेश्वर, हर्ष रूपी तेल सँ अहाँक अभिषेक करैत अहाँ केँ अपना संगी-साथी सभ सँ श्रेष्ठ ठहरौने छथि।”
10
परमेश्वर इहो कहैत छथिन जे, “हे प्रभु, आरम्भ मे अहीं पृथ्वीक न्यो रखलहुँ आ आकाश अहींक हाथक कारीगरी अछि।
11
ओ सभ नष्ट भऽ जायत मुदा अहाँ अटल छी। ओ सभ वस्त्र जकाँ पुरान भऽ जायत।
12
अहाँ ओकरा सभ केँ चद्दरि जकाँ समटब, ओ सभ वस्त्र जकाँ बदलल जायत। मुदा अहाँ एके समान रहब, अहाँक उमेरक कोनो अन्त नहि अछि।”
13
मुदा परमेश्वर स्वर्गदूत सभ मे सँ किनको कहियो कहाँ ई बात कहलथिन जे, “अहाँ हमर दहिना कात बैसू, आ हम अहाँक शत्रु सभ केँ अहाँक पयरक तर मे कऽ देब”?
14
स्वर्गदूत सभ तखन की छथि? ओ सभ परमेश्वरक सेवा-टहल करऽ वला आत्मा सभ छथि। हुनका सभ केँ ओहि लोक सभक सेवाक लेल पठाओल जाइत छनि जे सभ उद्धार पयबाक उत्तराधिकारी बनैत अछि।
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