bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Marwari
/
Marwari Bible
/
Acts 12
Acts 12
Marwari Bible
← Chapter 11
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 13 →
1
उण वगत हेरोदेस राजा नै कलीसिया रा कई लोगां नै सतानै लागौ।
2
उणै यूहन्ना रै भाई याकूब नै तरवार ऊं मरवा दियौ।
3
जद उणै देख्यौ की यहूदी लोग इण ऊं खुस होवै है, तो उणै पतरस नै भी पकड़ लियौ। वे दिन अखमीरी रोटी रौ तैंवार रौ दिन हा।
4
उणै पतरस नै पकड़नै जेळ में घाल दियौ, अर च्यार-च्यार सिपाईयो नै च्यार पहरो में राख्या, इण विचार ऊं की फसह तैंवार रै पछै उणनै लोगां रै सांमै लाओ।
5
जेळ में पतरस बंद हो। पण कलीसिया उणरै वास्तै अंते रै साथै परमेसर ऊं पराथना कर री ही।
6
जद हेरोदेस उणनै लोगां रै सांमै लावण वाळौ हो, उणीज रात पतरस दो सांकळौ ऊं बंधयोड़ौ दो सिपाईयो रै बीच में सो रियौ हो, अर पहरेदार द्धार ऊपर जेळ री रूखाळी कर रिया हा।
7
तो देखौ, परभु रौ एक सरगदूत आन ऊभौ होयौ अर उण कोठरी में जोत चमकी, अर उणै पतरस री पाहळी माथै हाथ लगायनै जगायो अर कयौ, “उठ, फुरती कर।” अर उणरै हाथो ऊं सांकळ खुलनै नीचे पड़ी।
8
तद सरगदूत उणनै कयौ, “कमर बांध, अर थारा जूता पेहर ले।” उणै वैड़ौ इज कियो। पछै सरगदूत उणनै कयौ, “थारा गाभा पैहर नै म्हारै लारै आय जा।”
9
पतरस निकळनै उणरै लारै वहीर हो गियौ, पण ओ कोनीं जांणतौ हो की जिकौ कीं सरगदूत कर रियौ हो वो सही है, बल्कि ओ समझयो की, “म्हैं दरसण देख रियौ हूं।”
10
तद वे पेहले अर दूजै पहरे ऊं निकळनै उण लोह रै फाटक खनै पूगा, जिकौ नगरी री तरफ है। वो उणरै लियै आप ऊं आप खुलग्या, अर वे निकळनै एक ही गळी होयनै गिया, अर तुरत ही सरगदूत उणनै छोड़नै चाल गियौ।
11
तद पतरस सावचेत होयनै कयौ, “अबै म्हैं साचांणी जांण ली है की परभु आपरौ सरगदूत भेजनै म्हनै हेरोदेस रै हाथ ऊं छुड़ा दियौ, अर यहूदियो री सगळी आसा तोड़ दी है।”
12
अर ओ जांणनै, पतरस उण यूहन्ना री मां मरियम रै घर आयौ, यूहन्ना जिकौ मरकुस कहीजै है। उठै घणाहारा लोग भेळा होयनै पराथना कर रिया हा।
13
जद उणै फाटक खटखटाई, तो रूदे नाम री एक दासी देखणै आई।
14
पतरस री बोली पिछांण नै उणै खुसी रै मारै फाटक नीं खोलयो, पण नाह नै मांय गी अर बतायौ की “पतरस बारणा ऊपर ऊभौ है।”
15
उणौ वीनै कयौ, “थूं पागल है।” पण वो जोस ऊं बोली की सही है। तद उणौ कयौ, “उणरौ सरगदूत होवैला।”
16
पण पतरस खटखटातो ही रियौ। अतस उणौ फाटक खोली, अर उणनै देखनै अचूम्बे में पड़ गिया।
17
तद पतरस उणौनै हाथ ऊं इछारौ कियो की चुप रौ, अर उणौनै बतायौ की परभु कीण रीत ऊं उणनै जेळ ऊं निकाळनै लाया है। पछै कयौ, “याकूब अर भाइयो नै आ बात बता दीजौ।” तद वो निकळनै दूजी जगा चाल दियौ।
18
सवार रै वगत पहरूओं में हलचल मच गी की पतरस रौ कांई होयौ।
19
जद हेरोदेस नै उणरी खोज की अर नीं पायो, तो पहरूओं री जांच करनै आग्या दी की वे मार दिया जावै। अर हेरोदेस यहूदिया नै छोड़नै कैसरिया में जायनै रैवण लागौ।
20
हेरोदेस सूर अर सैदा रै लोगां ऊं घणौ नाराज हो। इण वास्तै वे एक मन होयनै उणरै खनै आया, अर बलास्तुस नै जिकौ राजा रौ एक सेवक हो, मनायनै मेल करणौ चाहयौ, क्यूंकै राजा रै देस ऊं उणरै देस रौ पाळ-पोस होतो हो।
21
ठैरायोड़ा दिन हेरोदेस राज पोसाक पैहरनै सिहासण माथै बैठौ, अर लोगां नै भासण दैणै लागौ।
22
तद लोग चिलायनै कयौ, “ओ तो मिनख रौ नीं परमेसर रौ सबद है।”
23
उणीज घड़ी परभु रौ एक सरगदूत तुरत उणनै ठोकियो, क्यूंकै उणै परमेसर नै महिमा कोनीं दी, अर वो कीड़ा पड़नै मरग्यौ।
24
पण परमेसर रौ वचन फैलतौ गियौ अर बढ़तौ गियौ।
25
जद बरनबास अर साऊल अपणी सेवा पूरी कर चुकया तो यूहन्ना जिकौ मरकुस कहीजै है, साथै लेयनै यरुसलेम ऊं आया।
← Chapter 11
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 13 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28