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1
अर किनारा प सई सलामत पुग्या पाछै म्हानै बेरो चाल्यो क बि टापू को नाम माल्टा ह।
2
बठै का रेह्बाळा म्हारै सागै चोखो बरताव कर्या, क्युं क मी बरस्बा की बजेऊँ ठंड ही, जणा बे म्हारै ताँई बास्ते बाळी अर म्हारी आवभगत करी।
3
पोलुस लकड़्या की पतूकळी कर आग म गेरबा लाग्यो जणा ताव लागबाऊँ एक साँप बारनै निकळ्यो अर बिकाळा हात प आटी घालर डस लिओ।
4
अर जद बठै का रेह्बाळा बिका हात प बि साँपनै लटक्या देख्या जणा आपसरी म बतळाबा लाग्या, “पक्कोई ओ हत्यारो ह जणाई तो ओ समदरऊँ तो बच निकळ्यो पण न्याय इनै जीबा कोनी देर्यो।”
5
पण पोलुस बिनै आग म झड़का दिओ अर पोलुस क क्युंई कोनी होयो।
6
पण बे मिनख आ बाट देखता रिह्या की ओ सूज ज्यासी नहिस जमीन प पड़र मरज्यासी। पण जद बोळी देर ताँई बिकै क्युंई कोनी होयो जणा बे बिकै बारां म आपकी राय बदली अर कह्या, “ओ तो कोई देवता ह।”
7
बि झघा क कनै बि टापू का मुखिया पुबलीयुस की जमीन ही। बो म्हानै आपकै घरा लेगो अर तीन दिना ताँई बो म्हारी आवभगत करी।
8
पुबलीयुस को बाप बिछावणा म पड़्यो हो। बिकै उन अर आमीदस्त लागर्या हा। जणा पोलुस बिऊँ मिलबा मांयनै गयो अर अरदास करबा क पाछै बो बिपै हात धर्यो जिऊँ बो निरोगो होगो।
9
आ बात होबा क पाछै बि टापू का सगळा रोगी बठै आया अर सगळा निरोगा होया।
10
बे म्हारी बोळी ईज्जत करी अर जद म्हें चालबा लाग्या जणा जोक्यु म्हानै आगै का गेला ताँई चावै हो, बे सगळी चिजा म्हानै दि।
11
तीन म्हेना पाछै म्हें सिकन्दरिआ का एक झाज प चाल पड़्या जखो स्याळा म बि टापू पई हो जिपै दो जोड़ला देवता को चितर हो।
12
म्हें सूरकूसा की नगरी पुगर तीन दिना ताँई बठै रिह्या।
13
अर बठैऊँ चालर म्हें रेगियुस नगरी पुग्या। आगला दिन दिखणादि भाळ चाली जणा पाछै दुसरा दिन म्हें पतियुली नगरी आया।
14
बठै म्हानै क्युं क बिस्वासी भाईड़ा मिल्या अर बे म्हानै सात दिन आपकै सागै रेह्बा ताँई कह्या। अर अंय्यां म्हें रोम आया।
15
अर जद रोम का बिस्वासी भाई म्हारै बारां म सुण्या जणा बे म्हारूँ मिलबा ताँई अपियुस का बजार अर तीन सराया ताँई आया। बानै देखर पोलुस परमेसर को धनेवाद दिओ अर इऊँ बिनै बोळी हिमत मिली।
16
अर जद म्हें रोम पुग्या जणा पोलुसनै एक सिपाईड़ा की निगरानी म खुलो रेह्बा की इजाजत मिलगी।
17
अर तीन दिना क पाछै पोलुस बठै का यहूदि बडका की एक सभा बुलाई। अर जद बे भेळा होया जणा बो बाऊँ बोल्यो, “यहूदि भाईड़ो, म आपणा मिनखा अर बाप-दादा का रिती-रिवाजा क खिलाप क्युंई कोनी कर्यो इकै बावजुद बी यरूसलेम म बंदि बणार रोमी मिनखा क हाता म सूप्यो गयो।
18
अर रोमी मेरी जाच पड़ताळ कर छोडबो चावा हा क्युं क बानै मेर म मोत की सजा देबा जोगो क्युंई कोनी लाध्यो।
19
पण जद यहूदि कोनी मान्या जणा मनै बेबस होर रोम का राजा की दरखास्त लगाणी पड़ी। इकै पाछै बी म मेरा यहूदि मिनखा प दोस कोनी लगाबो चाऊँ।
20
इ ताँई म थारूँ मिलबो अर बातचित करबो चावै हो। क्युं क मसी ताँई इजरायली मिनखा की आस की बजेऊँई म साँकळाऊँ बंदर्यो हूँ।”
21
बे बिऊँ बोल्या, “म्हानै नइ तो तेरै बारां म यहूदिआऊँ कोई कागद आयो अर नइ बठैऊँ आएड़ा यहूदि भाई तेरै बारां म कोई बुरो समचार दिओ अर नइ तेरै बारां म क्युं गळत बात बोली।
22
पण म्हें तेरा बिचार तेरा मुंडाऊँई सुणबो चावै हां, क्युं क जि पंथऊँ तू ह बिकै खिलापत म सगळी झघा लोग बाता करै ह।”
23
जणा बे पोलुस की सुणबा ताँई एक दिन राख्यो। अर बि दिन जठै बो रेहर्यो हो बठै बोळासारा मिनख आर भेळा होया। जणा बो मूसा का नेम-कायदा अर परमेसर की खेबाळा की पोथ्याऊँ ईसु क बारां म समजाबा की कोसिस करतो बानै परमेसर का राज क बारां म समजायो। बो दिनग्याऊँ लेर दिन ढळबा ताँई इमई लाग्यो रिह्यो।
24
जणा क्युंक तो बिकी बातानै मानली पण क्युंक बिस्वास कोनी कर्यो।
25
अर बे आपस म एक मत कोनी होया, जद बे बठैऊँ जाबा लाग्याक जणा पोलुस एक बात बोली, “यसाया परमेसर की खेबाळा का मुंडाऊँ पबितर आत्मा थारा बडकाऊँ कतो सई बोली ही, ‘जार आ मिनखाऊँ खे दे, क
26
थे सुणता तो रेहस्यो, पण समजस्यो कोनी, अर देखता तो रेहस्यो, पण सुजसी कोनी।
27
क्युं क आ मिनखा को हियो मोटो अर कान भार्या होगा, अर बे आपकी आँख्या मीच राखी ह। अंय्यां नइ होतो तो बे आपकी आँख्याऊँ देखता अर कानाऊँ सुणता अर मनऊँ समजता अर मन बदलर मेर कनै आता, अर म बानै निरोगो करतो।’
28
थानै ओ जाणबो चाए की परमेसर को छुटकारो गैर-यहूदि मिनखा क कनै भेज्यो गयो ह। बे इ छुटकारा का समचारनै सुणसी।”
29
पोलुस क अंय्यां बोलबा क पाछै यहूदि मिनखा म खिचा-ताणी होगी अर बे बठैऊँ चलेगा।
30
बो पूरा दो बरसा ताँई आपका किराया का मकान म रिह्यो, अर जखा बी बिकन आता हा, बो बा सगळा की आवभगत करतो हो।
31
अर बिना रोक-टोक बेधड़क होर परमेसर का राज को परचार करतो अर परबु ईसु मसी की बाता सीखातो हो।
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