bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Shekhawati
/
Shekhawati
/
Luke 19
Luke 19
Shekhawati
← Chapter 18
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 20 →
1
जद ईसु यरियो नगरी होतो होयो जार्यो हो।
2
जणा बठै जक्कई नाम को एक मिनख हो जखो चुंगी लेबाळा को सरदार हो अर बो पिसाळो हो।
3
बो ईसुनै देखबा की तक म हो पण भापड़ो देख कोनी पार्यो, क्युं क भीड़ रेह्गी घणी अर बो रेह्गो बावन्यो।
4
जणा बो ईसुनै देखबा ताँई भीड़ऊँ अगाऊ भागर ईसु, जि गेलाऊँ जाबाळो हो बि गेला म एक अंजीर का दरख्त प जार चढगो।
5
जद ईसु बि दरख्त क कनै पुग्यो जणा बो बठै खड़्यो होर उपरनै देखर जक्कईऊँ बोल्यो, “जक्कई बेगोसो तळै उतर्या क्युं क आज म तेरै घराई बासो लेस्युं।”
6
जणा जक्कई बेगोसोक दरख्तऊँ तळै उतर्यो, अर बानै राजी-राजी आपकै घरा लेगो।
7
आ देखर जत्ता बी बठै भेळा होर्या हा बे सगळा आपसरी म बड़बड़ाबा लागगा क, “ओ तो पापी क घरा पावणा-पुड़ी खाबा गयो ह।”
8
पण जक्कई ह जखो भापड़ो खड़्यो होर परबुऊँ बोल्यो, “ओ म्हराज मेर कनै जत्ती बी धन-दोलत ह बिको आदो म गरीबा म बाट देस्युँ अर ज बेईमानीऊँ कोई भाईड़ा को क्युं बी दाब लिओ हो जणा म बिको बिनै चोगुणो पाछो दे देस्युँ।”
9
अत्ती सुणर ईसु बिनै बोल्यो, “इ कूणबा म आज छुटकारो आगो ह क्युं क ओ बिस्वास कर दिखा दिओ की ओ अब्राहम की ओलाद ह।
10
क्युं क मिनख को बेटो गुमेड़ानै ढुंढबा अर बानै बचाबाई धरती प आयो ह।”
11
जद बे बिकी बाता सुणर्या हा जणाई बो बानै एक मिसाल ओर दिनी क्युं क ईसु यरूसलेम क सांकड़ैई हो अर मिनख आ मन म कर राखी ही क परमेसर को राज बस परगट होबाळोई ह।
12
जणा बो खेबा लाग्यो, “एक आदमी जिकनै अणाप-सणाप धन-दोलत ही बो राज करबा की सीख लेबा ताँई दूर दिसावर चलेगो।
13
जाबाऊँ पेल्या बो आपका दस दासानै बुलाया, अर बुलार बानै एक-एक सोना की म्होर दिनी अर बोल्यो, ‘म जि दिन ताँई पाछो नइ आऊँ बि दिन ताँई आऊँ लेणदेण करज्यो।’
14
पण बिकी नगरी का दुसरा मिनख बिऊँ जळता-बळता हा बे बिकै गेल एक टोळी क हात आ खुवा भेज्यो की, ‘म्हें कोनी चावां क ओ म्हारै प राज करै।’
15
“पण बो राजा बणर पाछो आपकै घरा आग्यो। अर आताई बो बा दासानै बुलायो जानै बो सोना की म्होर देर गयो हो क्युं क बो आ जाणबो चावै हो क बे बा म्होराऊँ क्यु कमाया हीं क कोनी।
16
जणा पेलो आर बोल्यो, ‘मालिक थारी एक म्होरऊँ म दस म्होरा ओर कमाली।’
17
जणा बो मालिक बि दासनै बोल्यो, ‘तू मेरो चोखो दास ह जखो तू अत्तीसी बात म बी मेरै बिस्वास जोगो रिह्यो। जणा इब म तनै दस नगरा प हक द्युँ हूँ।’
18
दुसरो आर बोल्यो, ‘मालिक थारी म्होरऊँ म पाच ओर कमाई।’
19
पेला की जंय्यांई बो बिनै बी बोल्यो, ‘तू पाच नगरा प जमीदार होसी।’
20
इब तीसरो आर बोल्यो, ‘अ ल्यो थारी म्होर जिनै म बि दिन इ गमछा म आटी देर बांद लिनी ही।
21
क्युं क म डरगो हो, थे हो जखा अंय्यां का आदमी हो जखो थारो कोनी बिनै लेल्यो अर जखो थे कोनी बोयो बिनै काटल्यो।’
22
जणा बो मालिक बिऊँ बोल्यो, ‘तू बुरो दास ह! म तेरा कह्या गेलई तेरै सागै करस्युं। तू जाणता बुजता क म टेडो आदमी हूँ जखो म कोनी धरूँ बिनै लेल्युँ अर जखो कोनी बोऊँ बिनै काट ल्युं।
23
तू बिनै ब्याजुणा क्युं कोनी दिओ? जिऊँ म पाछो आर बानै ब्याज समेत ले लेतो।’
24
जणा जखा बठै बिकन खड़्या हा बाऊँ बो बोल्यो, ‘इकी म्होर इऊँ पाछी लेल्यो अर जखो दस कमाई ह बिनै देद्यो।’
25
आ सुणर बे बोल्या, ‘मालिक इकन तो पेलीऊँ दस म्होरा हीं।’
26
मालिक बोल्यो, ‘म थानै बोलुँ हूँ जिकनै ह बिनै ओर दिओ जासी अर जिकनै कोनी बिऊँ जोक्यु बिकन ह बो बी पाछो खोस लिओ जासी।
27
अर बे जखा मेरा बेरी हीं जखा मनै, इ राजगद्दि प बेठ्यो कोनी देख सकै बानै मेरै सामै ल्यार बाका सीर धड़ऊँ नाकै कर द्यो।’”
28
अ सगळी बाता खे-खार ईसु यरूसलेम कानि बाऊँ पेली आपका पाऊंडा बढाया।
29
अर जद बो जेतून डूँगर प बेतफगे अर बेतनिया क सांकड़ै पुग्यो जणा बो आपका चेला मऊँ दोनै आ खेर भेज्यो,
30
“सामला गाँव म जाओ अर जंय्यांई थे बड़स्यो थानै एक गधेड़ी को बच्यो भंदेड़ो लाधसी जिपै आज ताँई कोई कोनी बेठ्यो बिनै खोलर ल्याओ।
31
ज थानै कोई बुजै की थे इनै क्याले खोलर्या हो जणा थे बिनै बोल दिज्यो परबुनै इकी जुर्त ह।”
32
जानै भेज्या बे जार बठै देख्या जणा बानै ठिक बंय्यांई जंय्यां बानै बो बोल्यो हो लाध्यो।
33
जंय्यांई बे बिनै खोलर्या हा जणा बि गधेड़ी का बच्या का धणी बाऊँ बुज्या, “इ बच्यानै क्याले खोलो हो?”
34
जणा बे बोल्या, “परबुनै इकी जुर्त ह।”
35
अर बे बि गधेड़ी का बच्यानै ईसु कनै ल्याया अर आपका गाबा बिपै गेर बिपै ईसुनै बिठा दिआ।
36
अर ईसु जि गेलाऊँ जार्या हा बि गेला म ईसु क आगै-आगै लोग आपका गाबा बिछाता जार्या हा।
37
अर जद बो जेतून की डूँगरी की ढाळ म आयो जणा सगळा का सगळा चेला राजी हो होर जोरऊँ परमेसर की बडाई करबा लागगा क्युं क बे बिका सगळा ताजूब का कामानै देख्या हा।
38
बे जोर-जोरऊँ कह्या, “धने ह बो राजा जखो परबु क नामऊँ आवै। ईस्बर नगरी म स्यांती अर परमेसर की जे-जैकार होवै।”
39
जणा भीड़ मऊँ क्युंक फरिसी बोल्या, “म्हराज थारा चेलानै थामो।”
40
बो बानै जुबाब दिओ, “ज अ चुप होज्यासी जणा भाठा चिला उठसी।”
41
अर कनै आर जद बो यरूसलेमनै देख्यो जणा बिनै बिपै रोज आयो।
42
अर बोल्यो, “ज तू आज आ जाणतो क तनै स्यांती किऊँ मिलसी! पण हाल बिनै तू तेरी आँख्याऊँ कोनी देख सकै!
43
अर बे दिन बी आसी जद तेरा बेरी तेरै च्यारूमेर आडी देर तनै दबोच लेसी।
44
बे तनै अर तेरा टाबरानै धूळ म मिला देसी। अर तेरै मांयनै भाठा प भाठोई कोनी छोडसी। क्युं क तू बि टेमनै कोनी जाण्यो जद परमेसर तनै बचाबा आयो।”
45
जणा ईसु मनदर का आँगणा म जार ब्योपारिआनै बारनै काडबा लागगो।
46
अर बानै बोल्यो, “सास्तरा म मंडर्यो ह, ‘मेरा मनदरनै अरदास को घर बोल्यो ज्यासी।’ पण थे इनै डाकूआ की खोळ बणा लिनी ह।”
47
अर ईसु रोजकी मनदर म सीख देतो हो। पण परधान याजक, सास्तरानै सीखाबाळा अर लोगा का नेता बिनै मारबा की ताक म रेह्बा लागगा।
48
पण बाकै अंय्यां करबा को कोई मोको हात कोनी लाग्यो। क्युं क सगळा मिनख बिका बचनानै बोळा मानता हा।
← Chapter 18
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 20 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
Recommended Reading
Commentary
Luke Commentaries
→
Devotional
Luke Devotional Guide
→
Get This Bible
Shekhawati Study Bible
→