bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Shekhawati
/
Shekhawati
/
Luke 3
Luke 3
Shekhawati
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 4 →
1
आ बात जणा की ह जद तिबिरियुस कैसर का राज-काज को पन्दरवो बरस हो, जद यहूदिआ को राजपाल पिन्तुस पीळातुस हो, अर गलिल को राजपाल हेरोद हो, अर बिको भाई फलिपूस इतूरिया अर तरखोमीतिस को, अर अबिलेन को राज-काज लिसानियास क तळै हो।
2
बि टेम हन्ना अर केफा म्हायाजक हा, बा दिना म जकरयाह का छोरा यहून्नानै उजाड़ म परमेसर का समचार लाग्या।
3
अर बो यरदन नदि अर बिकै आसपड़ोस की सगळी झघा म घूम-घूम परचार करतो हो क, “थारा पापऊँ तौबा कर पाणी को बतिस्मो लेल्यो जिऊँ परमेसर थारा पापनै माफ कर देसी।
4
जंय्यां की यसाया परमेसर की खेबाळा का बचना हाळी पोथी म मंडर्यो ह क, ‘कोई उजाड़ म हेलो देवै ह, परबु ताँई गेलो बणाओ अर बिको गेलो सिदो-सपाट करो।
5
सगळी घाट्या को भराव कर इकसार कर्यो जाणो, टेडा-मेडा गेला सिदा कर्या जाणा अर बेढंग का गेलानै ढंग का बणाया जाणा जरूरी ह।
6
अर सगळा मिनख परमेसर का छुटकारा का कामनै देखसी।’”
7
जत्ता बी यहून्ना क कनै पाणी को बतिस्मो लेबा आता बा सगळानै बो एकई बात बोलतो, “अरै सपोलो थानै, थार प पड़बाळी परमेसर की झाळऊँ बचबा ताँई कूण बता दिओ?
8
जणा इब थारा करमाऊँ ओ बेरो पड़णो चाए क थे पाप करबो छोड दिआ हो। अर अंय्यां मना जताओ की म्हें अब्राहम की ओलाद हां। क्युं क म जाणू हूँ अर थारूँ बी बोलुँ हूँ परमेसर आ भाठाऊँ बी अब्राहम ताँई ओलाद पैदा कर सकै ह।
9
इब कुहाड़ो दरख्त की जड़्या प ह जखो बोजो चोखो फळ कोनी ल्यावै बिनै का'टर आग म बाळ दिओ ज्यासी।”
10
जणा बा भीड़ बिऊँ बुजी, “म्हानै काँई करबो चाए?”
11
बो बोल्यो, “जिकनै दो कुर्ता हीं बे बिकै सागै बाट ले जिकनै कोनी। अर जिकनै रोटी ह बो बी अंय्यांई करै।”
12
चुंगी लेबाळा बी बिकन पाणी को बतिस्मो लेबा आया अर बिऊँ बुज्या, “म्हानै काँई करबो चाए म्हराज?”
13
बो बानै ओडायो, “जत्तो थानै बताएड़ो ह बिऊँ बेत्ती मना लिज्यो।”
14
सिपाईड़ा बी बिऊँ बुज्यो, “म्हें काँई करां?” बिको जुबाब ओ हो क, “थे पिसा ताँई मिनखानै मना डराज्यो बस थारी तनखा म राजी रेहज्यो अर कोई प झूठो दोस मना लगाज्यो।”
15
इब मिनखा की आस बढबा लागी क मसी परगट होबाळो ह। अर बे सोचबा लागर्या हा क, “कदै ओई तो मसी कोनी ह?”
16
जणा यहून्ना बा सगळाऊँ बोल्यो, “म तो थानै पाणी को बतिस्मो देर्यो हूँ पण जखो आबाळो ह बो बोळो सक्तिसाली ह म तो बिकाळा जूता का सळू खोलबा जोगोई कोनी। अर बो थानै लाय अर पबितर आत्मा को बतिस्मो देसी।
17
अर बो छाजळो लेर त्यार ह जिऊँ बो ग्युंआ मऊँ डूण्डळी साप करसी, जिऊँ ग्युंनै तो आपकी ओबरी म धर देसी अर डूण्डळ्यानै बाळबा ताँई कदैई कोनी बुत्तबाळी लाय म गेर देसी।”
18
अर बो मिनखानै ओर बोळी बाताऊँ समजार चोखो समचार सुणातो रिह्यो।
19
पण जद यहून्ना राजपाल हेरोदनै बिका भाईड़ा की लूगाई हेरोदिआसऊँ ब्या करबा अर बिका सूगला कामा क पेटै ओळमो दिओ।
20
जणा हेरोद सऊँ बुरो काम ओ कर्यो की यहून्नानै काळ-कोठड़ी म गिरवा दिओ।
21
जद सगळा मिनख पाणी को बतिस्मो लेर्या हा, बाकै पाछै ईसु बी पाणी को बतिस्मो लिओ। अर जंय्यांई ईसु अरदास कर्यो बि टेम परमेसर अकासनै खोल दिओ।
22
अर पबितर आत्मा कबूतर की काया को रूप लेर बिपै उतर्यो, जणा अकासऊँ हेलो आयो “तू मेरो लाडलो बेटो ह, म तेरूँ बोळो राजी हूँ।”
23
ईसु करीब तीस बरस को होयो हो जणा बो बचन की सीख देबो चालू कर्यो। ईसु मिनखा की नजर्या म युसूफ को बेटो हो अर युसूफ एली को छोरो हो,
24
एली जखो मत्तात की, मत्तात लेवी की, लेवी मलकी की, मलकी यन्ना की, यन्ना जखो युसूफ की,
25
युसूफ जखो मत्तीया की, मत्तीया आमोस की, आमोस नहूम की नहूम असल्याह की, असल्याह नोगह की,
26
नोगह जखो मात की, मात जखो मत्तीया की, मत्तीया जखो सिमी की, सिमी योसेख की, योसेख योदहा की,
27
योदहा योनान की, योनान रेसा की, रेसा जरूबाबील की, जरूबाबील बरसतियेल की, बरसतियेल नेरी की,
28
नेरी मलकी की, मलकी अद्दि की, अद्दि कोसाम की, कोसाम इलमोदाम की, इलमोदाम ऐर की,
29
ऐर जखो यहोसू की, यहोसू एलीयाजर की, एलीयाजर योरीम की योरीम मत्तात की, मत्तात लेवी की,
30
लेवी समोन की, समोन यहूदा की, यहूदा युसूफ की, युसूफ योनान की, योनान इल्याकीम की।
31
इल्याकीम मलेआ की, मलेआ मिन्नाह की, मिन्नाह मत्तात की मत्तात नातान की, नातान दाऊद की,
32
दाऊद यिसै की, यिसै ओबेद की, ओबेद बोआज की, बोआज सलमोन की, सलमोन नहसोन की,
33
नहसोन अमिनादाब की, अमिनादाब ऐराम की, ऐराम हेजरोन की, हेजरोन फरिस की, फरिस यहूदा की
34
यहूदा याकूब की, याकूब इसाक की, इसाक अब्राहम की अब्राहम तिरह की, तिरह नाहोर की,
35
नाहोर जखो सरूग की, सरूग रऊ की, रऊ फिलीग की, फिलीग एबिर की, एबिर सिलह की,
36
सिलह केनान की, केनान अरफछद की, अरफछद सेम की सेम नूह की, नूह लिमिक की,
37
लिमिक मथूसिलह की, मथूसिलह हनोक की हनोक यिरिंद की, यिरिंद महलेल की, महलेल केनान की,
38
केनान जखो एनोस की एनोस जखो सेत की, सेत जखो आदम की ओलाद ही, आदम जिनै परमेसर रच्यो।
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 4 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24