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Isaiah 11
Isaiah 11
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1
एक ठू अंकुर क नाई जे उ पेड़ स उगत ह जउन कटा जात रहा, एक ठू अंकुर (पूत) यिसै क ठुँठ (परिवार) स उगब सुरू होइ। हाँ, इ अब डार यिसै क जड़ स उगी।
2
उ पूत मँ यहोवा क आतिमा होइ। उ आतिमा विवेक, समझबूझ, मार्ग दर्सन अउ सक्ति क आतिमा होइ। उ आतिमा
3
इ पूत क यहोवा क समुझइ अउर ओकर आदर करइ मँ मदद देइ। उ इ पूत यहोवा क आदर करी अउर एहसे उ खुस होइ। इ पूत वस्तुअन जइसी देखॉइ देत रही होइ, ओकरे अनुसार लोगन क निआव नाहीं करी। उ सुनी, सुनाई क आधार पइ ही निआव नाहीं करी।
4
उ गरीब लोगन क निआव ईमानदारी अउर सच्चाई क साथ करी। धरती क दीन जनन बरे जउन कछू करइ क उ निर्णय लेइ, ओहमाँ उ पच्छपात रहित होइ। जदि उ निर्णय करत ह कि लोगन पइ मार पड़इ तउ उ आदेस देइ अउर ओन लोगन पइ मार पड़ी। जदि उ निर्णय करत ह कि ओन लोगन क मउत होइ चाही तउ उ आदेस देइ अउर ओन दुस्टन क मउत क घाट उतार दीन्ह जाइ। नेकी अउर सच्चाई इ पूत क सक्ति प्रदान करी। ओकरे बरे नेकी अउर सच्चाई एक अइसे कमर बंद क नाई होइहीं जेका उ आपन कमर क चारिहुँ कइँती लपेटत ह।
6
ओकरे सासन काल मँ मेमना अउर जंगली भेड़िया सांति स एक साथ रइहीं। चीता अउ बोकरी क बच्चा एक संग सान्ति स पड़ा रइहीं। बछवन, सेर अउर साँड़ आपुस मँ सान्ति क साथ रइहीं। एक ठु नान्ह सा गदेला ओकर अगुवाई करी।
7
गइयन अउर रीछिन सान्ति क संग संग आपन खइया क खइहीं। ओनकर बच्चन साथे-साथे बइठा करिहीं अउर आपुस मँ एक दूसर क नोस्कान नाहीं पहोंचइही। सेर गइयन क नाईं घास चरिहीं
8
अउर हिआँ तलक कि साँप भी लोगन क नोस्कान नाहीं पहोंचइहीं। काले नाग क बिल क लगे एक गदेला तलक खेल सकी। कउनो भी गदेला बिसैला नाग क बिले मँ हाथ डाइ सकी।
9
इ सबइ बातन देखाँवत हीं कि हुवाँ सब कहूँ सान्ति होइ। कउनो मनई कउनो दूसर क नोस्कान नाहीं पहोंचाइ। मोर पवित्तर पर्वत क लोग वस्तुअन क नस्ट नाहीं करइ चइहीं। काहेकि लोग यहोवा क फुरइ जान लेइहीं। उ सबइ ओकरे गियान स अइसे परिपूर्ण होइहीं जइसे सागर जल स परिपूर्ण होत ह।
10
उ समय यिसै क परिवार मँ एक खास मनई होइ। एक मनई एक झंडा क समान होइहीं। इ “झंडा” देखाँई कि समुचय रास्ट्रन क ओकरे आसपास बटोर जाइ चाही। इ सबइ रास्ट्र ओहसे पूछा करिहीं कि ओनका का करइ चाही? अउर उ ठउर, जहाँ उ होइ, भव्यता स भरि जाइ।
11
अइसे समइ मँ, मोर सुआमी फुन आपन लोगन क एक संग जमा करी। उ आपन लोगन मँ स जिअत भवा क अस्सूर, उत्तरी मिस्र, दक्खिनी मिस्र, कूस, एलाम, बाबुल, हमात तथा समूचइ संसार मँ फइला भवा अइसे ही सुदूर देसन मँ “वापिस खरीदी।”
12
परमेस्सर सब लोगन बरे संकेत क रूप मँ झंडा उठाइ। इस्राएल अउ यहूदा क लोग आपन-आपन देसन क तजइ बरे मजबूर कीन्ह ग रहेन। उ सबइ लोग धरती पइ दूर-दूर फइल ग रहेन किन्तु परमेस्सर ओनका परस्पर बटोरी।
13
उ समय एप्रैम यहूदा स जलन नाहीं रखी। यहूदा क कउनो दुस्मन नाहीं बची। यहूदा एप्रैम क बरे कउनो कस्ट पइदा नाहीं करी।
14
बल्कि एप्रैम अउ यहूदा पलिस्तियन पइ हमला करिहीं। इ सबइ दुइनउँ देस उड़त भए ओन पंछियन क नाई होइहीं जउन कउनो नान्ह स जनावर क धरइ बरे झपट्टा मारत हीं। एक संग मिलिके उ सबइ दुइनउँ पहिले क धन दौलत लूट लेइहीं। एप्रैम अउ यहूदा एदोम, मोआब अउ अम्मोनी क लोगन पइ कब्जा कइ लेइहीं।
15
यहोवा कोहाइ जाइ अउर जइसे उ मिस्र क सागर क दुइ हींसा मँ बाँट दिहे रहा, उहइ तरह परात नदी पइ तु आपन हाथ उठाइ अउर ओह पइ वार करी। जेहसे उ नदी सात नान्ह धारन मँ बँटि जाइ। इ सबइ नान्ह जलधारन गहिर नाहीं होइहीं। लोग आपन जूतन पहिरे भए पैदल चलिके ओनका पार कइ लेइहीं।
16
परमेस्सर क लोग जउन हुवाँ छूट ग रहेन अस्सूर क तजि देइ बरे राह पाइ जइहीं। इ वइसा ही होइ, जइसा उ समय भवा रहा, जब परमेस्सर लोगन क मिस्र स बाहेर निकारिके लिआवा रहा।
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