bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
Awadhi
/
Isaiah 34
Isaiah 34
Awadhi
← Chapter 33
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 51
Chapter 52
Chapter 53
Chapter 54
Chapter 55
Chapter 56
Chapter 57
Chapter 58
Chapter 59
Chapter 60
Chapter 61
Chapter 62
Chapter 63
Chapter 64
Chapter 65
Chapter 66
Chapter 35 →
1
हे सबहिं रास्ट्र क लोगो, पास आवा अउर सुना। तू सब लोगन क धियान स सुनइ चाही। हे धरती अउ धरती पइ क सबहिं वासियो, हे जगत अउ ऐह मँ स आइ सबहिं वस्तुओ, तू सबन्क एन बातन क सुनइ चाही।
2
यहोवा सबहिं देसन अउर ओनकर फउजन पइ कोहान अहइ। यहोवा ओन सब क बर्बाद कइ देइ। उ ओन सबहिं क मरवाइ डाइ।
3
ओनकर ल्हासन बाहेर बहाइ दीन्ह जइहीं। ल्हासन स दुर्गन्ध उठी अउर पहाड़ क ऊपर स खून खाले क बही।
4
अकास चर्मपत्र क नाई लपेटिके मूँदि दीन्ह जइहीं। ग्रह तारन मरिके अंगूरे क बेल या अंजीरे क पत्तन क नाई गिरइ लगिहीं। अकासे क सबहिं तारन टेघर जइहीं।
5
यहोवा कहत ह, “अइसा उ समय होइ जब अकासे मँ मोर तरवार खूने मँ सन जाइ।” लखा! यहोवा क तरवार एदोम क काटि डाइ। यहोवा ओन लोगन क अपराधी ठहराएस ह तउ ओन लोगन क मरब ही होइ।
6
यहोवा क तरवार मेमना अउर बोकरियन क खून स लतपत होइ गवा अहइ। अउर भेड़ा क गुर्दन क चर्बी स चिकनाई गवा अहइ। काहेकि यहोवा निहचइ किहस ह बोसरा मँ कत्लेआम होइ उ समइ बहोत सारे लोग एदोम मँ मारइ जाइहीं।
7
तउ भेड़न, मवेसी अउ हट्टे कट्टे जंगली बर्धन मारा जइहीं। धरती ओनकर खून स भरि जाइ। माटी ओनकी चर्बी स पट जाइ।
8
अइसी बातन घटिहीं काहेकि यहोवा सजा देइ क एक समय तय किहेस ह। यहोवा एक साल अइसा चुन लिहस ह जेहमाँ लोग आपन ओन बुरे कामन बरे जउन सिय्योन क खिलाफ किहेन ह, जरूर ही भुगतान कइ देइहीं।
9
एदोम क नदियन अइसी होइ जइहीं जइसे माना उ सबइ गरम तारकोल क होइँ। एदोम क धरती बरत भइ गंधक अउ तारकोल क समान होइ जाइ।
10
उ पचे आगे रात दिन बरा करिहीं। कउनो भी मनई उ आगी क रोकि नाहीं पाई। एदोम स सदा धुआँ उठा करी। उ धरती सदा सदा बरे बर्बाद होइ जाइ। उ धरती स होइके फुन कबहुँ कउनो नाहीं गुजरा करी।
11
उ धरती परिंदन अउर नान्ह-नान्ह जनावरन क होइ जाइ। हुवाँ कुचकुचवन अउर कउअन क बास होइ। परमेस्सर उ धरती क “सूनी उजाड़” भुइँया मँ बदल देइ। इ वइसी ही होइ जइसी इ सृस्टि स पहिले रही।
12
स्वतंत्र मनई अउर मुखिया लोग खतम होइ जइहीं। ओन लोगन क हुकूमत करइ बरे हुवाँ कछू भी नाहीं बची।
13
हुवाँ क सबहिं सुन्नर भवनन मँ काँटन अउर जंगली झाड़ियन जमि अहइी। जंगली कुकुरन अउर कुचकुचवन ओन मकानन मँ बास करिहीं। परकोटन स जुकत नगरन क जंगली जानवर आपन निवास बनाइ लेइहीं। हुवाँ जउन घास जमी ओहमाँ बड़के बड़के पंछी रइहीं।
14
हुवाँ जंगली बिल्लियन अउर लकड़ बग्घन साथ रहा करिहीं अउर जंगली बोकरियन हुवाँ आपन मीतन क बोलइहीं। राति क जीवजन्तु हुवाँ आपन बरे आस्रय खोजत फिरिहीं अउर हुवँइ विस्राम करइ बरे आपन जगह बनाइ लेइहीं।
15
साँप हुवाँ आपन घर बनाइ लेइहीं। हुवाँ साँप आपन अण्डन दिया करिहीं। अण्डन फूटिहीं अउर ओन अँधियारा स भरे जगहन स रेगत भए साँप क बच्चन बाहेर निकरिहीं। हुवाँ मरी चिजियन क खाइवाले पंछी एक क पाछे एक एकट्ठा होत चला जइहीं।
16
यहोवा क चर्म-पत्र क लखा। पढ़ा ओहमाँ का लिखा अहइ। कछू भी नाहीं छूटा अहइ। उ चर्म-पत्र मँ लिखा अहइ कि उ पचे सबहिं पसु पंछी एकट्ठा होइ जइहीं। एह बरे परमेस्सर क मुँह इ आदेस दिहन अउर ओकर आतिमा ओनका एक संग एकट्ठा कइ दिहस। परमेस्सर क आतिमा ओनका परस्पर एकट्ठा करी।
17
परमेस्सर ओनके साथ का करी, इ उ निहचय कइ लिहस ह। एकरे पाछे परमेस्सर ओनके बरे एक जगह चुनेस। परमेस्सर एक रेखा हींचेस अउर ओनका ओनकर धरती देखाइ दिहस। एह बरे उ धरती सदा सदा पसुअन क ही होइ जाइ। उ पचे हुवाँ साल दर रहत साल चला जइहीं।
← Chapter 33
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 51
Chapter 52
Chapter 53
Chapter 54
Chapter 55
Chapter 56
Chapter 57
Chapter 58
Chapter 59
Chapter 60
Chapter 61
Chapter 62
Chapter 63
Chapter 64
Chapter 65
Chapter 66
Chapter 35 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36
37
38
39
40
41
42
43
44
45
46
47
48
49
50
51
52
53
54
55
56
57
58
59
60
61
62
63
64
65
66