bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bundeli
/
Bundeli
/
Luke 20
Luke 20
Bundeli
← Chapter 19
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 21 →
1
एक दिना ऐसो भओ कि जब बो मन्दर में उपदेस दे रओ हतो, तो धरम महा पण्डत और शास्त्र ज्ञानी, और बूढ़े पुरानन के संग्गै आके ठांड़े भए।
2
और कैन लगे, कि हम हां बता, तें इन कामन हां कौन अधकार से करत आय, और बो को आय जीने तोहां जौ अधकार दओ आय?
3
यीशु ने उन हां उत्तर दओ, मैं सोई तुम से एक बात पूंछत आंव, मोय बताओ।
4
यूहन्ना कौ बपतिस्मा सरग कुदाऊं से हतो या मान्सन कुदाऊं से हतो?
5
तब बे औरें आपस में कैन लगे, जदि हम कएं सरग कुदाऊं से, तो बो कै है; फिन तुम ने ऊ को बिसवास काय नईं करो?
6
और जदि हम कएं, मान्सन कुदाऊं से, तो सबरे मान्स हम हां पथरा से मार डाल हैं, कायसे सबरे मान्स जानत हते, कि यूहन्ना आगमवकता हतो।
7
सो उन ने उत्तर दआ, हम नईं जानत कि बो कौन कुदाऊं से हतो।
8
यीशु ने उन से कओ, मैं सोई तुम हां नईं बतात, कि मैं जे काम कौन अधकार से करत आंव।
9
तब बो मान्सन से जा कनौत कैन लगो, कोऊ मान्स ने एक दाख कौ बगीचा लगाओ, और किसानन हां ऊकौ ठेका दे दओ और बिलात दिना के लाने परदेस चलो गओ।
10
टैम पे मालक ने किसानन के ऐंगर एक चाकर हां पठैओ, कि दाख के बगीचा कौ कछु फल ऊहां देबें, पर किसानन ने ऊहां मार पीट के छूछे हाथ लौटा दओ।
11
फिन ऊ ने एक और चाकर हां पठैओ, और उन ने ऊ ए सोई पीट के और ऊकौ अपमान कर के छूछे हांथ लौटा दओ।
12
फिन ऊ ने तीसरे चाकर हां पठैओ, और उन ने ऊ ए सोई पीट के निकाल दओ।
13
तब दाख के बगीचा के मालक ने कओ, मैं का करों? मैं अपने प्यारे पूत हां पठै हों का जाने बे ऊकौ मान करें।
14
जब किसानन ने ऊहां तको तो आपस में विचार करन लगे, कि जौ तो वारिस आय; आओ, हम ऊहां मार डालें, कि जा हमाई बपौती हो जाबै।
15
और उन ने ऊहां दाख के बागीचा के बायरें काड़ के मार डालो: ई लाने दाख के बागीचा कौ मालक उन के संग्गै का कर है?
16
बो आके उन किसानन हां नास कर है, और दाख कौ बागीचा और दूसरन हां सौंप है: जा सुन के उन ने कओ, परमेसुर ऐसो न करे।
17
यीशु ने उन कुदाऊं तक के कओ; फिन जौ का लिखो आय, कि जो पथरा हां कारीगरन ने बेकार ठैराओ हतो, ओई कौने कौ मुड़ीसा हो गओ।
18
जौन कोऊ ऊ पत्थर पे गिर है बो चकनाचूर हो जै है, और जी पे ऊ पथरा गिर है, ऊहां पीस डाल है।
19
ओई बेरा शास्त्र पण्डत और धरम महा पण्डतन ने यीशु हां पकड़बो चाहो, कायसे बे समज गए हते, कि ऊ ने हम पे जा कानौत कई आय, पर बे मान्सन से डरे।
20
और बे औरें यीशु की ताक में लगे रए और उन ने कछु भेदिए पठैय, कि धरम कौ भेस धरके ऊ की कोऊ न कोऊ बात पकड़ें, जी से यीशु हां राजपाल हां सौंपे।
21
उन ने यीशु से कओ, हे गुरु, हम जानत आंय कि तें सई सई कैत आय, और सई सई सिखात आय, और कौनऊं की तरफदारी नईं करत; पर परमेसुर की गैल सचाई से बतात आय।
22
अब तें हम हां बता कि का कैसर महाराज हां कर देबो सई आय, कि नईं।
23
यीशु ने उन की चतुराई ताड़ के उन से कओ; एक दीनार मोय दिखाओ।
24
ई पे कौन की मूरत और नाओं आय? उन ने कओ, कैसर कौ।
25
यीशु ने उन से कओ; तो जौन कैसर को आय, बो कैसर हां दो और जौन परमेसुर कौ आय बो परमेसुर हां देओ।
26
बे मान्सन के सामूं यीशु की बात हां न पकड़ सके, और यीशु के उत्तर से चकित होकें चिमाने रै गए।
27
फिन सदूकी जो कैत आंय, कि मरे भयन कौ जी उठबो हैई नईंयां, उन में से कछु यीशु के ऐंगर आए और ऊसे पूंछो।
28
कि हे गुरु, मूसा ने हमाए लाने ऐसो लिखो आय, कि जदि कोऊ कौ भईया अपनी ब्यावता के रैत भए बिना बाल बच्चा मर जाबे, तो ऊकौ भईया अपने भाई की ब्यावता से ब्याओ कर ले, और अपने भईया के लाने वंस पैदा करे।
29
सो सात भईया हते, पैलो भईया ब्याओ कर के बिना बाल बच्चा मर गओ।
30
और फिन दूजे ने और फिन तीजे ने सोई ऊ बईयर हां ब्याह लओ।
31
ऐई भांत सातों बिना बाल बच्चा मर गए।
32
सब के पांछू बा बईयर सोई मर गई।
33
सो जी उठबे पे बा बईयर कौन की घरवाली हुईये, कायसे बा सातों की ब्यावता हो चुकी हती।
34
यीशु ने उन से कओ; ई जुग के बाल बच्चन में शादी ब्याओ होत आय।
35
पर जौन मान्स ई जोग हुईयें, कि ऊ जुग हां और मरे भयन में से जी उठबो पाबें, उन में शादी ब्याओ न हुईये।
36
बे फिन मरबेवारे सोई नईंयां; कायसे बे सरगदूतन घांई हुईयें, और जी उठबे के लरका वाले होकें बे औरें परमेसुर के बाल बच्चा सोई हुईयें।
37
पर जा बात कि मरे भए जी उठत आंय, मूसा ने सोई झाड़ी की घटना में उजागर करी आय, कि बो पिरभु हां इब्राहीम कौ परमेसुर, इसहाक कौ परमेसुर, और याकूब कौ परमेसुर कैत आय।
38
परमेसुर तो मरे भयन कौ नईं पर जीयत कौ परमेसुर आय: कायसे ऊके ऐंगर सबरे जीयत आंय।
39
तब जौ सुन के शास्त्र पण्डतन में से कैऊ एकन ने जौ कओ, कि हे गुरू, तेंने सई कओ।
40
फिन उन हां यीशु से कछु और पूंछबे कौ हियाव न भओ।
41
फिन यीशु ने उन से पूंछो, मसीह हां दाऊद कौ मौड़ा काय कैत आंय?
42
दाऊद खुद भजन की पोथी में कैत आय, पिरभु ने मोरे पिरभु से कओ।
43
मोरे दायने बिराज, जब लग कि मैं तोरे बैरियन हां तोरे गोड़ों के तरें न कर देंओं।
44
दाऊद तो उए पिरभु कैत आय; तो फिन बो ऊकौ मौड़ा कौन भांत ठैरो।
45
जब सबरे मान्स सुन रए हते, तो यीशु ने अपने चेलन से कओ।
46
शास्त्र पण्डतन से होसियार रओ, जौन हां लम्बे चोगा पैर के फिरबो साजो लगत आय, और जौन हां बजारों में नमस्कार और सभाओं में ऊंचो आसन और जेवनारों में खास जांगा साजी लगत आय।
47
जे बिधवाओं के घर हड़प जात आंय, और दिखाबे हां कुल्ल देर लौ बिन्तवाई करत रैत आंय: जे बिकट दण्ड पा हैं।
← Chapter 19
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 21 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24