bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bundeli
/
Bundeli
/
Matthew 26
Matthew 26
Bundeli
← Chapter 25
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 27 →
1
जब यीशु जे सब बातन हां कह चुको, तो अपने चेलन से कैन लगो।
2
तुम जानत आव, कि दो दिना के बाद फसह कौ पर्व आ रओ आय; और मान्स कौ पूत क्रूस पे चढ़ाए जाबे के लाने पकड़वाओ जै है।
3
तब महायाजक और लोगन के बड़े बूढ़े, कइफा नाओं के बड़े महायाजक के आंगन में जुड़े।
4
और उन ने आपस में यीशु हां मसकईं पकड़बे और मार डारबे की साजिस रची।
5
पर बे कहत हते, पर्व की बेरा नईं; कहूं ऐसो न होय कि लोगन में दंगा हो जाए।
6
जब यीशु बैतनिय्याह में शमौन कोढ़ी के घरै हतो।
7
तो एक बईयर संगमरमर के बासन में कीमती इतर लैके ऊके ऐंगर आई, और जब बो खाबे हां बैठो हतो, तो ऊके मूंड़ पे उड़ेल दओ।
8
जौ हेर के, ऊके चेले रिसयाए और कहन लगे, जा बरबादी काय?
9
ईहां ऊंचे दाम में बेंच के गरीबन हां पईसा दओ जा सकत हतो।
10
जा जानके यीशु ने उन से कई, तुम ई बईयर हां काय सतात आव? ऊने मोरे संग्गै भलाई करी आय?
11
गरीब तो तुमाए संग्गै सदा रैत आंय, पर मैं तुमाए संग्गै सदा न रै हों?
12
जब ऊने मोरे सरीर पे जौ इतर उड़ेलो, बो मोरे गाड़े जाबे के लाने करो आय।
13
मैं तुम से सांची कैत हों, कि सबरे संसारी में जिते कहूं जौ सन्देसो प्रचार करो जै है, उते ऊके ई काज की चरचा सोई ऊकी याद में करी जै है।
14
तब बारह में से एक, जी को नाओं यहूदा इस्करियोती हतो, महायाजकन के ऐंगर जाके ऊने कई।
15
अगर मैं यीशु हां तुमाए हाथन पकड़वा देंओं, तो मोय का दै हौ? उन ने ऊहां चांदी के तीस सिक्का तौल के दे दए।
16
और बो ऊहां पकड़वाबे के लाने सही मौका ढूंड़न लगो।
17
फिन चेले अखमीरी रोटी के त्योहार के पेंले दिना, यीशु के ऐंगर आके पूंछन लगे; तें किते चाहत आय कि हम तोरे लाने फसह की तईयारी करें?
18
ऊने कई, नगर में फलाने जन के ऐंगर जाके ऊसे कईयो, गुरू कैत आय, मोरी बेरा ऐंगर आय, मैं अपने चेलन के संग्गै तोरे इते फसह कौ त्योहार मना हों।
19
तब यीशु के हुकुम के अन्सर चेलन ने फसह की तईयारी करी।
20
जब संजा भई, तो बो बारह चेलन के संग्गै ब्यारी करबे बैठो।
21
जब बे ब्यारी कर रए हते, तो ऊने कई, मैं तुम से सांची कहत आंव, कि तुम में से एक मोय पकड़वा है।
22
ई पे बे सब बिलात दुखी भए, और एक एक करके ऊसे पूंछन लगे, हे गुरु, का बो मैं आंव?
23
ऊने कई, कि जीने मोरे संग्गै टाठी में हाथ डारो आय, ओई मोय पकड़वा है।
24
मान्स के पूत हां तो जैसो ऊके लाने लिखो गओ है, जातई है; पर हाय ऊपै, जी के द्वारा मान्स कौ पूत पकड़वाओ जै है: ऊ मान्स के लाने भलो होतो, कि ऊ को जन्म नईं होतो।
25
तब ऊके पकड़वाबे वाले यहूदा ने कई हे रब्बी, का बो मैं आंव? ऊने कई, तेंने खुद कह दई।
26
जब बे ब्यारी कर रए हते, तो यीशु ने रोटी लई, और आशीष मांग के तोड़ी, और चेलन हां दैके कई, लेओ खाओ; जा मोरी देह आय।
27
फिन ऊने कटोरा लैके, धन्यवाद करो, और उन हां देत भए कई, तुम सब ई में से पियो।
28
कायसे जे कौल कौ मोरो बो रकत आय, जौन बिलात लोगन के लाने पापन की छमा के लाने बहाओ जात आय।
29
मैं तुम से कैत आंव, कि दाख को जौ रस अबै से लैके ऊ दिना लौ नईं पी हों, जब लौ अपने बाप के राज्य मैं तुमाए संग्गै नओ न पिओं।
30
फिन भजन गाबे के बाद बे पहरवा पे चले गए।
31
तब यीशु ने उन से कई; आज रात तुम सब मोरे काजें ठोकर खै हौ; कायसे लिखो आय, मैं चरवाहे हां मार हों; और हेड़ की गाड़रें इते उते हो जै हैं।
32
पर जी जाबे के बाद मैं तुम से पेंला गलील हां जै हों।
33
ई पे पतरस ने ऊसे कई, जदि सबरे तोरे काजें ठोकर खाएं तो खाएं, पर मैं कभऊं नईं खै हों।
34
यीशु ने उन से कई, मैं तोसे सांची कहत आंव, कि आजई रात हां मुरगा की बांग देबे से पेंला, तें तीन बेर मोरो इनकर कर है।
35
पतरस ने ऊसे कई, जदि मोय तोरे संग्गै मरने भी पड़े, तो भी मैं तोसे न मेंट हों: और सब चेलन ने भी जाई बात कई।
36
तब यीशु उन के संग्गै गतसमनी नाओं की जांगह में आओ और ऊने अपने चेलन से कई, जब लौ मैं उते जाके प्रार्थना करत आंव, तुम इतईं बैठे रहियो।
37
और अपने संग्गै पतरस और जब्दी के दोई पूतन हां ले गओ, और दुखी और बेचैन होन लगो।
38
फिन ऊने उन से कई; मोरो मन बिलात उदास आय, इते लौ कि मैं मरबे पे आंव: तुम इतईं रुकियो, और मोरे संग्गै जगत रहियो।
39
फिन बो उन से तनक आंगू बढ़ो और मों के बल गिरो, और जा बिनती करन लगो, ओ मोरे बाप, जदि हो सकत आय, तो जौ कटोरा मोय से टल जाबै; फिन भी मोरी नईं, पर तोरी मनसा पूरी होय।
40
फिन बो चेलन के ऐंगर आओ और उन हां सोऊत पाओ, ऊने पतरस से कई; का तुम लोग मोरे संग्गै एक घड़ी लौ नईं जग पाए?
41
जागत रहियो, और प्रार्थना करत रहियो, कि तुम परीक्षा में नईं पड़ो: आत्मा तो तईयार आय, पर सरीर दुरबल आय।
42
फिन ऊने दूसरी बेर जाके जा बिनती करी; ओ मोरे बाप, अगर जौ मोरे पिये बगैर नईं टल सकत तो तोरी मनसा पूरी होबै।
43
तब ऊने आके उन हां फिन सोत पाओ, कायसे उन की आंख नींद में डूबी हतीं।
44
बो उन हां फिन छोड़के चलो गओ, और ओई बात कह के तीसरी बेर बिनती करन लगो।
45
फिन ऊने चेलन के ऐंगर आके उन से कई; अब सोत रओ, और सुस्तात रओ: तको, घड़ी आ गई आय, और मान्स कौ पूत पापियन के हाथन पकड़वाओ जात आय।
46
उठो, चलौ; तको, मोरो पकड़वाबे वालो ऐंगर आ गओ आय।
47
जब बो जौ कैई रओ हतो, तो हेरो, यहूदा जौन बारह चेलन में से एक हतो, आओ, और ऊके संग्गै तलवारें और लठियां लए भए एक बड़ी भीड़ आई, जीहां महायाजकन और लोगन के पुरनियन ने पठैव हतो।
48
पकड़वाबे वाले ने उन हां जौ कहके इसारो दओ हतो जीहां मैं चूमों ओई आय; ऊहां पकड़ लईयो।
49
और तुरतईं यीशु के ऐंगर आके बोलो; ओ रब्बी परनाम; और ऊहां खूब चूमो।
50
यीशु ने ऊसे कई; हे मित्र, जौन काज के लाने तें आओ आय, ऊहां कर ले। तब उन ने ऐंगर आके यीशु हां पकड़ लओ।
51
हेरो, यीशु के संगियन में से एक ने तलबार काड़ लई, और महायाजकन के चाकर पे चला दई और ऊको कान उड़ा दओ।
52
तब यीशु ने ऊसे कई; अपनी तलवार काठी में धर ले कायसे जौन तलवार चलात आंय, बे सब तलवार से मारे जै हैं।
53
का तें नईं समजत, कि मैं अपने बाप से बिनती कर सकत आंव, और बो तुरतईं सरगदूतन की सैना हां पठै दै है?
54
पर तब धर्मशास्त्र कौ लिखो कैसो पूरो हुईये, कि एैसई होबो जरूरी आय?
55
तब यीशु ने भीड़ से कई; का तुम तलवारें और लठियां लए मोय डाकू के समान पकड़बे आए आव? मैं रोजीना मन्दर में बैठ के सन्देसो दओ करत हतो, और तुम ने मोय नईं पकड़ो।
56
पर जौ सब ई लाने भओ आय, कि आगमवकतन कौ लिखो पूरो होबै। तब सब चेले ऊहां छोड़ के भग गए।
57
जिन ने यीशु हां पकड़ो हतो, बे ऊहां महायाजक काइफा के ऐंगर लै गए, जिते शास्त्री और पुरनिए जमा हते।
58
पतरस भी कछु दूरी पे ऊके पाछें पाछें निंग के महायाजक के आंगन लौ पोंचो, और भीतरै पिड़ के का हुईये जौ देखबे के लाने पहरेदारन के संग्गै बैठ गओ।
59
महायाजक और सारी महापंचायत यीशु के बिरोध में लाबरी गवाही दैबे की कोसिस करत रई, जीसे बे ऊहां मार डारें।
60
पर बिलात लबरे गवाह के आबे पे भी, बे कछु नईं कर सके।
61
आखिरी में दो जन ने आके कई, ई मान्स ने कई आय; कि मैं परमेसुर के मन्दर हां नास करके ऊहां तीन दिना में फिन के बना सकत आंव।
62
तब महायाजक ने ठांड़े होकें ऊसे कई, तें कछु उत्तर नईं देत? जे लोग तोरे बिरोध में का गवाही दै रए आंय? पर यीशु चुप रए: ई पे महायाजक ने ऊसे कई।
63
मैं तोय जीयत परमेसुर की कौल देत आंव, कि अगर तें परमेसुर कौ पूत मसीह आय, तो हम से कै दे।
64
यीशु ने ऊसे कई; तें ने खुदई कै दई; फिन भी मैं तोसे कहत आंव, कि अब से तुम मान्स के पूत हां सर्वशक्तिमान के दायने कोद बैठो, और सरग के बादरन पे आत भओ तक हौ।
65
तब महायाजक ने अपने उन्ना फाड़के कई, ईने परमेसुर की निन्दा करी आय, अब हम हां और गवाहियन की का जरूरत आय?
66
तको, तुम ने अबै जा निन्दा सुनी आय! तुम का समजत आव? उन ने उत्तर दओ, बो मृत्युदण्ड के लायक आय।
67
तब उन ने ऊके मों पे थूंको, और ऊहां घूसों से मारो, और कछु ने थप्पड़ मारके कई।
68
हे मसीह, आगमवानी करके हम हां बता दे: कि कीने तोय मारो?
69
पतरस आंगन में बायरें बैठो भओ हतो; कि एक चाकरनी ने ऊके ऐंगर आके कई, तें तो सोऊ गलील के यीशु के संग्गै हतो?
70
पर ऊ ने मना करत भए उन सब के सामूं कई, मैं नईं जानत कि तें का कै रई आय।
71
जब बो बायरें ड्योढ़ी में गओ, तो एक और चाकरनी ने ऊहां हेर के जौन उते हते उन से कई; जौ भी तो नासरत के यीशु के संग्गै हतो।
72
तब ऊने कौल खाके फिन मना करो, मैं ई मान्स हां नईं चीनत।
73
तनक बेरा बाद, जौन उते ठांड़े हते, उन ने पतरस के ऐंगर आके ऊसे कई, तें सोई उन में से एक आय; कायसे तोरी बोली तोरो भेद खोलत आय।
74
तब बो मेंटत भए कौल खान लगो, कि मैं ऊ मान्स हां नईं चीनत; और तुरतईं मुरगा ने बांग दई।
75
तब पतरस हां बो बात जौन यीशु ने कई हती याद आई, कि मुरगा के बांग देबे के पेंला तें तीन बेर मोरो इनकार कर है, और पतरस बायरें जाके फूट फूट के रोन लगो।
← Chapter 25
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 27 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28