bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bundeli
/
Bundeli
/
Matthew 4
Matthew 4
Bundeli
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 5 →
1
तबई आत्मा यीशु हां हार में लै गओ कि शैतान छलिया ऊकी परख करे।
2
बो चालीस दिना, और चालीस रात, उपासो रहो, और ऊहां भूख लगी।
3
और परखबेवारे ने ऐंगर आके ऊसे कई, अगर तें परमेसुर कौ पूत आय, तो हुकम दे, कि जे पत्थरा रोटियां बन जाबें।
4
ऊने उत्तर दओ; जौ भी लिखो है कि मान्स केवल रोटी से नईं, पर हर एक बोल से जो परमेसुर के मों से कड़त आय जीयत रै है।
5
तब शैतान ऊहां पवित्र नगरी में ले गओ और मन्दर के कंगूरे पे ठांड़ो करो।
6
और ऊसे कई अगर तें परमेसुर कौ पूत आय, तो अपने हां खालें गिरा दे; कायसे लिखो है, कि बो तोरे बारे में स्वर्गदूतन हां हुकुम दै है; और बे तोहां हाथन पे उठा लै हैं; कहूं ऐसो न होबै कि तोरे गोड़न में पत्थरा से ठेस लगे।
7
यीशु ने ऊसे कई; जौ भी लिखो है, कि तें अपने प्रभु परमेसुर हां न परख।
8
फिन शैतान ऊहां एक बिलात ऊंचे पहरवा पै लै गओ, और जगत कौ पूरो राज्य और सिहांसन तका के।
9
ऊसे कई, अगर तें गिरके मोय परनाम करे, तो मैं जौ सब कछु तोय दै दे हों।
10
तब यीशु ने ऊसे कई; हे शैतान छलिया दूर हट जा, कायसे लिखो आय, कि तें प्रभु अपने परमेसुर हां परनाम कर, और केवल उनईं की भक्ति कर।
11
तब शैतान उनहां छोड़ के चलो गओ; और हेरो, सरगदूत आके ऊकी खुसामत करन लगे।
12
जब ऊने सुनो कि यूहन्ना पकड़वा दओ गओ है, तो बो गलील हां चलो गओ।
13
और बो नासरत हां छोड़ के कफरनहूम में आओ जो बड़े ताल के तीरे जबूलून और नपताली परगना में आय उते जाके रहन लगो।
14
जीसे कि बा बात जो यशायाह आगमवकता ने कई हती, पूरी होबै।
15
कि जबूलून और नपताली के देश, बड़े तला की गैल से यरदन के पार अन्यजातन कौ गलील।
16
जौन मान्स अन्धयारे में बैठे हते उन ने बड़ो उजेरो तको; और जो मृत्यु के देश और छांव में बैठे हते, उन पे एक उजयारो चमको।
17
ऊ बेरा से यीशु ने प्रचार करबो और कहबो शुरू करो, कि मन फिराओ कायसे सरग कौ राज्य ऐंगर आ गओ है।
18
ऊ ने गलील की झील के किनारे निंगत भए ऊने दो भईयन हां शमौन जो पतरस कहाऊ त हतो, और ऊके भईया अन्द्रियास हां झील में जाल डारत तको; कायसे बे ढीमर हते।
19
ऊने उन से कई, मोरे पाछें चले आओ, तो मैं तुमन हां मान्सन कौ पकड़बेवारो बना हों।
20
बे तुरतईं जाल हां छोड़ के ऊके पाछें निंगन लगे।
21
और उते से आंगू बढ़के, ऊने दूसरे दो भईयन हां यानि जब्दी के पूत याकूब और ऊके भईया यूहन्ना हां तको, जो अपने दद्दा जब्दी के संग्गै डोंगी पे जाल हां सुलझा रए हते; और ऊने उन हां टेरो।
22
बे तुरतईं अपनी नाव और बाप हां छोड़के, ऊके पाछें चले आय।
23
यीशु सबरे गलील में निंगत भओ उन के सभाघरन में सन्देस देत और राज्य कौ सन्देसो सुनाउत, और लोगन की हर एक बीमारियन हां और हर तरहां की कमजोरियन हां दूर करत रहो।
24
और ऊकी खबर पूरे सीरिया में फैल गई; और मान्स सब बीमारन हां, जौन तरह तरह की बीमारियन और पिराबे में गसे हते, और जिन में दुष्ट आत्माएं हतीं, मिरगी वारन और लकवा के मारे भयन हां, ऊके ऐंगर ले आए और ऊने उन हां साजो करो।
25
और गलील और दिकापुलिस और यरूशेलम और यहूदिया और यरदन नदिया के पार से भीड़ की भीड़ ऊके पाछें चली आई।
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 5 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28