bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Hindi
/
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
/
2 Samuel 20
2 Samuel 20
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
← Chapter 19
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 21 →
1
संयोग से वहाँ एक गुण्डा था। उसका नाम शेबा था। वह बिकरी नामक मनुष्य का पुत्र था। वह बिन्यामिन कुल का था। शेबा ने विद्रोह का नरसिंगा फूंका। उसने कहा: ‘दाऊद के राज्य में हमारा कोई भाग नहीं; यिशय के पुत्र की सत्ता में हमारा पैतृक अधिकार नहीं। ओ इस्राएल प्रदेश की जनता, अपने घर लौट चल!’
2
अत: इस्राएल प्रदेश के सब लोगों ने दाऊद का अनुगमन करना छोड़ दिया। वे बिकरी के पुत्र शेबा के अनुयायी बन गए। किन्तु यहूदा प्रदेश के लोग, यर्दन नदी से यरूशलेम तक, अपने राजा से अलग नहीं हुए।
3
दाऊद यरूशलेम के अपने महल में आया। राजा ने अपनी दस रखेलों को, जिन्हें वह महल की देख-भाल के लिए छोड़ गया था, पहरे में अलग महल में रखा। यद्यपि वह उनकी भोजन-व्यवस्था करता रहा, तथापि उसने उनके साथ फिर सहवास नहीं किया। वे मृत्युपर्यन्त अपने महल में कैद रहीं। वे विधवा के सदृश जीवन व्यतीत करती रहीं।
4
राजा दाऊद ने सेनापति अमासा से कहा, ‘तुम यहूदा प्रदेश के सैनिकों को तीन दिन के अन्दर मेरे पास बुलाओ। तुम भी यहाँ उपस्थित रहना।’
5
अत: अमासा यहूदा प्रदेश के सैनिकों को बुलाने के लिए गया। किन्तु वह निश्चित अवधि से अधिक समय तक वहाँ ठहर गया।
6
दाऊद ने अबीशय से कहा, ‘अब बिकरी का पुत्र शेबा, अबशालोम से अधिक हमारी हानि करेगा। तुम हमारे अंगरक्षक लेकर शेबा का पीछा करो। ऐसा न हो कि वह किलाबन्द नगरों में पहुँच जाए, और हमसे बच निकले।’
7
अबीशय के पीछे-पीछे योआब, करेती और पलेती जाति के अंगरक्षक तथा सब महा योद्धा निकले। वे शेबा का पीछा करने के लिए यरूशलेम नगर से बाहर आए।
8
जब वे गिबओन नगर के ‘महा पत्थर’ के समीप पहुँचे तब अमासा उनके सामने आया। योआब सैनिक की वर्दी पहिने हुए था। उसकी तलवार म्यान में थी। वह उसके कमरबन्द में बंधी थी। जब योआब आगे बढ़ा तब तलवार नीचे गिर गई।
9
योआब ने अमासा से पूछा, ‘मेरे भाई, तुम सकुशल तो हो?’ उसने अमासा का चुम्बन लेने के लिए उसकी दाढ़ी अपने दाहिने हाथ से पकड़ी।
10
अमासा ने उस तलवार पर ध्यान नहीं दिया जो योआब के बाएँ हाथ में थी। योआब ने तलवार को उसके पेट में भोंक दिया। उसकी अंतड़ियाँ बाहर निकलकर भूमि पर गिर पड़ीं। उस पर दूसरी बार प्रहार करने की आवश्यकता नहीं हुई। अमासा तत्काल मर गया। योआब अपने भाई अबीशय के साथ बिकरी के पुत्र शेबा का पीछा करने के लिए आगे बढ़ा।
11
योआब का एक सैनिक अमासा के शव के पास खड़ा हो गया। उसने आह्वान किया, ‘जो योआब को पसन्द करता है, जो दाऊद के पक्ष में है, वह योआब के पीछे आए।’
12
अमासा खून में लथपथ राजमार्ग के मध्य में पड़ा था। लोग शव को देखकर खड़े हो गए। जब सैनिक ने यह देखा कि लोग खड़े हो गए हैं तब वह शव को राजमार्ग से हटाकर खेत में ले गया। वहाँ उसने उसके ऊपर एक कपड़ा डाल दिया।
13
जब शव राजमार्ग से हटा दिया गया तब सब सैनिक बिकरी के पुत्र शेबा का पीछा करने के लिए योआब के पीछे चले गए।
14
शेबा इस्राएल के सब कुलों के भू-क्षेत्रों से गुजरता हुआ बेत-माकाह के आबेल नगर में आया। बिकरी-पक्ष के सब लोग एकत्र हुए। वे शेबा के पीछे नगर में चले गए।
15
तब योआब के सैनिक आए। उन्होंने बेत-माकाह के आबेल नगर में शेबा को घेर लिया। उन्होंने नगर के विरुद्ध मोर्चाबन्दी कर ली। उन्होंने नगर के परकोटा से सटाकर मिट्टी का ढेर खड़ा कर दिया। योआब के सैनिक परकोटा को तोड़ रहे थे। वे उसको गिराने का प्रयत्न कर रहे थे।
16
तब एक बुद्धिमती स्त्री ने नगर की ओर से सैनिकों को पुकारा, ‘सुनो! सुनो! कृपाकर आप योआब से यह बात कहिए कि वह मेरे इतने समीप आएँ कि मैं उनसे बात कर सकूँ।’
17
अत: योआब उसके समीप आया। उस स्त्री ने पूछा, ‘क्या आप योआब हैं?’ वह बोला, ‘हाँ मैं ही हूँ।’ स्त्री ने उससे कहा, ‘कृपया, अपनी सेविका की बात सुनिए।’ योआब बोला, ‘मैं तुम्हारी बात सुन रहा हूँ।’
18
स्त्री ने कहा, ‘प्राचीन काल में लोग यह कहते थे, “यदि सलाह लेनी है तो आबेल नगर को जाओ।” इस प्रकार वे अपने झगड़ों का निपटारा कर लेते थे।
19
हम इस्राएल प्रदेश के शान्तिप्रिय और विश्वसनीय लोग हैं। आप हमारे इस नगर को, जो इस्राएल प्रदेश का महानगर है, नष्ट करने का प्रयत्न कर रहे हैं। आप प्रभु की मीरास को क्यों निगलना चाहते हैं?’
20
योआब ने उत्तर दिया, ‘प्रभु क्षमा करे कि मैं ऐसा कार्य करूँ! मैं इस नगर को नष्ट करूं और प्रभु की मीरास को निगलूँ।
21
बात ऐसी नहीं है। एफ्रइम पहाड़ी इलाके का एक मनुष्य है। उसका नाम शेबा बेन-बिकरी है। उसने राजा दाऊद से विद्रोह किया है। तुम लोग उसको मेरे हाथ में सौंप दो तब मैं नगर से लौट जाऊंगा।’ स्त्री ने योआब से कहा, ‘उसका सिर परकोटा से आपके पास फेंक दिया जाएगा।’
22
तत्पश्चात् स्त्री नगर निवासियों के पास गई। उसने बुद्धिमत्तापूर्वक उन्हें समझाया। अत: उन्होंने बिकरी के पुत्र शेबा का सिर काट लिया, और उसको परकोटा से योआब के पास फेंक दिया। योआब ने नरसिंगा फूँका और सैनिकों ने नगर की घेराबन्दी उठा ली। वे अपने-अपने घर को लौट गए। योआब राजा दाऊद के पास यरूशलेम को लौट गया।
23
योआब समस्त इस्राएली सेना का सेनापति था। यहोयादा का पुत्र बनायाह करेती और पलेती अंगरक्षकों का नायक था।
24
बेगार करने वालों का अधिकारी अदोराम था। अहीलूद का पुत्र यहोशाफट राज-सचिव था।
25
शबा महा सहायक था। सादोक और एबयातर पुरोहित थे।
26
याइर नगर का रहने वाला ईरा भी दाऊद का पुरोहित था।
← Chapter 19
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 21 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24