bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Hindi
/
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
/
1 Corinthians 9
1 Corinthians 9
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
← Chapter 8
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 10 →
1
क्या मैं स्वतंत्र नहीं? क्या मैं प्रेरित नहीं? क्या मैंने यीशु को जो हमारा प्रभु है, नहीं देखा? क्या तुम प्रभु में मेरे परिश्रम का फल नहीं?
2
भले ही मैं दूसरों के लिए प्रेरित नहीं, फिर भी तुम्हारे लिए तो हूँ; क्योंकि तुम प्रभु में मेरी प्रेरिताई की छाप हो।
3
मुझे जाँचनेवालों के लिए मेरा प्रत्युत्तर यह है:
4
क्या हमारे पास खाने-पीने का अधिकार नहीं?
5
क्या अन्य प्रेरितों, प्रभु के भाइयों और कैफा के समान हमें भी यह अधिकार नहीं कि एक विश्वासी पत्नी को अपने साथ लेकर चलें?
6
या क्या केवल मुझे और बरनाबास को ही यह अधिकार नहीं कि हम जीविका कमाना छोड़ें?
7
कौन है जो अपने ही खर्च पर सेना में सेवा करता है? कौन है जो अंगूर का बगीचा लगाकर उसका फल नहीं खाता? या कौन है जो भेड़-बकरियों की रखवाली करके उनका दूध नहीं पीता?
8
क्या मैं ये बातें मानवीय रीति से कह रहा हूँ? क्या व्यवस्था भी यही नहीं कहती?
9
क्योंकि मूसा की व्यवस्था में लिखा है: दाँवते हुए बैल का मुँह न बाँधना। क्या परमेश्वर बैलों की चिंता करता है?
10
क्या यह सब वह हमारे लिए ही नहीं कह रहा? हाँ, यह हमारे लिए ही लिखा गया है, क्योंकि यह उचित है कि हल जोतनेवाला आशा से जोते, और दाँवनेवाला उपज का भाग पाने की आशा से दाँवनी करे।
11
यदि हमने तुममें आत्मिक बातें बोई हैं तो क्या यह बड़ी बात होगी कि हम तुमसे भौतिक वस्तुओं की फसल काटें?
12
यदि दूसरे लोगों का तुम पर अधिकार है, तो क्या हमारा और अधिक नहीं? फिर भी हमने इस अधिकार का उपयोग नहीं किया, बल्कि हम सब कुछ सह लेते हैं, ताकि हमारे द्वारा मसीह के सुसमाचार में कोई रुकावट न आए।
13
क्या तुम नहीं जानते कि जो मंदिर में सेवा करते हैं वे मंदिर में से खाते हैं; और जो वेदी पर सेवा करते हैं वे वेदी की भेंट में सहभागी होते हैं?
14
इसी प्रकार प्रभु ने ठहराया है कि जो सुसमाचार का प्रचार करते हैं वे सुसमाचार से ही जीविका प्राप्त करें।
15
परंतु मैंने इनमें से किसी का भी उपयोग नहीं किया है। मैंने ये बातें इसलिए नहीं लिखीं कि यह सब मेरे लिए भी हो, क्योंकि इससे तो मेरे लिए मर जाना ही अच्छा है कि कोई मेरे गर्व को व्यर्थ ठहराए।
16
इसलिए यदि मैं सुसमाचार सुनाऊँ तो मेरे लिए यह कोई गर्व की बात नहीं, क्योंकि मैं तो इसके लिए विवश हूँ। यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊँ तो मुझ पर हाय!
17
क्योंकि यदि मैं यह स्वेच्छा से करता हूँ तो मेरे लिए प्रतिफल है, परंतु यदि स्वेच्छा से नहीं, तो भी उत्तरदायित्व मुझे सौंपा गया है।
18
फिर मेरा प्रतिफल क्या है? यह कि जब मैं सुसमाचार सुनाऊँ तो सुसमाचार को मुफ़्त में दूँ, यहाँ तक कि सुसमाचार संबंधित मेरा जो अधिकार है उसका पूरा उपयोग न करूँ।
19
सब मनुष्यों से स्वतंत्र होने पर भी मैंने अपने आपको सब का दास बना लिया है कि मैं और भी अधिक लोगों को जीत सकूँ।
20
यहूदियों के लिए मैं यहूदी जैसा बना कि यहूदियों को जीत सकूँ; जो व्यवस्था के अधीन हैं, उनके लिए मैं स्वयं व्यवस्था के अधीन न होने पर भी व्यवस्था के अधीन जैसा बना कि जो व्यवस्था के अधीन हैं उनको जीत सकूँ।
21
उनके लिए जो व्यवस्थारहित हैं, मैं—जो परमेश्वर की व्यवस्था से रहित नहीं बल्कि मसीह की व्यवस्था के अधीन हूँ—व्यवस्थारहित जैसा बना कि जो व्यवस्थारहित हैं उन्हें जीत सकूँ।
22
निर्बलों के लिए मैं निर्बल बना कि निर्बलों को जीत सकूँ। मैं सब लोगों के लिए सब कुछ बना हूँ कि किसी न किसी प्रकार से कुछ का उद्धार करा सकूँ।
23
मैं सब कुछ सुसमाचार के लिए करता हूँ, ताकि औरों के साथ उसमें सहभागी हो जाऊँ।
24
क्या तुम नहीं जानते कि दौड़ के मैदान में दौड़ते तो सब हैं, परंतु पुरस्कार एक ही को मिलता है? अतः इस प्रकार दौड़ो कि तुम उसे प्राप्त कर सको।
25
प्रतियोगिता में खेलनेवाला प्रत्येक खिलाड़ी सब बातों में संयम रखता है। वे तो नाश होनेवाले मुकुट को प्राप्त करने के लिए ऐसा करते हैं, परंतु हम उस मुकुट के लिए करते हैं जो अविनाशी है।
26
इसलिए मैं दौड़ता हूँ पर लक्ष्यहीन के समान नहीं, मैं मुक्केबाज़ी करता हूँ परंतु हवा में मारनेवाले के समान नहीं;
27
बल्कि मैं अपनी देह को ताड़ना देता और वश में लाता हूँ, कहीं ऐसा न हो कि दूसरों को तो प्रचार करूँ पर स्वयं अयोग्य ठहरूँ।
← Chapter 8
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 10 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16