bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
Jeremiah 20
Jeremiah 20
Chhattisgarhi
← Chapter 19
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 51
Chapter 52
Chapter 21 →
1
इम्मेर के बेटा पसहूर पुरोहित ह यहोवा के मंदिर के परधान अधिकारी रिहिस, जब ओह यरमियाह ला ये अगमबानी करत सुनिस,
2
त पसहूर ह यरमियाह अगमजानी ला पीटवाईस अऊ ओकर गोड़ म बेड़ी लगाके ओला यहोवा के मंदिर म बिनयामीन के ऊपरी दुवार मेर रख दीस।
3
ओकर दूसर दिन, जब पसहूर ह यरमियाह ला बेड़ी म ले छोंड़िस, त यरमियाह ह ओला कहिस, “यहोवा ह तोर नांव पसहूर नइं, पर जम्मो कोति के आतंक रखे हे।
4
काबरकि यहोवा ह ये कहत हे: ‘मेंह तोला तोर बर अऊ तोर जम्मो संगवारीमन बर आतंक के कारन बनाहूं; तेंह खुद अपन आंखी ले देखबे कि ओमन ला ओमन के बईरीमन तलवार ले मार डारहीं। मेंह जम्मो यहूदीमन ला बेबिलोन के राजा के हांथ म कर दूहूं; ओह ओमन ला बंदी बनाके बेबिलोन ले जाही या ओमन ला तलवार ले मार डारही।
5
मेंह ये सहर यरूसलेम के जम्मो धन-संपत्ति ला ओमन के बईरीमन के हांथ म कर दूहूं—येकर जम्मो कमई, येकर जम्मो कीमती सामान अऊ यहूदा के राजामन के जम्मो खजाना। ओमन ये जम्मो चीज ला लूट लीहीं अऊ येमन ला बेबिलोन ले जाहीं।
6
अऊ हे पसहूर, तें अऊ, जऊन मन तोर घर म रहिथें, जम्मो के जम्मो बेबिलोन ला बंधुवई म चले जाहीं। तें अऊ तोर जम्मो संगवारी, जेमन ले तेंह झूठा अगमबानी करे हस, तुमन जम्मो के जम्मो उहां मरहू अऊ उहां तुमन ला माटी दिये जाही।’ ”
7
हे यहोवा, तेंह मोला धोखा दे हस, अऊ मेंह धोखा खा गेंव; तेंह मोला हराय अऊ मोर ऊपर जय पाय हस। दिन भर मोर हंसी उड़ाय जावत हे; जम्मो झन मोर ठट्ठा करत हें।
8
जब भी मेंह गोठियाथंव, मेंह चिचियाके हिंसा अऊ बिनास के घोसना करथंव। एकरसेति यहोवा के बचन ह दिन भर मोर ऊपर निन्दा अऊ कलंक लाने हवय।
9
पर यदि में कहंव, “मेंह ओकर बचन के चरचा नइं करंव या ओकर नांव म अऊ नइं गोठियावंव,” त ओकर बचन ह मोर हिरदय म एक आगी सहीं अय, अइसने आगी जऊन ह मोर हाड़ामन म बंद हवय। मेंह येला अपन म रोकत-रोकत थक गे हंव; वास्तव म, में अब येला रोक नइं सकंव।
10
मेंह बहुंत कानाफूसी के बात सुनत हंव, “हर तरफ आतंक! ओकर निन्दा करव! आवव, हमन ओकर निन्दा करन!” मोर जम्मो संगवारीमन ये कहत मोर ठोकर खाय के इंतजार करत हें, “सायद ओह धोखा खाही; तब हमन ओकर ऊपर जय पाबो अऊ ओकर ले अपन बदला लेबो।”
11
पर यहोवा ह मोर संग एक सक्तिसाली योद्धा सहीं हवय; एकरसेति मोला सतानेवालामन गिर जाहीं अऊ जय नइं पावंय। ओमन असफल होहीं अऊ बहुंत लज्जित होहीं; ओमन के अपमान ह कभू भुलाय नइं जाही।
12
हे सर्वसक्तिमान यहोवा, हे धरमीमन ला परखनेवाला अऊ हिरदय अऊ मन ला जांचनेवाला, ओमन ले जऊन बदला तेंह लेबे, ओला मोला देखन दे, काबरकि मेंह अपन मामला तोर ऊपर छोंड़ दे हंव।
13
यहोवा बर गावव! यहोवा के परसंसा करव! ओह जरूरतमंद मनखे के जिनगी ला दुस्टमन के हांथ ले बचाथे।
14
सरापित होवय ओ दिन, जऊन दिन मेंह जनमें! ओ दिन ह आसीसित झन होवय, जऊन दिन मोर दाई ह मोला जनम दीस!
15
सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह ये कहिके मोर ददा ला खुसी के खबर दीस, “तोर एक लइका जनमे हे—एक बेटा!”
16
ओ मनखे के दसा ह ओ नगर के सहीं होवय, जऊन ला यहोवा ह बिगर दया के नास कर दीस। ओला बिहनियां बिलाप करे के अऊ मंझनियां लड़ई के ललकार के अवाज सुनई देवय।
17
काबरकि ओह मोला गरभ ही म नइं मार डारिस, मोर दाई के गरभ ह मोर कबर सहीं होतिस, अऊ ओकर गरभ ह हमेसा बर फईले रहितिस।
18
मेंह काबर समस्या अऊ दुख देखे बर अऊ अपन जिनगी के दिनमन ला लज्जा म बिताय बर जनमेंव?
← Chapter 19
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 51
Chapter 52
Chapter 21 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36
37
38
39
40
41
42
43
44
45
46
47
48
49
50
51
52