bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
Jeremiah 32
Jeremiah 32
Chhattisgarhi
← Chapter 31
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 51
Chapter 52
Chapter 33 →
1
यहूदा के राजा सिदकियाह के राज के दसवां साल म, जऊन ह नबूकदनेसर के राज के अठारहवां साल रिहिस, यहोवा के ये बचन यरमियाह करा आईस।
2
ओ समय, बेबिलोन के राजा के सेना ह यरूसलेम ला घेर ले रिहिस, अऊ यरमियाह अगमजानी ला यहूदा के राजमहल म पहरेदार के अंगना म बंदी बनाय गे रिहिस।
3
यहूदा के राजा सिदकियाह ह ये कहिके ओला बंदी बनाय रिहिस, “तेंह अइसने अगमबानी काबर करथस? तेंह कहिथस, ‘यहोवा ह ये कहत हे: मेंह ये सहर ला बेबिलोन के राजा के हांथ म देवइया हंव, अऊ ओह येकर ऊपर कब्जा कर लीही।
4
यहूदा के राजा सिदकियाह ह बेबिलोन के मनखेमन के हांथ ले नइं बचही, पर खचित ओला बेबिलोन के राजा के हांथ म दे दिये जाही, अऊ बेबिलोन के राजा ह ओकर संग आमने-सामने गोठियाही अऊ ओला अपन खुद के आंखी ले देखही।
5
ओह सिदकियाह ला बेबिलोन ले जाही, जिहां ओह तब तक रहिही, जब तक कि मेंह ओकर सुधि नइं लूहूं, यहोवा ह घोसना करत हे। यदि तुमन बेबिलोन के मनखेमन ले लड़हू, त तुमन ओमन ला जीत नइं सकहू।’ ”
6
यरमियाह ह कहिस, “यहोवा के बचन ह मोर करा आईस:
7
देख, तोर कका सल्लूम के बेटा हनमेल तोर करा आही अऊ ये कहिही, ‘मोर जऊन खेत अनातोत नगर म हवय, ओला बिसा ले, काबरकि नजदीकी रिस्तेदार के रूप म येला बिसाय के अधिकार अऊ जिम्मेदारी तोर अय।’
8
“तब यहोवा के कहे मुताबिक मोर कका के बेटा हनमेल ह पहरेदार के अंगना म मोर करा आईस अऊ कहिस, ‘मोर जऊन खेत बिनयामीन के देस के अनातोत म हवय, ओला बिसा ले, काबरकि येला छुड़ाय अऊ येकर ऊपर कब्जा करे के अधिकार तोर अय, एकरसेति येला अपन बर बिसा ले।’ “मेंह जानत रहेंव कि येह यहोवा के बचन रिहिस;
9
एकरसेति मेंह ओ अनातोत म के खेत ला अपन चचेरा-भाई हनमेल ले बिसा लेंव अऊ ओकर कीमत के रूप म ओला चांदी के सतरह सेकेल तऊलके दे देंव।
10
मेंह ओ खेत के खरीदीनामा म दसखत करके मुहर लगांय; गवाहमन के दसखत करवांय, अऊ चांदी ला तराजू म तऊलके ओला दे देंव।
11
तब मेंह खरीदीनामा के ओ कागज ला लेंव, जेमा नियम अऊ सर्त लिखाय रिहिन अऊ मुहर लगे रिहिस अऊ संग म ओला घलो लेंव, जेमा मुहर नइं लगे रिहिस—
12
अऊ ये कागजमन ला अपन चचेरा-भाई हनमेल अऊ ओ गवाह, जेमन कागज म दसखत करे रिहिन अऊ ओ जम्मो यहूदी, जेमन पहरेदार के अंगना म बईठे रिहिन, ओ जम्मो के आघू म महसेयाह के पोता, नेरियाह के बेटा बारूक ला सऊंप देंव।
13
“ओ जम्मो के आघू म मेंह बारूक ला ये निरदेस देंव:
14
‘सर्वसक्तिमान यहोवा, इसरायल के परमेसर ह ये कहत हे: खरीदीनामा के मुहर लगे अऊ मुहर नइं लगे—ये दूनों कागजमन ला ले अऊ माटी के बरतन म रख, ताकि येमन बहुंत समय तक सही-सलामत रहंय।
15
काबरकि सर्वसक्तिमान यहोवा, इसरायल के परमेसर ह ये कहत हे: ये देस म घर, खेत अऊ अंगूर के बारीमन फेर बिसाय जाहीं।’
16
“खरीदीनामा के कागजमन ला नेरियाह के बेटा बारूक ला देय के बाद, मेंह यहोवा ले ये पराथना करेंव:
17
“हे परमपरधान यहोवा, तेंह अपन बड़े सामर्थ अऊ बढ़ाय भुजा के दुवारा अकास अऊ धरती ला बनाय हस। तोर बर कोनो भी काम कठिन नो हय।
18
तेंह हजारों मनखे ला अपन मया देखाथस, पर दाई-ददामन के पाप के दंड ओमन के बाद ओमन के लइकामन ला घलो देथस। महान अऊ सक्तिमान परमेसर, जेकर नांव सर्वसक्तिमान यहोवा अय,
19
तोर उदेस्यमन महान अंय अऊ तोर काममन बड़े अंय। तोर आंखीमन मानव-जाति के चालचलन ऊपर लगे रहिथे; तेंह हर एक मनखे ला ओकर चालचलन अऊ ओकर करम के मुताबिक ईनाम देथस।
20
तेंह मिसर देस म चिनहां अऊ चमतकार देखाय अऊ आज तक इसरायल म अऊ जम्मो मानव-जाति के बीच म चिनहां अऊ चमतकार देखावत हस, अऊ तोर कीरति आज तक फईले हवय।
21
तेंह अपन मनखे इसरायलीमन ला चिनहां अऊ चमतकार के संग, एक सक्तिसाली हांथ अऊ बढ़े भुजा के दुवारा अऊ बड़े आतंक के संग मिसर देस ले निकाल लानय।
22
तेंह ये देस ओमन ला देय, जेला देय के किरिया तेंह ओमन के पुरखामन के संग खाय रहय, एक देस जिहां दूध अऊ मंधरस के धारा बहथे।
23
ओमन आईन अऊ येला अपन अधिकार म ले लीन, पर ओमन तोर बात नइं मानिन या तोर कानून के मुताबिक नइं चलिन; ओमन ओ काम नइं करिन, जेला करे के हुकूम तेंह ओमन ला दे रहय। एकरसेति तेंह ओमन ऊपर ये जम्मो बिपत्ति लानय।
24
“देख, सहर ऊपर कब्जा करे बर कइसे घेराबंदी के ढलानमन बनाय गे हवंय। तलवार, अकाल अऊ महामारी के कारन, सहर ला बेबिलोन के ओ मनखेमन के हांथ म दे दिये जाही, जऊन मन हमला करत हवंय। जऊन बात तेंह कहे रहय, ओह होवत हे, जइसे कि तेंह देखत हस।
25
अऊ हालाकि सहर ला बेबिलोन के मनखेमन के हांथ म दे दिये जाही, तभो ले, हे परमपरधान यहोवा, तेंह मोला कहिथस, ‘चांदी देके खेत ला बिसा ले अऊ कागज म गवाहमन के दसखत लेय ले।’ ”
26
तब यहोवा के ये बचन यरमियाह करा आईस:
27
“मेंह जम्मो मानव-जाति के परमेसर, यहोवा अंव। का कोनो घलो काम मोर बर बहुंत कठिन अय?
28
एकरसेति यहोवा ह ये कहत हे: मेंह ये सहर ला बेबिलोन के मनखे अऊ बेबिलोन के राजा नबूकदनेसर के हांथ म देवइया हंव, जऊन ह येमा कब्जा कर लीही।
29
बेबिलोन के जऊन मनखेमन ये सहर ऊपर हमला करत हवंय, ओमन ये सहर म आहीं अऊ येमा आगी लगा दीहीं; ओमन सहर ला अऊ सहर के ओ घरमन ला जला दीहीं, जिहां मनखेमन छानी म बाल देवता बर धूप जलाके अऊ आने देवतामन बर पेय-बलिदान चढ़ाके मोर गुस्सा ला भड़काय हवंय।
30
“इसरायल अऊ यहूदा के मनखेमन अपन जवानी के समय ले मोर नजर म सिरिप दुस्टता के काम करे हवंय; वास्तव म, इसरायल के मनखेमन अपन हांथ ले बनाय चीजमन के दुवारा मोर गुस्सा ला भड़काय के छोंड़ अऊ कुछू नइं करे हवंय, यहोवा ह घोसना करत हे।
31
जऊन दिन ये सहर बसाय गीस, तब ले लेके आज तक, ये सहर ह मोर गुस्सा अऊ कोप ला भड़काय के काम करे हवय, एकरसेति मेंह येला अपन आघू ले हटा दूहूं।
32
इसरायल अऊ यहूदा के मनखेमन ओमन के राजा अऊ करमचारीमन, ओमन के पुरोहित अऊ अगमजानीमन, यहूदा के मनखे अऊ यरूसलेम म रहइया मनखे, जम्मो के जम्मो दुस्टता के काम करके मोर गुस्सा ला भड़काय हवंय।
33
ओमन मोर कोति अपन मुहूं नइं, पर अपन पीठ ला कर दे हवंय; हालाकि मेंह ओमन ला बार-बार सिखांय, पर ओमन मोर बात ला नइं सुनिन या ओकर मुताबिक नइं चलिन।
34
ओ घर जऊन ह मोर कहाथे, ओमा ओमन अपन बेकार के मूरतीमन ला मढ़ाईन अऊ मोर घर ला असुध करिन।
35
ओमन अपन बेटा अऊ बेटीमन ला मोलेक देवता ला बलिदान करे बर बेन-हिन्नोम के घाटी म बाल देवता बर ऊंच-ऊंच जगहमन ला बनाईन, हालाकि येकर हुकूम मेंह कभू नइं देय रहेंव—अऊ न ही ये बात कभू मोर मन म आईस—कि ओमन अइसने घिनौना काम करंय अऊ ये किसम ले यहूदी मनखेमन ले पाप करावंय।
36
“तेंह ये सहर के बारे म कहत हस, ‘तलवार, अकाल अऊ महामारी के दुवारा येला बेबिलोन के राजा के हांथ म दे दिये जाही’; पर यहोवा, इसरायल के परमेसर ह ये कहत हे:
37
खचित, मेंह ओमन ला ओ जम्मो देस ले इकट्ठा करहूं, जिहां मेंह अपन बहुंत गुस्सा अऊ भयंकर कोप के कारन ओमन ला निकाल दे रहेंव; मेंह ओमन ला ये जगह म लहुंटाके ले आहूं अऊ ओमन निडर होके रहिहीं।
38
ओमन मोर मनखे होहीं, अऊ मेंह ओमन के परमेसर होहूं।
39
मेंह ओमन ला एक ही मन अऊ एक ही चालचलन दूहूं, ताकि ओमन हमेसा मोर भय मानंय अऊ ओमन के जिनगी अऊ ओमन के बाद ओमन के लइकामन के जिनगी घलो सही-सलामत बितय।
40
मेंह ओमन के संग सदा बने रहइया एक करार करहूं; मेंह ओमन के भलई करई कभू नइं छोंड़हूं, अऊ मेंह ओमन ला मोर भय माने बर उत्साहित करहूं, ताकि ओमन कभू मोर ले अलग झन होवंय।
41
मेंह ओमन के भलई करके आनंदित होहूं, अऊ सही म, मेंह अपन पूरा मन अऊ आतमा सहित ओमन ला ये देस म बसाहूं।
42
“यहोवा ह ये कहत हे: जइसने मेंह ये मनखेमन ऊपर ये जम्मो बड़े बिपत्ति लाने हवंव, वइसने ही मेंह ओमन ला ओ जम्मो खुसी दूहूं, जेकर वायदा मेंह ओमन ले करे रहेंव।
43
एक बार फेर ये देस के भुइयां के दसा ह सुधरही, जेकर बारे म तुमन कहिथव, ‘येह बिगर मनखे या पसु के एक उजाड़ भुइयां ए, काबरकि येला बेबिलोन के मनखेमन के हांथ म दे दिये गे हवय।’
44
बिनयामीन के इलाका म, यरूसलेम के चारों कोति के गांवमन म, यहूदा के नगरमन म अऊ पहाड़ी देस, पछिम के खाल्हे के देस अऊ नेगेव के नगरमन म खेतमन ला चांदी देके फेर बिसाय जाही, अऊ लेन-देन के कागज म दसखत करे जाही, ओमा मुहर लगाय जाही अऊ गवाहमन होहीं, काबरकि मेंह ओमन के दिन ला बदलहूं, यहोवा ह घोसना करत हे।”
← Chapter 31
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 51
Chapter 52
Chapter 33 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36
37
38
39
40
41
42
43
44
45
46
47
48
49
50
51
52