bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Shekhawati
/
Shekhawati
/
Hebrews 2
Hebrews 2
Shekhawati
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 3 →
1
आपा जखी बी बाता सुणी ह बापै आपानै हियो लगाणो चाए, जिऊँ आपा नइ भटकां।
2
क्युं क ज ईस्बर नगरी दुता क जरिए दिओ गयो समचार पक्को हो, खयो नइ मानबाळानै अर नियमानै तोड़बाळानै ठिक-ठिक सजा दि गई
3
जणा पाछै आपा इ बडा छुटकारा की अनदेखी कर कंय्यां बच सकां हां? इ छुटकारा को पेलो हेलो परबु कानिऊँ पाड़्यो गयो हो अर जखा बी इ हेलानै सुण्या हा बे आपणा ताँई इनै पुक्तो कर्या।
4
अर परमेसर बी आपका बडा-बडा चमत्काराऊँ, सक्तिऊँ भरेड़ा भात-भात का कामाऊँ, सेलाणीऊँ अर पबितर आत्मा का बरदानाऊँ जखा बिकी इंछ्याऊँ बाट्या गया हा, इनै साबित कर्यो।
5
जि आबाळा जुग की चरचा आपा करर्या हां बिपै राज करबा ताँई परमेसर ईस्बर नगरी दुतानै कोनी गिण्यो।
6
सास्तर म एक झघा कोई अंय्यां बोल्यो ह, “मिनख काँई ह, जिनै तू याद करै? मिनख को बेटो काँई ह, जखो तू बिको ध्यान राखै?
7
तू मिनखनै ईस्बर नगरी दुताऊँ चिनोसोई कम बणायो ह, तू बिकै माथा प मेमा अर मान को मुकट धर्यो ह
8
अर बिकै पगा तळै सक्यु कर दिओ।” अर सक्यु बिकै बस म कर परमेसर क्युं बी कोनी छोड्यो जखो बिकै बस म नइ होवै। पण आजकाल देखबा म कोनी आवै क सक्यु बिकै बस म ह।
9
पण आपा ईसुनै जखो ईस्बर नगरी दुताऊँ चिनोसोई कम बणायो गयो हो, इब बिनै मेमा अर मान को मुकट पेर्या देखां हां, क्युं क बो मोत की पिड़ा भोगी ह। जिऊँ क बो परमेसर की दयाऊँ सगळा मिनखा ताँई मोत भोगै।
10
सगळी चिजा परमेसर ताँई ह अर सक्यु बिऊँई ह। परमेसरनै भायो क बो आपका घणकराक टाबरानै आपकी मेमा म ल्याबा ताँई ईसुनै दुख क जरिए सिद बणावै। बानै छुटकारो देबाळो ईसुई ह।
11
क्युं क पापऊँ पबितर करबाळो ईसु अर पापऊँ पबितर होबाळा मिनख एकई बाप का हीं; इ ताँई ईसु बानै खुदका भाई खेबाऊँ कोनी सरमावै।
12
अर बो खेवै ह, “म मेरा भाई-भाणा म तेरा नाम को हेलो पाड़स्युं, अर मिनखा की मंडळी क मांयनै म तेरो गुणगान गास्युं।”
13
अर बो अंय्यां बी बोलै ह, “म बिपै बिस्वास करस्युं।” ओज्यु बो बोलै ह, “म अर बा ओलाद जखी परमेसर मनै दिनी ह अठै हां।”
14
क्युं क बा ओलाद मास अर लोय की ही इ ताँई ईसु बी मास अर लोय को बण्यो। जिऊँ बो आपकी मोतऊँ सेताननै नास करै, सेतान जिकनै मारबा की सक्ति ही
15
अर जत्ता बी आपकै जीता-जीव मोत का डर की गुलामी म हा बानै छुड़ावै।
16
क्युं क पक्काई बे ईस्बर नगरी दुत कोनी जाकी बो मदद करै पण बे तो अब्राहम का वंस ह जाकी बो मदद करै।
17
इ ताँई बिनै हर बात म मिनखा जंय्यां को बणायो गयो, जिऊँ बो परमेसर की सेवा करबा ताँई दया करबाळो अर बिस्वास जोगो म्हायाजक बणै। अर मिनखा को परमेसरऊँ ओज्यु मेळ कराबा ताँई बलि होवै।
18
क्युं क ईसु खुदबी दुख भोग्यो जद बो बिचास्यो गयो जिऊँ बो बाकी मदद कर सकै ह जखा बिचास्या जावै ह।
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 3 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13