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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1 Timothy 2
1 Timothy 2
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
अब मि और सभि बातों बट्टी बढ़ि के, कि बिनती, प्रार्थना, निवेदन, धन्यवाद, सभि मनिख्युं कु किये जौं।
2
राजाओं कु अर ऊं सभि लुखुं कु प्रार्थना कैरा जु अधिकारी छिनी, कि उ हम तैं शान्ति अर सुरक्षित रौंण मा मदद कैरा, कि हम पिता परमेश्वर की आराधना कैरी साका, अर दूसरों का प्रति हमेशा अच्छो बरतौ रखा।
3
सभि लुखुं कु इन कै प्रार्थना कन ठिक च, अर हमारो उद्धारकर्ता पिता परमेश्वर यु तैं स्वीकार भि करद।
4
उ चांदो च कि सभियूं तैं सचै कु ज्ञान हो अर उ बचि जा।
5
किलैकि भस एक ही पिता परमेश्वर च अर वेका अर मनिख्युं का बीच मा भि भस एक ही जुड़ण वलो च, यानि मसीह यीशु जु कि मनिख का रूप मा पैदा हवे।
6
मसीह ल पाप अर मौत की शक्ति बट्टी सभि लुखुं तैं छुटकारा कनु कु अपड़ा आप तैं बलिदान कैरी दींनि; वेकी मौत बट्टी, पिता परमेश्वर ल ठिक बगत पर साबित कैरी उ चांदो कि सभि लोग बचै जां।
7
इलै, पिता परमेश्वर ल मि तैं शुभ संदेश को प्रचारक अर एक प्रेरित हूंणु कु ठैरा, वेल मि तैं अन्यजातियों तैं विश्वास कु सचो संदेश सिखांणु कु चुणि; मि झूठ नि बुल्णु छो; मि सच बुल्णु छो।
8
मि इन चांणु छौं कि हरेक जगह मा जु आदिम पवित्र जीवन जींणु च, जब भि तुम पिता परमेश्वर की आराधना कनु कु मिलद्यां, बगैर गुस्सा अर झगड़ा का अपड़ा हथ उठै कै प्रार्थना किया कैरा।
9
उन ही मि चांदु कि विश्वासी जनन भि सही ढंग का कपड़ा पैरून, इन कपड़ा जु समाज मा योग्य हो; अर बनि-बनि किस्मै का बाल बणै के अर सोना अर मोतियों अर मैहंगा-मैहंगा कपड़ोंं बट्टी दुसरों तैं आकर्षित नि करुनु।
10
यांका बजाय, ऊं तैं दुसरा लुखुं कु भला काम कैरी के अफ तैं सुंदर बनौण चयणु च किलैकि विश्वासी जननों तैं इन कन अच्छो लगद।
11
जब आदिम ऊं तैं सिखांणु हो, त जननों तैं चुपचाप रै कर सुनण अर सिखण चयणु च।
12
मि जननों तैं आदिमों पर शिक्षा दींण या ऊं पर अधिकार रखणै अनुमति नि दींद; जब तुम प्रभु की आराधना कु कठ्ठा हो त जननों तैं चुप रौंण चयणु च।
13
मि यु इलै बुल्णु छो, किलैकि पिता परमेश्वर ल मनिख्युं मा पैली आदम अर बाद मा जनन हव्वा बणै ।
14
अर आदम शैतान का द्वारा भकलौंण मा नि, पर हव्वा भकलौंण मा ऐ के अपराधी बंणि।
15
पर पिता परमेश्वर जननों तैं बच्चों तैं जन्म दींण ल बचालो, जु वीं मा एक शुद्ध मन हो अर व मसीह पर अपड़ा विश्वास मा डगमांदी नि हो, अर व दूसरों बट्टी प्रेम करदी रौ, अर अपड़ा जीवन मा बगैर भंगार का हो।
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