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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1 Timothy 6
1 Timothy 6
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
जथग विश्वासी जु गुलाम छिन, उ अपड़ा-अपड़ा स्वामि कु बड़ो आदर कैरा, कि दुसरा लोग पिता परमेश्वर कु अर हमारी शिक्षाओं की बुरै नि कैरा।
2
अर जौं का स्वामि विश्वासी छिन, ऊं तैं उ विश्वासी भैय समझी के सही सम्मान द्या; बल्कि ऊंकी और भि सेवा कैरा, किलैकि यां बट्टी फैदा उठांण वला विश्वासी अर मसीह मा भैय का रूप मा प्रेम करदींनि। यूं बातों कु पालन कनु कु सभियूं तैं उत्साहित कनु रौ।
3
जु कुई झूठी शिक्षा दींद अर वे उपदेश तैं नि मंणदु जु हमारा प्रभु यीशु मसीह का भक्ति का अनुसार च,
4
त उ भौत घमण्डी छिनी अर कुछ नि जंणदो, बल्कि वे तैं बहस कन कि अर शब्दों पर तर्क कने कि बिमारी च ज्यां ल जलन झगड़ा अर बुरै की बात अर बुरा-बुरा शक पैदा हूंदींनि
5
अर ऊं लुखुं कु दिमाग शक की दुष्टता ल भुर्युं च, अर उ लगातार दूसरों दगड़ी झगड़ा करदींनि, अर उन ही जणदींनि की सचै क्य च अर जु इन समझदींनि उ सुचदींनि कि पिता परमेश्वर की सेवा कन अमीर बनणौ को एक ढंग च।
6
पर हम कु यु ही बड़िया च, कि हम उ कैरा जु पिता परमेश्वर तैं खुश करद अर जु उ हम तैं दींद हम वां मा ही संतुष्ट रां।
7
किलैकि जब हम पैदा हवे छा त न हम दुनिया मा कुछ लै छा, अर जब हम मुरुला त न कुछ लिजै सकदां।
8
जु हम मा खांणु कु अर पैहनु कु हो, त यूं पर ही सन्तोष कन चयणु।
9
पर जु धनवान हूंण चंदींनि, उ सभि किस्मा का पाप कनु कु भौत आसानी ल अजमैश बट्टी धोखा खै जयदींनि, अर एक जानवर जन फन्दा मा फंसी जयदींनि। उ, ऊं चीजों तैं कन चयदींनिं जु ऊंकु मूर्खता अर खतरनाक च अर या इच्छा ऊं तैं बर्बाद अर नाश कैरी दींदि।
10
किलैकि धन कु लोभ प्रेम सभि किस्मै की बुरै की जौड़ च, कुछ लुखुं ल जरा-जरा कैरी कै मसीह का बार मा शिक्षाओं पर विश्वास कन बंद कैरेले किलैकि उ पैसों तैं बहुत प्रेम करदींनि, अर उ भौत किस्म से दुखी छिनी, एक इन आदिम जन जैल अफ तैं एक हथियार ल नुकसान पौंछै हो।
11
पर हे पिता परमेश्वर का जन तीमुथियुस, तु यूं बातों से दूर रौ, अर धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, सब्र अर नम्रता जु ठिक च, भस वे तैं कनु कु हर किस्म की कोशिश कैर।
12
युद्ध मा एक अच्छा सिपै का जन, जु लड़ै मा कभी हार नि मणद, त्वे तैं भि, पिता परमेश्वर पर भरोसा कन अर वेकी आज्ञाओं तैं पालन कन नि छुड़ण चयणु च; अर वे अनन्त जीवन तैं मज़बूती ल पकड़ी ले ज्यांकु तु बुलै गै, अर जै को तिल मजबूत हवे के बोलि छो, कि तु मसीह पर भरोसो रखदि।
13
मि त्वे तैं इन आज्ञा दींणु छौं, कि पिता परमेश्वर को गवाह बंणि कै, जु हरेक को जीवनदाता च, अर दगड़ा मा मसीह यीशु कु भि गवाह बंणि कै, जैल मजबूत हवे के सच बोलि जब वे तैं पुन्तियुस, पिलातुस का समणी मुकदमा कु लये गै
14
कि तू हमारा प्रभु यीशु मसीह का दुबारा वापिस आंण तक ईं आज्ञा तैं निष्कलंक अर निर्दोष रख, कि कुई त्वे पर भंगार नि लगौ कि तु गलत कनि छै।
15
पिता परमेश्वर, जु एकमात्र राजा च, जु तारीफ का काबिल च, राजाओं कु राजा अर प्रभुओं कु प्रभु च, उ ही मसीह तैं ठिक बगत पर प्रगट करलो,
16
भस उ ही एकमात्र च जु हमेशा कु ज्यूँदो च, अर उ इथग चमकदार रोशनी मा रौंदो च कि कुई भि वेका नजदीक नि ए सकद, अर न वे तैं कै मनिख ल देखि अर न ही कभि देखि सकदु। वेकी महिमा अर सामर्थ जुग-जुग तक राली। आमीन।
17
ईं दुनिया का अमीरों तैं आज्ञा दे कि उ घमण्डी नि हूंनु, अर धन पर भरोसो नि रखा जु कुछ ही देर कु ही च, पर पिता परमेश्वर पर ही आस रखुनु, जु भौताईत ल हम तैं सभि चिज्युं तैं दींद, जु आज हम म च।
18
ऊं तैं, अर भला कामों तैं कनु कु अमीर बणा, अर मदद कनु कु भि बोल,
19
इन कैरी के उ अपड़ा अच्छा कामों तैं अफ कु एक खजाना जन जुड़दींनि जु भविष्य मा स्वर्ग मा ऊंकु एक मजबूत नींव जन च, अर उ सच्चा जीवन तैं प्राप्त करदींनि जु हमेशा कु होलो।
20
हे तीमुथियुस, तू बतौ कि जु पिता परमेश्वर ल त्वे तैं द्ये तू उ ही करदी, अर ऊं लुखुं की नि सुनण जु हमेशा बेकार की बात करदींनि, ज्यां बट्टी पिता परमेश्वर तैं आदर नि मिल्द, अर बेकार मा विरोध करदींनि अर बुल्दींनि कि यु ज्ञान च, पर सच मा यु नि च।
21
कथग ही लुखुं ल यु झूठा ज्ञान तैं अपणैयले, अर उ विश्वास बट्टी भटकि गैनी, मि प्रार्थना करदु कि पिता परमेश्वर की कृपा तुम सब पर बंणि रौ।
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