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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1 Timothy 4
1 Timothy 4
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
पवित्र आत्मा साफ-साफ बतौंणु च कि आखरी बगत मा भौत सी लोग मसीही शिक्षाओं पर विश्वास कन बंद कैरी दयाला उ, दुष्टात्माओं की शिक्षाओं तैं स्वीकार करला जु ऊं तैं भटकांदी च, अर ऊं झूठी शिक्षाओं पर विश्वास करला,
2
यु ऊं झूठा मनिख्युं का कपट छिनी जु झूठी शिक्षाओं तैं सिखौंदींनि, किलैकि जु ऊंकी विवेक सै अर गलत मा फर्क करदी छै व मोरि गै, जन कि उ कै लूहा ल डमे गै हो,
3
यु लोग सिखौंदींनि, कि ब्यो कन गलत च, अर खांण वलि कुछ चिज्युं बट्टी भि दूर रौंणे कि आज्ञा द्याला; जौं चिज्युं तैं परमेश्वर इलै बणै कि जु लोग विश्वास करदींनि अर जु सच तैं पछयंणदींनि उ धन्यवाद का दगड़ी खौनु।
4
किलैकि जु कुछ पिता परमेश्वर ल बणै उ सब अच्छो च, अर कुई भि चीज जु खये जांद अस्वीकार कन का लैख नि च, पर पिता परमेश्वर कु धन्यवाद द्ये के खये जौ;
5
किलैकि व चीज परमेश्वर का वचन अर प्रार्थना से शुद्ध हवे जांदी।
6
जु तू विश्वासी भयों अर बणौं तैं हमेशा याद दिलौणु रौ, कि ज्वा शिक्षा मिल त्वे तैं द्ये अर तिल मांणी भि छिनी, तू विश्वास का संदेश अर अच्छी शिक्षा का द्वारा मजबूत किये गै, त तू मसीह यीशु कु एक अच्छो सेवक छै अर यां बट्टी तेरु पालन-पोषण हमेशा हूंणु रौ।
7
पर बूढ-बुढ्यों कि बंणि-बणई कथाओं मा अपड़ो बगत खराब नि कर, वां बट्टी अलग रौ अर पिता परमेश्वर की भक्ति कैर।
8
किलैकि शारीरिक कशरत ल त देह तैं फैदा हूंद, पर भक्ति सभि बातों कु फैदामंद हूंदी, किलैकि तुम वे जीवन तैं पैला, किलैकि यु एक आदिम तैं ईनाम दींण को वादा करद जब उ ईं धरती पर जीवित रौदींनि अर मुरणा का बाद भि।
9
या बात सच च अर हर किस्मै से मणन का लैख च।
10
किलैकि यु जीवन तैं पांणु कु हम मेहनत अर हरेक किस्मै कि कोशिश इलै ही करदां, कि हमारी आस वे ज्यूंदा पिता परमेश्वर पर च जु सभि मनिख्युं को अर खास कैरी कै विश्वासियों कु उद्धारकर्ता च।
11
विश्वासियों तैं यूं बातों की शिक्षा दींण अर ईं बात पर बल दे कि उ यांको पालन कैरा।
12
कुई तेरी जवानि तैं बेकार नि समझु; पर तु बातचित मा, अच्छा बरतौ मा, दूसरों का प्रति प्रेम मा, मसीह पर तेरु विश्वास मा, अर तेरु निर्दोष जीवन मा, अर पवित्रता मा, विश्वासियों तैं अनुसरण कन कु नमूना बंणि जा।
13
जब तक मि नि औं तब तक, विश्वासियों तैं परमेश्वर का वचन कु मतलब अर उपदेश दींण अर सिखौंण मा लग्युं रौ।
14
वे वरदान ल जु त्वे मा च, अर भविष्यवाणी का द्वारा पुरणा अगुवों का हथ रखण बगत त्वे तैं मिली छो लापरवाह नि रौ।
15
यूं बातों कु ध्यान द्ये के अभ्यास कैर अर अपड़ा आप तैं पूरा ढंग ल ऊंकु समर्पित कैरी दे, कि हर कुई देख सको कि तू अपड़ा विश्वास मा बढ़णी छै।
16
यु बारा मा चौकस रौ, कि तू कन कै रौंदी, अर क्य सिखांदी; यूं बातों पर ठिक रौ, किलैकि तु जु इन कनि रैलि, त तू अपड़ा अर अपड़ा सुनण वलो कु भि न्याय का दिन बचांणों कु कारण हवेलि।
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