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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Romans 10
Romans 10
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
हे विश्वासी भयों, मेरा मन कि इच्छा अर इस्राएल का लुखुं कु पिता परमेश्वर बट्टी मेरी प्रार्थना च, कि उ पिता परमेश्वर बट्टी उद्धार पौनु।
2
किलैकि मि ऊंकी गव्है दींणु छौं, कि ऊंकु पिता परमेश्वर कु उमंग रौंदी, पर परमेश्वर की सेवा कन किये जु, यांकि ऊं तैं सै समझ नि च।
3
किलैकि उ नि जणदींनि, कि परमेश्वर की धार्मिकता क्य च, इलै उ अनजान हवे कै अपड़ा ढंग ल धर्मी बनणै की कोशिश कना छा, अर ऊंल अपड़ा आप तैं धार्मिकता का अधीन नि कैरी।
4
किलैकि मसीह मा पैली बट्टी ही वे मकसद तैं पूरो कैरी ज्यांकु व्यवस्था दिये गै छै। इलै, जु कुई भि वे पर विश्वास करदो पिता परमेश्वर का दगड़ी धर्मी बंणि जांद।
5
किलैकि मूसा की व्यवस्था बट्टी प्राप्त धार्मिकता का बारा मा परमेश्वर का वचन मा यु लिख्युं च; “जु मनिख वांको पालन करदो, उ वां बट्टी ज्यूंदों रालो।”
6
पर ज्वा धार्मिकता विश्वास बट्टी च, वेका बारा मा पिता परमेश्वर कु वचन यु बुल्द, अपड़ा आप बट्टी इन नि बोला “मसीह तैं मूड़ी धरती पर लांणु कु स्वर्ग तक मथि जालो?”
7
या “अधोलोक मा कु उतरलो” (यानि मसीह तैं मुर्दों मा बट्टी ज्यूंदों कैरी मथि लांणु कु)
8
यूं बातों कु मतलब यु च कि, “तुम अपड़ा होंठों ल यु संदेश तैं अंगीकार कैरी सकदा अर अपड़ा दिल मा स्वीकार कैरी सकदा।”
9
कि जु तु अपड़ा गिच्चा बट्टी यीशु तैं अपड़ो प्रभु जांणि कै पूरी रीति बट्टी स्वीकार करिली अर अपड़ा मन बट्टी विश्वास कैरा कि परमेश्वर ल यीशु तैं मुर्दों मा बट्टी ज्यूंदों कैरी, त पिता परमेश्वर तेरु उद्धार कैरी के त्वे तैं बचालो।
10
किलैकि हम अपड़ा मन बट्टी विश्वास करदां, अर इलै हम पिता परमेश्वर का दगड़ी धर्मी बणदां। अर हमारा गिच्चो कु अंगीकार हमारा विश्वास तैं दिखांद जै बट्टी हम उद्धार पै के बचये जणदां।
11
किलैकि परमेश्वर का वचन तैं बुल्ण वला यशायाह ल मसीह का बारा मा लिख्युं छो, “जु कुई वे पर विश्वास करलो उ निराश नि होलो।”
12
यहूदियों अर यूनानी अन्यजाति लुखुं मा कुई फर्क नि च, इलै की पिता परमेश्वर ऊं सभियूं कु प्रभु च; अर जु वे बट्टी प्रार्थना करदींनि ऊंकु दयालु भि च।
13
किलैकि परमेश्वर कु वचन यु बुल्द, “प्रभु ऊं सभियूं तैं बचालो जु वेका नौं तैं पुकरदींनि।”
14
पर मसीह पर जौं लुखुं ल विश्वास नि कैरी, उ वे बट्टी प्रार्थना किलै कैरा? अर जु ऊंल वेका बारा मा नि सूंणि त वे पर कन के विश्वास कैरी सकदींनि? जु कुई प्रचारक नि हो, त उ वेका बारा मा कन कै सूंणि सकदींनि?
15
अर यां बट्टी पैली की कुई जै कै ऊं तैं बतै साको, वे मनिख तैं भिजै जांण चयणु च; जन परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, “यु इथग अद्भुत च कि शुभ सन्देश प्रचार कन वला लोग आंणा छिनी।”
16
पर सभियूं ल वे शुभ सन्देश पर विश्वास नि कैरी। परमेश्वर की तरपां बट्टी बुल्ण वलो यशायाह बुल्दो, “हे प्रभु, कैल भि हमारा द्वारा दिये जांणवला शुभ संदेश पर विश्वास नि कैरी।”
17
इलै विश्वास तब आंद जब हम शुभ संदेश सुणदा छा, अर यु शुभ संदेश मसीह का द्वारा बुलै गै बात छिनी।
18
पर मि पुछणु छों, “कि यहूदियों ल निश्चित रूप मा मसीह का बारा मा शुभ संदेश सुणयूं च, ऊंल जरूर सूंणि किलैकि परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, ऊंका शब्द सैरा धरती पर, अर ऊंका वचन दुनिया मा हरेक जगह पौंछि गैनी।”
19
फिर मि बुल्दो, यु सच च कि, इस्राएल का लुखुं तैं मसीह का बारा मा संदेश समझ मा ऐ। पैली त परमेश्वर की तरपां बट्टी बुल्ण वला मूसा का द्वारा परमेश्वर ल यु बोलि, “मि तुम तैं ऊं अन्य-जातियों बट्टी जलन कनु कु कारण बंणौलु जु एक राष्ट्र नि च, मि तुम तैं ऊं लुखुं बट्टी गुस्सा हूंणु कु कारण बंणौलु जौं तैं यहूदी मूर्ख समझदींनि।”
20
फिर परमेश्वर की तरपां बट्टी बुल्ण वलो यशायाह बड़ी हिम्मत ल प्रभु कु वचन सुणै कि, “जु मि तैं नि खुज्योंदा छा, ऊंल मि तैं पयले; अर जु मि तैं पुछदा भि नि छा, ऊं पर मि प्रगट हवे ग्यों।”
21
पर इस्राएल का लुखुं का बारा मा परमेश्वर यु बुल्द, “मि सैरा दिन अपड़ा हथ आज्ञा नि मनणु वली अर जिद्द कन वली प्रजा की तरपां बडयूं रौं।”
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