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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Romans 8
Romans 8
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
यु कारण अब जु मसीह यीशु मा च, ऊं पर दंड की आज्ञा नि च।
2
पवित्र आत्मा जु मसीह यीशु का तरपां बट्टी आंदो उ तुम तैं जीवन दयालो अर तुम तैं पाप अर मृत्यु की व्यवस्था बट्टी आजाद करलो।
3
किलैकि जु काम मूसा कि व्यवस्था हमारा पापमय स्वभाव बट्टी कमजोर हवे कै नि कैर साकी, वे तैं पिता परमेश्वर ल कैरी, मतलब अपड़ा ही नौंना मसीह यीशु तैं हमारा पापी देह का समान बणै के, अर हमारा पापों कु बलिदान हूंणु कु भेजि द्ये अर अपड़ा नौंना का देह का बदला मा पिता परमेश्वर ल पाप सामर्थ तैं तोड़ी द्ये।
4
इलै व्यवस्था कि मांग हम मा बट्टी जु पापमय स्वभाव का अनुसार नि च बल्कि पवित्र आत्मा का अनुसार चलदींनि, पूरी कैरे जाली।
5
उ लोग जु पापमय स्वभाव का अनुसार काबू मा हूंदींनि उ पापमय बातों का बारा मा सुचदींनि, पर उ जु पवित्र आत्मा का द्वारा नियंत्रित हूंदींनि ऊं बातों का बारा मा सुचदींनि जु पवित्र आत्मा तैं खुश करदी।
6
अपड़ा पापमय स्वभाव तैं अर अपड़ा मन तैं काबू कन दींण मौत कि तरपां लिजांद; पर पवित्र आत्मा तैं अपड़ा मन तैं काबू कन बट्टी जीवन अर शान्ति मिलदी।
7
किलैकि पापी स्वभाव का अनुसार जीवन जींण पिता परमेश्वर बट्टी बैर रखण च, किलैकि न त पापी स्वभाव पिता परमेश्वर की व्यवस्था का अधीन च, अर न व्यवस्था कु पालन कैर सकद।
8
अर जु पापमय स्वभाव का काबू मा च, उ पिता परमेश्वर तैं खुश नि कैर सकदींनि।
9
पर जबकि परमेश्वर कु पवित्र आत्मा तुम मा वास करदो, त तुम पापमय स्वभाव का काबू मा नि छा, पर पवित्र आत्मा का काबू मा छा। जु कै मा मसीह कु आत्मा नि च त उ मसीह बट्टी सम्बन्धित नि च।
10
जु मसीह तुम मा च, त पाप का कारण देह का मुरयां हूंण पर भि धार्मिकता का कारण तुम्हरी आत्मा ज्यूंदी च।
11
अर जु पिता परमेश्वर कु पवित्र आत्मा जैल यीशु तैं मुर्दों मा बट्टी ज्यूँदो कैरी तुम मा बस्युं च; त जैल मसीह तैं मुर्दों मा बट्टी ज्यूँदो कैरी, जु तुम मा बसयूं च उ तुम्हरा नाशवान देह तैं भि अपड़ा आत्मा का द्वारा ज्यूँदो करलो।
12
त हे विश्वासी भयों, हम तैं आज्ञा मनणु चयणी च पर वे तैं न जु हमारो पापी स्वभाव चांद की हम कैरा।
13
किलैकि जु तुम अपड़ा पापमय स्वभाव का अनुसार ज्यून्दा, त आत्मिक मृत्यु का अनुसार मुरला, पर जु आत्मा की सामर्थ का द्वारा तुम उ कन बंद कैरी दींद जु तुम्हरो पापमय स्वभाव चांद, त ज्यूंदा रैल्या।
14
इलै कि जथग लोग परमेश्वर की आत्मा का अनुसार चलये चलदींनि, उ ही पिता परमेश्वर की सन्तान छिनी।
15
किलैकि तुम तैं गुलामी की आत्मा नि मिली, गुलाम जु पिता परमेश्वर बट्टी डरदा छिनी, पर जब पिता परमेश्वर ल तुम तैं अपड़ी सन्तान का रूप मा स्वीकार कैरी त तुम तैं परमेश्वर कि आत्मा मिली, ज्यां बट्टी हम हे बुबा, हे पिता बोलि के बुलौंदियां।
16
पवित्र आत्मा अफी हमारी आत्मा का दगड़ी गव्है दींद, कि हम परमेश्वर कि सन्तान छा।
17
अर जु सन्तान छा, त वारिस भि छा, बल्कि परमेश्वर का वारिस अर मसीह का संगी वारिस छा। जु हम यीशु का जन दुःख सौला, त हम वेकी बड़ै मा भि हकदार हूला।
18
मि तैं पता च, कि मि कु या बात साफ च कि जु बडै पिता परमेश्वर हम तैं बाद मा दयालु, उ दुःख वे बट्टी बड़ो च जु हम अब सौणा छा।
19
किलैकि सैरी सृष्टि बड़ा आशा का दगड़ी वे बगत कु इन्तेजार कनी च, जब पिता परमेश्वर अपड़ी सच्ची सन्तानों तैं प्रगट करलो।
20
किलैकि जु कुछ भि पिता परमेश्वर ल बंणै वेल अपड़ी कीमत खोयले, इलै कि उ खुद इन नि चांदा छा, पर इलै कि पिता परमेश्वर ल इन कैरी अर हम तैं आस भि च।
21
सृष्टि वे दिनों कु जग्वाल कनि च जब उ मृत्यु अर विनाश बट्टी छुटी के पिता परमेश्वर की सन्तानोंं का दगड़ी महिमामय आजादी मा शामिल हवे जाली।
22
किलैकि हम जंणदा छा, कि सबसे पैली आदम ल पाप कैरी, तब बट्टी ले के अब तक पिता परमेश्वर द्वारा किये गै सैरी सृष्टि एक जनन का जन पिड़ा सौणी च जन पिड़ा वीं तैं बच्चा तैं जन्म दींण पर हूंदी।
23
अर उ भस दुनिया ही न जु कि कणांणी च, न पर हम भि, जै मा हूंण वली बडै का पैली बट्टी स्वाद चखण का रूप मा पवित्र आत्मा कु निवास च, अफी अपड़ा मा कणांणी च; हम भि वे दिन कु उत्सुकता का दगड़ी जग्वाल कना छा जब परमेश्वर हम तैं अपड़ा गोद लियां बच्चों का रूप मा हम तैं पूरो हक दयालो, मतलब की अपड़ा देह का छुटकारा की जग्वाल कना छा।
24
अब जब पिता परमेश्वर ल हम तैं बचै, त हम मा य आस च। पर जब तुम कुछ पांणै की इच्छा कना छा जु तुम मा पैली बट्टी च, त उ आस नि च। कुई भि वीं चीज तैं पांणै की इच्छा नि करद जु पैली बट्टी ही वेमा ही छिनी।
25
पर हम तैं कुछ इन मिलणै की आस च जु हम मा अभि तक नि च, इलै हम धीरज का दगड़ी तब तक इन्तेजार करद्यां जब तक ही हम वे तैं नि पै ल्या।
26
ईं रीति ल पवित्र आत्मा भि हमारी मदद करद; जब परमेश्वर मा हमारो भरोसो कमजोर हूंद, किलैकि हम नि जंणदा, कि प्रार्थना कन कै कन चयणी च; पर पवित्र आत्मा अफी इन्दरी आह भौरि-भौरि के जु कि बतांण से भैर च, हम कु बिनती करद।
27
अर पिता परमेश्वर जु मनों तैं जंणदु च, कि पवित्र आत्मा कि क्य मनसा च? किलैकि उ पवित्र लुखुं कु पिता परमेश्वर कि मनसा का अनुसार बिनती करदो।
28
हम जंणदा छा, कि जु लोग परमेश्वर बट्टी प्रेम रखदींनि, मतलब ऊंकु ही जु वेकी ही इच्छा का अनुसार चलदींनि जूं तैं वेको चुणयूं च, ऊं लुखुं कु पिता परमेश्वर सभि बातों कु भलै कु ही करद,
29
किलैकि जौं तैं वेल पैली बट्टी ही चुणयली ऊं तैं पैली बट्टी ही ठैराये गै कि वेका नौंना का स्वरूप मा हो कि उ सभि विश्वासी भयों मा पैलो नौंना का जन हवे जौं।
30
फिर जौं तैं वेल पैली बट्टी ठैराये, ऊं तैं चुणि भि च, अर जौं तैं चुणयूं च, ऊं तैं धर्मी भि ठैराये, अर जौं तैं धर्मी ठैराये, ऊं तैं अपड़ी बडै मा भि हकदार बंणै।
31
त हम यूं बातों का बारा मा क्य बोला? जु पिता परमेश्वर हमारी तरपां च, त कुई भि हम तैं हरै नि सकद।
32
पिता परमेश्वर ल अपड़ा एकलौता नौंना यीशु मसीह तैं भि नि रख छोड़ी, पर वे तैं हम पर कृपा कैरी के अपड़ा दुश्मनों तैं सौंपी दींनि, उ हम तैं उ सब कुछ भि दयालो जु वेल हम बट्टी करार कैरी छै।
33
कुई भि हम पर पिता परमेश्वर का संमणी भंगार नि लगै सकदो किलैकि उ ऊई च जु हम तैं अफ दगड़ी धर्मी ठैरांण वलो च।
34
कुई भि हमारी निंदा नि कैर सकद किलैकि उ यीशु मसीह च, जु हम कु मोरि गै अर मुर्दों मा बट्टी ज्यूँदो भि किये गै, अर पिता परमेश्वर की दैंणी तरपां च, अर जु हमारी तरपां बट्टी पिता परमेश्वर बट्टी बिनती करदो।
35
कुई भि हम तैं मसीह का प्रेम बट्टी अलग नि कैर सकद। क्य क्लेश, या संकट, या घपरौल, या अकाल, या नंगुपन, या खतरा, यूं मा बट्टी एक भि हम तैं मसीह का प्रेम बट्टी अलग नि कैर सकलो।
36
जन परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, “पिता परमेश्वर का वचन कु लोग हम तैं हर दिन जान से मरणै की धमकी दींदिनि; हम बलि हूंण वला ढिबरों का जन गिणै ग्यां।”
37
पर यूं सभि बुरी बातों मा हम वेका द्वारा जैल हम बट्टी प्रेम कैरी, इलै जीत पूरा ढंग से हमारी च।
38
किलैकि मि निश्चित छौं, कि कुछ भि अर कुई भि हम तैं मसीह का प्रेम बट्टी कनु दूर ली जांण मा सक्षम नि च; इलै कुछ फर्क नि पुड़दो कि हम मुरणा छा या हम ज्यूंदा छा; स्वर्गदूत, शासक अर सामर्थ जु स्वर्ग मा च हम तैं वेका प्रेम बट्टी अलग नि कैर सकद, अर वे बट्टी भि जु अब हूंणु च अर भविष्य मा जु होलो, सैरी सृष्टि मा सब कुछ हम तैं वेका प्रेम बट्टी अलग नि कैर सकदो।
39
न गहराई, न सृष्टि, न कुई, हम तैं पिता परमेश्वर का प्रेम बट्टी, जु हमारा प्रभु यीशु मसीह मा च, अलग नि कैर सकली।
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