bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
/
Romans 9
Romans 9
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
← Chapter 8
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 10 →
1
मि मसीह तैं गव्हा मांणी कै सच बुल्णु छौं। जैको पवित्र आत्मा अर मेरू विवेक गव्है दींणु च की यु झूठ नि च।
2
कि मि तैं ऊंकु भौत दुःख च, अर हमेशा मेरा दिल मा मेरा लुखुं कु हर बगत मि तैं पिड़ा महसूस हूंदी।
3
किलैकि मि इख तक चांदु छो, कि अपड़ा यहूदी विश्वासी भयों उद्धार पांण कु जु मेरा अपड़ा कुटुंब का भाव बट्टी मेरा कुटुंब छिनी, अफी ही मसीह बट्टी परमेश्वर मि तैं श्राप द्ये अर अलग हवे जांदु।
4
उ इस्राएली ही छिनी, ऊं तैं पिता परमेश्वर ल गोद लियुं च अर ऊं तैं सन्तानोंं का रूप मा चुणै गै अर महिमा, वाचा, मूसा द्वारा लिखीं परमेश्वर की व्यवस्था, उ सचै बट्टी पिता परमेश्वर कि आराधना करदींनि, अर प्रतिज्ञा ऊंकी ही छिनी।
5
अब्राहम, इसहाक अर याकूब ऊंका पूर्वज छिनी, अर जख तक मनिख स्वभाव कु संबंध च, मसीह खुद एक इस्राएली छों, पिता परमेश्वर जु सब पर राज्य करदो, वेकी हमेशा कु बडै हूंदी रौ। आमीन।
6
पर इन न, कि पिता परमेश्वर कु वादा पूरो नि हवे साकी, किलैकि सभि इस्राएल का वंशज सच मा पिता परमेश्वर का लोग नि छिनी;
7
अर अब्राहम का वंश मा जन्म लींण से ही सभि ऊंकी सच सन्तान नि हवे जंदींनि, किलैकि पिता परमेश्वर ल अब्राहम बट्टी बोलि, जु इसहाक का वंश मा जन्म लींदींनि उ ही तेरु वंशज मंणै जाला।
8
इलै जु वंश देह का अनुसार जन्म लींदींनि उ पिता परमेश्वर की संतान नि छिनी, पर भस करार की संतान ही अब्राहम की संतान मंणै जयदींनि।
9
किलैकि करार कु वचन यु च, “मि हैंका साल यु बगत ही दुबरा औलु अर तब सारा कु एक नौंनो होलो।”
10
अर भस यु ही न, पर रिबका का गर्भ मा एक ही पुरुष, मतलब हमारा पूर्वज इसहाक बट्टी जवांलयां नौंना हवेनि।
11
पैदा हूंण बट्टी पैली पिता परमेश्वर ल रिबका बट्टी बोलि छों, कि ऊंको बड़ो नौंनो छुटा की सेवा करलो। प्रभु अपड़ी पसंद खुद बंणौदु यु दिखांणु कु वेल यु बोलि, कि जु ऊंल कैरी यु कै भि काम का कारण नि छों पर परमेश्वर कु उद्देश्य ऊंकी ही इच्छा का अनुसार बुलांण वलो पर बंणि रौ।
12
वेल बोलि, “जेठो नौंनो कंणसा नौंनो कु दास होलो।”
13
जन परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, “मिल याकूब बट्टी प्रेम कैरी, पर एसाव तैं अप्रिय जांणि।”
14
त हम ल यूं बातों का बारा मा क्य बुल्ण? क्य पिता परमेश्वर अन्यायी च जब उ जै तैं चौ चुणदो? न! बिल्कुल न।
15
किलैकि पिता परमेश्वर मूसा बट्टी बुल्द, “मि जै कै पर दया कन चौलु, वे पर दया करुलु, अर जै कै पर कृपा कन चौं वे पर ही कृपा करुलु।”
16
त पिता परमेश्वर वे मनिख तैं चुणलो जै पर उ दया दिखांणु कु फैसला लींद; वेकी पसंद ईं बात पर निर्भर नि करदी कि लोग की चंदींनि या क्य कने की कोशिश करदींनि।
17
किलैकि पिता परमेश्वर का वचन मा मिस्र देश का राजा फिरौन बट्टी बुलै गै, “मिल त्वे तैं इलै राजा नियुक्त कैरी, कि त्वे तैं अपड़ी सामर्थ दिखौं अर मेरा नौं कु प्रचार ईं दुनिया का सैरा लुखुं का बीच मा हो।”
18
त फिर, उ जै पर चांदो, वे पर दया करदो; अर जै तैं चांदो वे तैं जिद्दी बंणै दींद।
19
तब कुछ लोग मि बट्टी बुलला; “जु इन च त पिता परमेश्वर कन बोलि सकदो कि हम गलत छा? किलैकि उ जु चांदो वे तैं कनु कु कुई नि रोक सकदो।”
20
हे दगड़िया, तु कु छै? जु पिता परमेश्वर बट्टी सवाल कनी छै, क्य बंणई चीज बनांण वला बट्टी पूछि सकदी, “तिल मि तैं इन किलै बंणै?”
21
क्य कुमार तैं माटा पर अधिकार नि च, कि एक ही चाक मा बट्टी, एक भांडों अच्छा काम कु, अर दूसरो अनादर का काम कु?
22
कि पिता परमेश्वर ल अपड़ो गुस्सा दिखांणु अर अपड़ी सामर्थ प्रगट कने की इच्छा बट्टी गुस्सा का मनिख्युं तैं जु भांडों का जन छिनी, जौं तैं नाश कन तय कैरे गै।
23
वेल इन इलै कैरी, किलैकि उ दिखण चांदु छो, कि उ कथग महान च जब वेल ऊं लुखुं पर दया कैरी जौं तैं वेल अपड़ी महिमा मा भागिदार हूंणु कु पैली चुणि।
24
यानि हम पर जौं तैं वेल न भस यहूदियों मा बट्टी बल्कि अन्यजातियों मा बट्टी भि चुणि।
25
अन्यजातियों का बारा मा, पिता परमेश्वर कि तरपां बट्टी बुल्ण वला होशे की किताब मा लिख्युं च, “ज्वा मेरी प्रजा नि छै, ऊं वीं तैं मि अपड़ी प्रजा बुललु, अर ज्वा प्यारी नि छै, वीं तैं प्यारी बुललु;
26
अर जैं जगह मा पिता परमेश्वर ल बोलि, तुम मेरा लोग नि छा, उखि मा ज्यूँदो परमेश्वर ऊं तैं अपड़ी सन्तान बुललो।”
27
इस्राएल का लुखुं का बारा मा परमेश्वर कि तरपां बट्टी बुल्ण वलो यशायाह चिल्लै कै बुल्णु च, “चै इस्राएल का लुखुं की गिणती समुद्र का किनारा बल्ला का जन हो, तब भि ऊंमा जरा ही बचला।
28
किलैकि प्रभु जल्द ही, अर एक ही बार मा हमेशा कु, धरती पर का सभि लुखुं कु न्याय करलो।”
29
जन परमेश्वर कि तरपां बट्टी बुल्ण वला यशायाह ल पैली भि बोलि छो, “जु प्रभु सर्वशक्तिमान ल हम तैं वंशज हूंणै कि अनुमति नि दीं हूंदी, त हम सदोम अर अमोरा शहरों का लुखुं का जन बंणि जांदा, जौं तैं परमेश्वर ल पूरा ढंग से नष्ट कैरी द्ये।”
30
त हम ल यांका बारा मा क्य बुल्ण? अन्यजाति अफ तैं पिता परमेश्वर का दगड़ी धर्मी रखणै कि कोशिश नि कना छा, पर पिता परमेश्वर ल ऊं तैं खुद का दगड़ी धर्मी रखि किलैकि ऊंल वे पर भरोसो कैरी छों;
31
पर इस्राएल का लोग, उ मूसा की व्यवस्था तैं मांणी कै पिता परमेश्वर का अनुसार धर्मी घोषित हूंण चंदींनि, ऊंल वीं धार्मिकता तैं नि पै।
32
यु कन कै हवे सकद? इलै कि उ विश्वास बट्टी न, पर भला कर्मों बट्टी वेकी खोज करदां छा; ऊंल मसीह तैं ठुकरै दे जु वे ढुंगा का जन च जु लुखुं तैं ठोकर दिलांद।
33
जन परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, “देखा मि सिय्योन मा ठोकर लगण वला ढुंगो, अर लुखुं तैं लमडांण वली चट्टान रखणु छो, अर जु वे पर विश्वास करलो, उ शर्मिंदा नि होलो।”
← Chapter 8
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 10 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16