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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Romans 11
Romans 11
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
इलै मि पुछणु छौं, क्य परमेश्वर ल अपड़ी प्रजा तैं छोडे़ले? न! बिल्कुल न! मि भि त इस्राएली छौं; अब्राहम कु वंशज अर बिन्यामीन का गोत्र मा बट्टी छौं।
2
परमेश्वर ल अपड़ी वीं प्रजा तैं नि छोड़ी, जै तैं वेल पैली बट्टी ही चुणि; तुम जंणदा छा की परमेश्वर कु वचन मा एलिय्याह की मिसाल मा क्य बुल्दो; कि इस्राएल का लुखुं का विरोध मा पिता परमेश्वर बट्टी शिकैत करदो।
3
वेल बोलि, “हे प्रभु, ऊंल परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला तैं मारि दींनि, अर तेरी वेदियों तैं तोड़ी दींनि; मि ही भस यखुली बच्युं छो जु अभि भि तेरु पिछनै चलणु छों अर उ मेरा भि प्राण लींण चांणा छिनी।”
4
पर पिता परमेश्वर ल एलिय्याह बट्टी बोलि, “मिल अफ कु सात हजार आदिमों तैं रख्युं च, जौं ल झूठा बाल देबता का अगनैं वेकी आराधना कनु कु घुंडा नि टिकनी।”
5
ईं रीति ल यु बगत भि, पिता परमेश्वर की दया का कारण, यूं यहूदियों कु एक छुटो सी हिस्सा च जौं तैं पिता परमेश्वर ल अपड़ा सच्चा लुखुं का रूप मा चुणि यले।
6
जु पिता परमेश्वर ल ऊं तैं चुणि उ दया का कारण ही हवे, या भाला कामों का कना का अनुसार न। जु कामों का द्वारा च, त दया फिर दया नि रै।
7
यांको परिणाम यु हवे की इस्राएली परमेश्वर तैं खुश कनै की खोज मा छिनी, उ ऊं तैं नि मिली; पर चुणयां लुखुं तैं मिली अर बकि लुखुं कु मन कठोर बंणी गै।
8
जन कि परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला यशायाह की किताब मा लिख्युं च, “परमेश्वर ल ऊं तैं आज दिन तक सुस्त दिमाक द्ये अर इन आँखा दींनि जु न देखा, अर इन कन्दूड़ जु नि सूंणा।”
9
अर राजा दाऊद बुल्द, “ऊंको खांणु ऊंकु तैं जाल, अर फंदा, अर ठोकर, अर दण्ड कु कारण हवे जालो।
10
ऊंका आँखा अंधा हवे जौनु कि उ देखि नि साका, अर तु हमेशा ऊं की कमर तैं झुकै के रख।”
11
त मि पुछणु छौं, “क्य यहूदी ठोकर लगणा का कारण हमेशा कु पाप मा गिरी गैनी?” न! बिल्कुल न! पर ऊंका अविश्वास का कारण अन्यजातियों तैं उद्धार मिली, कि इस्राएल का लुखुं तैं जलन हो।
12
अब जु इस्राएल का लुखुं को पाप मा ठोकर खांण दुनिया की अन्यजातियों कु भलै को कारण बंणद, त भौत जादा भलो होलो की इस्राएल का लोग पिता परमेश्वर मा लौटि आं।
13
मि तुम अन्यजातियों बट्टी यूं बातों तैं बुल्ण छौं। जबकि मि अन्यजातियों कु यीशु मसीह कु प्रेरित छौं, त मि अपड़ी सेवकाई पर घमंड करुलु।
14
कि कैं भि ढंग बट्टी मि अपड़ा दगड़िया यहूदी कुटुंबियूं बट्टी जलन करवै कै ऊंमा बट्टी कुछ कु त बचाव करुलु।
15
किलैकि जब इस्राएल का लुखुं कु छुड़ै जांणा दुनिया का लुखुं कु मेल कु कारण हवे, त जब उ यीशु तैं मसीह का रूप मा अपणैयला अर परिणाम का रूप मा इन होलो जन की परमेश्वर ऊं तैं मरणा का बाद फिर ज्यूंदों कनु हो।
16
जब हम रुट्टि बनांणु कु आटो उलदयां, त हम परमेश्वर तैं दींणु कु मुठी भर आटो लींदयां अर उ पवित्र हवे जांद। जु उ एक मुठी पिता परमेश्वर कु पवित्र च, त यांको मतलब च की पूरो आटो भि वेकु पवित्र च; अर जब जौड़ो पवित्र ठैरी, त फौंकी भि इन ही होली।
17
इस्राएल का लोग एक अच्छा जैतून डाला का फौंका का जन छिनी अर पिता अब्राहम, इसहाक अर याकूब वे डाला का जौड़ा का जन छिनी। अन्यजाति जंगली जैतून का डाला का फौंका जन च अर तुम यहूदियों बट्टी वे जन फैदा प्राप्त करदयां जन की जंगली जैतून का डाला का फौंका अच्छा जैतून का डाला बट्टी फैदा प्राप्त करदींनि।
18
ऊं फौंकों का बारा मा जु कटै गै छा घमंड नि करयां; अर जु तु घमंड कैर त, जांणि लै, कि तु जौड़ा तैं न, बल्कि जड़ त्वे तैं सम्भलदी।
19
तुम शायद बोलि सकदा छा, “यु हम छा कि जै तैं पिता परमेश्वर ल पसंद कैरी, किलैकि उ यहूदियों मा बट्टी कुछ तैं अस्वीकार कैरी दींनि की तुम वेकी जगह ले सकदा छा जन फौंका इलै तुड़ै गैनी, कि मि जुड़ै जौं।”
20
यु सच च, उ त अविश्वास का कारण तुड़ै गै, पर तु विश्वास मा बणयूं रौंदी इलै घमंडी नि हो, पर डौर मांण,
21
जु पिता परमेश्वर ल असली फौंकियूं पर दया नि कैरी, त उ तुम पर भि दया नि करलो।
22
इलै, तुम तैं यां पर ध्यान दींण चयणु च! परमेश्वर की मयलदु-पन अर कठोरता तैं, जु गिरी गैनी, ऊं पर कठोरता, पर तुम पर दया त हवे, तुम वेकी दया मा बंणयां रा, नथिरी तुम भि कटै जैला।
23
अर इस्राएल का लोग भि जु विश्वास कन शुरू कैरा, त ऊं तैं वापिस डाला मा फौंकी का जन फिर से लगै दिये जालो किलैकि पिता परमेश्वर ऊं तैं फिर संटे सकदो।
24
कै जंगली फौंकि को कै अच्छो डालो कु हिस्सा बनण स्वभाविक नि च। अर तुम जु यहूदी नि छा एक जंगली जैतून डाला बट्टी कटयां फौंकि का जन छा, अर एक अच्छा जैतून का डाला मा शामिल हो। बल्कि उ यहूदी एक फौंकि का जन च जु अच्छा डाला बट्टी भि बढि छै निश्चित रूप बट्टी ऊं तैं फिर से अपड़ा डाला बट्टी मिलै जै सकदो च।
25
हे विश्वासी भयों, कखि इन नि हो कि तुम अपड़ा आप तैं भौत बुद्धिमान समझी ल्यां। इलै कि मि तुम लुखुं पर यु भेद प्रगट कन चांणु छों, कि यु सच च कि भौत सा इस्राएल का लोग विश्वास कनु कु तैयार नि छिनी, बल्कि परमेश्वर पर विश्वास कन वला अन्यजाति लुखुं की गिणती पूरी हवे जाली, त इस्राएल का लोग विश्वास करला अर परमेश्वर मा वापिस ऐ जाला, तब तक इस्राएल कु एक हिस्सा इन ही कठोर रालो।
26
अर यु हूंणा का बाद सैरा इस्राएल का लोग उद्धार पाला; जन परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, “बचांण वलो सिय्योन बट्टी आलो, अर अभक्ति तैं याकूब का वंश बट्टी दूर करलो
27
अर ऊंका दगड़ी मेरी या नई प्रतिज्ञा हवेलि, जबकि मि ऊंका पापों तैं माफ करुलु।”
28
यहूदी पिता परमेश्वर का बैरी छिनी, किलैकि उ शुभ सन्देश पर विश्वास नि कन चंदींनि, अर यु तुम कु फैदा बंणि गै। पर चुणै जांणा का नजर बट्टी पूर्वजों कु प्रियजन।
29
किलैकि पिता परमेश्वर अपड़ा वरदानों बट्टी, अर बुलाहट बट्टी दया का कारण कभि भि अपड़ो मन नि बदलद।
30
किलैकि जन अन्यजातियों ल पैली पिता परमेश्वर की आज्ञा नि मांणी ठिक उन ही यहूदियों ल भि नि मांणी छै, पर ऊंका आज्ञा नि मनणु बट्टी अब तुम पर दया हवे।
31
उन ही ऊंल भि आज्ञा नि मांणी कि, इलै तुम पर जु दया हवे किलैकि यां बट्टी ऊं पर भि दया हो।
32
किलैकि पिता परमेश्वर सभि लुखुं तैं आज्ञा नि मनणै की अनुमति दींद, कि उ सभि लुखुं पर अपड़ी दया दिखै साको।
33
पिता परमेश्वर की दया कु धन, बुद्धि अर ज्ञान सच मा भौत महान च! कुई भि ऊंकी निर्णय की व्याख्या नि कैर सकद अर न ही कुई वेका रस्तों तैं समझी सकदो।
34
“प्रभु कु मन कुई नि जांणि सकद, या, कु ऊंको सलाहकार बंणि गै?
35
अर कैल पिता परमेश्वर तैं कुछ नि द्ये की पिता परमेश्वर तैं वे तैं उ लौटांण पोडो।”
36
किलैकि सब कुछ पिता परमेश्वर बट्टी आंदो। वेल सब कुछ बणै याली, अर सभि कुछ वेको ही च। वेकी बडै जुग-जुग तक हूंणी रौ, आमीन।
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