bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Hindi
/
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
/
Leviticus 16
Leviticus 16
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
← Chapter 15
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 17 →
1
जब हारून के उन दो पुत्रों की मृत्यु हुई, जो प्रभु के सम्मुख उसके निकट गए और मर गए, तब प्रभु मूसा से बोला।
2
प्रभु ने मूसा से कहा, ‘तू अपने भाई हारून से कहना कि वह मंजूषा के ऊपर बने हुए दया-आसन के सम्मुख, अन्त: पट के भीतर पवित्र-स्थान में हर समय प्रवेश न करे, अन्यथा वह मर जाएगा; क्योंकि मैं दया-आसन के ऊपर बादल में प्रकट होता हूँ।
3
हारून पवित्र-स्थान में इस प्रकार प्रवेश करेगा; वह पाप-बलि के लिए एक बछड़ा तथा अग्नि-बलि के लिए एक मेढ़ा लेकर प्रवेश करेगा।
4
वह सूती वस्त्र का पवित्र अंगरखा पहने हुए, अपने शरीर पर सूती वस्त्र का जांघिया धारण किए हुए, सूती वस्त्र का कटिबन्द कसे हुए और सूती वस्त्र की पगड़ी बांधे हुए प्रवेश करेगा। ये पवित्र वस्त्र हैं। वह जल में स्नान करेगा, और तब उनको पहनेगा।
5
तत्पश्चात् वह इस्राएली मण्डली से पाप-बलि के लिए दो बकरे तथा अग्नि-बलि के लिए एक मेढ़ा लेगा।
6
‘हारून अपनी पाप-बलि के रूप में बछड़ा चढ़ाएगा और अपने तथा अपने परिवार के लिए प्रायश्चित्त करेगा।
7
वह दो बकरे लेगा, और उन्हें प्रभु के सम्मुख मिलन-शिविर के द्वार पर खड़ा करेगा।
8
हारून इन बकरों पर दो चििट्ठयां डालेगा; एक चिट्ठी प्रभु के लिए तथा दूसरी चिट्ठी अजाजेल के लिए होगी।
9
जिस बकरे पर प्रभु के लिए चिट्ठी निकलेगी, उसको हारून अर्पित करेगा। वह उसको पाप-बलि में चढ़ाएगा।
10
पर जिस बकरे पर अजाजेल के लिए चिट्ठी निकलेगी, वह प्रभु के सम्मुख जीवित खड़ा किया जाएगा कि उस पर प्रायश्चित्त किया जाए और उसको निर्जन प्रदेश में अजाजेल के पास भेजा जा सके।
11
‘हारून अपनी पाप-बलि के रूप में बछड़ा चढ़ाएगा और अपने तथा अपने परिवार के लिए प्रायश्चित्त करेगा। वह अपनी पाप-बलि के लिए बछड़े का वध करेगा।
12
तब वह प्रभु के सम्मुख की वेदी से अंगारों-भरा धूपदान तथा अंजलि भर पिसा हुआ सुगन्धित धूप-द्रव्य लेगा। वह उसको अन्त:पट के भीतर लाएगा,
13
और प्रभु के सम्मुख सुगन्धित धूप-द्रव्य को अग्नि पर रखेगा जिससे सुगन्धित धूप-द्रव्य का धुंआ साक्षी-पत्र की मंजूषा के ऊपर निर्मित दया-आसन को ढक ले; अन्यथा वह मर जाएगा।
14
वह बछड़े का कुछ रक्त लेगा, और उसको अपनी अंगुली से दया-आसन के अग्र भाग पर छिड़क देगा। वह दया-आसन के सामने अपनी अंगुली से सात-बार रक्त छिड़केगा।
15
‘हारून लोगों के लिए पाप-बलि के बकरे का वध करेगा। वह उसके रक्त को अन्त:पट के भीतर लाएगा। जैसा उसने बछड़े के रक्त के साथ किया वैसा ही बकरे के रक्त के साथ करेगा। वह उसको दया-आसन के ऊपर तथा उसके सामने छिड़क देगा।
16
इस प्रकार वह इस्राएली समाज की सब अशुद्धताओं, उनके अपराधों तथा सब पापों के कारण पवित्र-स्थान के हेतु प्रायश्चित्त करेगा। ऐसा ही वह मिलन-शिविर के लिए करेगा, जो उनकी अशुद्धताओं के मध्य, उनके साथ स्थित है।
17
जब वह प्रायश्चित्त के हेतु पवित्र-स्थान में प्रवेश करेगा और जब तक वह अपने, अपने परिवार एवं समस्त इस्राएली धर्मसभा के लिए प्रायश्चित्त करके बाहर नहीं निकलेगा, तब तक मिलन-शिविर में कोई भी मनुष्य उपस्थित नहीं होगा।
18
वह प्रभु के सम्मुख की वेदी के पास बाहर आएगा और उसके हेतु प्रायश्चित्त करेगा। वह बछड़े तथा बकरे का कुछ रक्त लेकर वेदी के चारों ओर सींगों पर उसको लगाएगा।
19
वह वेदी के ऊपर अपनी अंगुली से सात बार रक्त छिड़केगा। इस प्रकार वह इस्राएली समाज की अशुद्धता से उसको शुद्ध और पवित्र करेगा।
20
‘हारून पवित्र-स्थान, मिलन-शिविर तथा वेदी के हेतु प्रायश्चित करने के पश्चात् जीवित बकरे को अर्पित करेगा।
21
वह अपने दोनों हाथ जीवित बकरे के सिर पर रखेगा, और इस्राएली समाज के समस्त अधर्म, अपराध और पाप स्वीकार करेगा। वह उनको बकरे के सिर पर डाल देगा, और उस व्यक्ति के हाथ से, जो इस कार्य के लिए नियुक्त होगा, बकरे को निर्जन प्रदेश में भेज देगा।
22
बकरा उनके सब अधर्म अपने ऊपर लादकर सुनसान स्थान में ले जाएगा। वह व्यक्ति बकरे को निर्जन प्रदेश में छोड़ देगा।
23
‘तत्पश्चात् हारून मिलन-शिविर में आएगा। वह उन सब सूती वस्त्रों को उतार कर वहां रख देगा जो उसने पवित्र स्थान में प्रवेश करते समय पहने थे।
24
वह शुद्ध स्थान में जल में स्नान करेगा और अपने वस्त्र पहनकर बाहर आएगा। तब वह अपनी तथा लोगों की अग्नि-बलि अर्पित करेगा और अपने तथा लोगों के लिए प्रायश्चित्त करेगा।
25
वह पाप-बलि पशु की चर्बी वेदी पर जलाएगा।
26
अजाजेल के पास बकरा ले जानेवाला व्यक्ति अपने वस्त्र धोएगा और जल में स्नान करेगा। इसके पश्चात् ही वह पड़ाव में प्रवेश कर सकेगा।
27
पाप-बलि का बछड़ा एवं पाप-बलि का बकरा, जिनका रक्त प्रायश्चित्त के हेतु पवित्र-स्थान में लाया गया था, पड़ाव के बाहर लाए जाएंगे और वहां उनकी खाल, मांस और गोबर आग में जलाए जाएंगे।
28
उनको जलाने वाला व्यक्ति अपने वस्त्र धोएगा और जल में स्नान करेगा। इसके पश्चात् ही वह पड़ाव में प्रवेश कर सकेगा।
29
‘यह तुम्हारे लिए स्थायी संविधि होगी: तुम सातवें महीने के दसवें दिन स्वयं को उपवास के द्वारा पीड़ित करना। उस दिन कोई भी व्यक्ति चाहे वह देशी हो अथवा तुम्हारे मध्य में निवास करने वाला प्रवासी हो, काम नहीं करेगा;
30
क्योंकि इस दिन तुम्हारे लिए, तुम्हें शुद्ध करने हेतु प्रायश्चित्त किया जाएगा। तुम प्रभु के सम्मुख अपने सब पापों से शुद्ध किए जाओगे।
31
यह तुम्हारे लिए परम विश्राम दिवस है। तुम स्वयं को उपवास के द्वारा पीड़ित करना। यह स्थायी संविधि है।
32
जो पुरोहित, अपने पिता के स्थान पर पुरोहित का कार्य करने के लिए प्रतिष्ठित और अभ्यंजित किया गया है, वह पवित्र सूती पोशाक पहिनकर प्रायश्चित्त करेगा।
33
वह परम पवित्र स्थान, मिलन-शिविर और वेदी के लिए प्रायश्चित्त करेगा। वह पुरोहितों तथा सब लोगों की धर्मसभा के हेतु प्रायश्चित्त करेगा।
34
यह तुम्हारे लिए स्थायी संविधि है कि इस्राएली समाज के सब पापों के कारण उनके लिए वर्ष में एक बार प्रायश्चित्त किया जाए।’ जैसी प्रभु ने मूसा को आज्ञा दी थी, उन्होंने वैसा ही किया।
← Chapter 15
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 17 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27