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Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
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Leviticus 20
Leviticus 20
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
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1
प्रभु मूसा से बोला,
2
‘तू इस्राएली समाज से यह कहना: यदि इस्राएली समाज का कोई व्यक्ति अथवा इस्राएलियों के मध्य में निवास करने वाला कोई प्रवासी अपनी सन्तान मोलेक देवता को देगा, तो उसे मृत्युदण्ड दिया जाएगा। उस देश के लोग उसे पत्थरों से मार डालेंगे।
3
यदि किसी ने मेरे पवित्र-स्थान को अशुद्ध और मेरे पवित्र नाम को अपवित्र करके अपनी सन्तान मोलेक देवता को दी, तो मैं स्वयं ऐसे व्यक्ति से विमुख होऊंगा और उसके लोगों के मध्य से उसे नष्ट करूँगा।
4
यदि देश के लोग उस मनुष्य की, जिसने अपनी सन्तान मोलेक देवता को दी है, देखी-अनदेखी करेंगे और उसे मृत्युदण्ड नहीं देंगे,
5
तो मैं उससे तथा उसके परिवार से विमुख होऊंगा, और उनके लोगों के मध्य से उस व्यक्ति को तथा उन सबको नष्ट कर दूंगा जो उस व्यक्ति की देखा-देखी मोलेक देवता का अनुगमन कर वेश्या सदृश व्यवहार करेंगे, और यों मुझसे विश्वासघात करेंगे।
6
‘यदि कोई व्यक्ति ओझों तथा भूत-प्रेतों को साधने वालों की ओर उन्मुख होगा और उनका अनुगमन कर मेरे प्रति वेश्या सदृश व्यवहार करेगा, तो मैं उस व्यक्ति से विमुख होऊंगा और उसके लोगों के मध्य से उसको नष्ट करूंगा।
7
इसलिए तुम अपने आपको शुद्ध करो; पवित्र बनो, क्योंकि मैं प्रभु, तुम्हारा परमेश्वर पवित्र हूँ।
8
मेरी संविधियों का पालन करो और उनको व्यवहार में लाओ। तुम्हें पवित्र करने वाला मैं, प्रभु हूँ।
9
जो व्यक्ति अपनी माता अथवा पिता को अपशब्द कहेगा, उसे मृत्यु-दण्ड दिया जाएगा। क्योंकि उसने अपनी माता अथवा पिता को अपशब्द कहे थे, अत: उसका रक्त उसी के सिर पर पड़ेगा।
10
‘यदि कोई पुरुष अपने पड़ोसी की स्त्री से व्यभिचार करता है, तो व्यभिचारी तथा व्यभिचारिणी, दोनों को मृत्युदण्ड दिया जाएगा।
11
जो पुरुष अपने पिता की स्त्री के साथ सहवास करता है, वह अपने पिता का अनादर करता है। दोनों को मृत्यु-दण्ड दिया जाएगा। उनका रक्त उनके सिर पर पड़ेगा।
12
यदि कोई पुरुष अपनी बहू के साथ सहवास करेगा, तो दोनों को मृत्यु-दण्ड दिया जाएगा। उन्होंने कौटुम्बिक व्यभिचार किया है, अत: उनका रक्त उन्हीं के सिर पर पड़ेगा।
13
यदि कोई पुरुष स्त्री के साथ सहवास के ढंग पर दूसरे पुरुष के साथ सहवास करेगा, तो दोनों घृणास्पद कार्य करेंगे। दोनों को मृत्यु-दण्ड दिया जाएगा। उनका रक्त उन्हीं के सिर पर पड़ेगा।
14
यदि कोई पुरुष स्त्री और उसकी मां दोनों को रखेगा, तो यह लम्पटता है। तीनों अग्नि में जलाए जाएंगे, जिससे तुम्हारे मध्य में लम्पटता न रहे।
15
यदि कोई पुरुष पशुगमन करेगा, तो उसे मृत्युदण्ड दिया जाएगा। तुम पशु का वध करना।
16
यदि कोई स्त्री पशु के निकट जाकर उससे संभोग करेगी, तो उस स्त्री और पशु का वध करना। दोनों को मृत्यु-दण्ड दिया जाएगा। उनका रक्त उन्हीं के सिर पर पड़ेगा।
17
‘यदि कोई पुरुष अपनी बहिन को, चाहे वह उसके पिता अथवा उसकी माता की पुत्री हो, रखेगा और वह उसकी नग्नता को देखेगा या उसकी बहिन उसकी नग्नता देखेगी तो यह लज्जाजनक बात होगी। वे दोनों अपने लोगों की आंखों के सम्मुख नष्ट किए जाएंगे। उसने अपनी बहिन की नग्नता उघाड़ी है; अत: वह अपने अधर्म का भार स्वयं वहन करेगा।
18
यदि कोई पुरुष ऋतुमति स्त्री के साथ सहवास करेगा और उसकी नग्नता को उघाड़ेगा तो ऐसा पुरुष उसके रक्त-स्रोत को नग्न करता है। और वह स्त्री भी अपने रक्त-स्रोत को उघाड़ती है। अत: दोनों अपने लोगों के मध्य से नष्ट किए जाएंगे।
19
तुम अपनी मौसी अथवा फूफी से संभोग मत करना; क्योंकि ऐसा करना अपनी निकट कुटुम्बिनी का अनादर करना है। वे अपने अधर्म का भार स्वयं वहन करेंगे।
20
यदि कोई पुरुष अपनी चाची के साथ सहवास करेगा तो वह अपने चाचा का अनादर करेगा। अत: वे अपने पाप के भार स्वयं वहन करेंगे। वे निस्सन्तान मरेंगे।
21
यदि कोई पुरुष अपनी भाभी को रखेगा तो यह अशुद्ध सम्बन्ध होगा। उसने अपने भाई का अनादर किया है। वे दोनों निस्सन्तान होंगे।
22
‘अत: तुम मेरी सब संविधियों और न्याय-सिद्धान्तों का पालन करना, और उनको व्यवहार में लाना जिससे वह देश जहां मैं तुम्हें ला रहा हूँ, तुम्हें नहीं निकाल सके।
23
तुम उन जातियों की प्रथाओं पर मत चलना, जिन्हें मैं तुम्हारे सम्मुख से निकाल रहा हूँ। उन्होंने ये सब कार्य किए थे; अतएव मैंने उनसे घृणा की।
24
परन्तु मैंने तुमसे कहा है, “तुम उनके देश पर अधिकार करोगे। मैं उनके देश को तुम्हें दूंगा कि तुम उस पर अधिकार करो। उस देश में दूध और शहद की नदियां बहती हैं।” मैं प्रभु, तुम्हारा परमेश्वर हूँ, जिसने तुम्हें अन्य जातियों से अलग कर पवित्र किया है।
25
इसलिए तुम शुद्ध और अशुद्ध पशु, शुद्ध और अशुद्ध पक्षी में भेद करना। मैंने जिस पशु, पक्षी अथवा भूमि पर रेंगनेवाले जीव-जन्तु को तुम्हारे लिए अशुद्ध निश्चित किया है, उसके द्वारा तुम अपने को घृणास्पद मत बनाना।
26
तुम मेरे लिए पवित्र होगे; क्योंकि मैं प्रभु, पवित्र हूँ। मैंने तुम्हें अन्य जातियों से अलग किया है कि तुम मेरे अपने बनो।
27
‘प्रत्येक स्त्री अथवा पुरुष को जो ओझा या भूत-प्रेत साधने वाला है, मृत्यु-दण्ड दिया जाएगा। उनका पत्थरों से मार कर वध किया जाएगा। उनका रक्त उन्हीं के सिर पर पड़ेगा।’
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