bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Kumaoni
/
kumaoni
/
Revelation 2
Revelation 2
kumaoni
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 3 →
1
उले मैंथैं यो ले क्योछ कि, “इफिसुस शैहरा का विश्वासीन की मण्डली का स्वर्गदूत स यो संदेश लिख: मैं उई छूँ जो अपून दैन हात में सात तारा लीभेरन राख छूँ और मैं उई छूँ जो सुना का सात दीपदानू का बीच में चलछूँ। जो मैं कुछूँ ऊस सुण:
2
मैं जाणछूँ कि तैं कि करछै, तैं कसी मेहनत करछै और कभै हार नै माननै। मैं यो ले जाणछूँ कि तै बुरा लोगून की झूठ्ठी शिक्षान सहन नै करनै। तैंले उन लोगून परख रैछ जो कुंनान कि उन प्रेरित छन लेकिन सच्ची में नाहातिन, और तैंले उनून झूठ्ठो पाछ।
3
तैंले धैर्य ले दुखून सहन करिना को छन किलैकी तैं मैंमें विश्वास करछै, और तैं कभै हार नै माननै।
4
लेकिन मैंस तैंथैं शिकायत छै: अब तैं मैंस ऊसो प्रेम नै करनै जसो प्रेम तै मैंस तब करछ्य जब तैंले पैलि बार मैंमें विश्वास करिना को छ्यो।
5
येक कारण याद कर कि तैले शुरूवाद में मैंस कसो प्रेम करछ्य और अब तै मैंस ऊस प्रेम नै करनै। यो बात ले पश्चाताप कर और तै मैंस ऊसोई त प्रेम करून शुरू कर जसो तैले शुरूवाद में करछ्य। अगर तै पश्चाताप नी करले त मैं त्यारा पास ऊँलो और जाँ तेरो दीपदान राख रैछ ऊस वाँ भटे हटाभेरन तैंस दण्ड द्यूलो।
6
लेकिन एक निकी बात छै जो तै करछै। उ यो छै कि तै नीकुलइयून का द्वारा सिखाई जानवाला बुरा कामून भटे नफरत करछै, ठीक उसीकैं जसकैं मैं नफरत करछूँ।
7
जो कोई यो बात स सुण सकछो जो मैं कुन मरयू, उ यो समझना की कोशिश करो कि, पवित्र आत्मा विश्वासीन की मण्डली थैं कि कुंछो: उन लोग जो शैतानी ताकतून हरूनान, उनून मैं जीवन दीन वाला रूख भटे फल खाना को हुकुम द्यूलो, जो परमेश्वरा का स्वर्गलोक में छै।”
8
स्मुरना शैहरा का विश्वासीन की मण्डली का स्वर्गदूत स यो लिख, मैंई उ छूँ जैले सब चीजून शुरू करिना को छै, और मैंई उ छूँ सब चीजून को अंत करूलो। मैं मर गैछ्यू, लेकिन अब मैं ज्यूनो छूँ और हमेशा ज्यूनो रूलो, जो मैं कुछूँ ऊस सुण।
9
मैं जाणछूँ कि तैंस सताई ग्योछ और तै गरीब छै। लेकिन आत्मिक मामूल में तै भौत धनी छै। मैं उन लोगून का बारिमें जाणछूँ जो दावा करनान कि उन परमेश्वरा का चुनिना का लोग छै मतलब यहूदी, पर उन छन नै। उन त्यारा बारिमें बुरी बात बोलनान, लेकिन सच्ची में उन उ दल का सदस्य छन जो शैताना का छन।
10
उन दुखून भटे जन डर जो तैंस मिलाला। शैतान तुम में भटे थ्वाड़ा लोगून जेलखान में डालून वाला छै ताकि उ तुमेरि परीक्षा कर सको। तुम दस दिनून तक भौत मुसीबतून में रौला। पर मैंमें विश्वास करूनो कभै नी छोड़ला, चाहे तुमून मरनोई क्याखिन नै पड़ो, किलैकी मैं तुमून तुमेरि जीत को ईनामा का रूप में अनन्त जीवन द्यूलो।
11
जो कोई यो बात स सुण सकछो जो मैं कुनमर्यू, उन यो समझना की कोशिश करून कि, पवित्र आत्मा विश्वासीन की मण्डली थैं कि कुंछो: उन लोग जो बुराईस हरा दीनान, उनून उ दण्ड में शामिल नी करि जालो जो कि दुसरी मौत छै।
12
पिरगमुन शैहर की विश्वासीन की मण्डली का स्वर्गदूत स यो लिख: मैंई छूँ जैका पास तेज दोधारी तलवार छै। मैं जो कुछूँ ऊस सुणा:
13
मैं जाणछूँ कि तैं उ जाग में रूँ छै जाँ शैतान राज्य करछो। तैं म्यारा प्रति विश्वासयोग्य बनिनाको रैछ और मैं-में विश्वास करून कभै बंद नै कर्यो। तैंले उ बखत ले विश्वास करछै जब उनूनले अन्तिपास स वाँ मार डालछै जाँ शैतान राज्य करछो। अन्तिपास ले लोगून म्यारा बारिमें विश्वासयोग्यता ले बताछ।
14
लेकिन मैंस त्यारा बारिमें थ्वाड़ा शिकायत छन। किलैकी तैं उन लोगून का विरोध नै करनै जो झूठ्ठी शिक्षा दीनान, जसकैं परमेश्वरो को संदेश दिनवाला बिलाम ले अतीत काल में दीईना की छी। बिलाम ले राजा बालाक स सिखाछ कि इस्राएल का लोगून पाप करून खिन उकसून खिन कि करून चैंछो। उले उनून मूर्तिन चढ़ाईनाको खानो खूँन और व्यभिचार करून।
15
उसीकैं तुमार बीच में थ्वाड़ा लोग छन जो नीकुलइयून का दल की शिक्षान मान्नान।
16
येक कारण अपून पापून है पश्चाताप करा, अगर तैं इसो नी करलै त मैं जल्दी ही ऊँलो और उन जो गलत शिक्षा दीनान उन लोगून का विरूद्ध उ तलवारै स लड़ूलो, जो म्यारा मुँख भटे निकलछी जो म्यारा वचन छन।
17
जो कोई यो बात स सुण सकछो जो मैं कुनमर्यू, उ यो समझना की कोशिश करून कि, पवित्र आत्मा विश्वासीन की मण्डली थैं कि कूछो: उन लोग जो बुराई की शक्ति स हरूनान, मैं उनून उ मन्ना में भटे के द्यूलो जो लुकाईनाको छै। मैं उनूनमें भटे हरेक स एक सफेद ढ़ुगो ले द्यूले, जैमें एक नय्या नाम लिखीनाको होलो। जो आदिमी ऊस प्राप्त करोलो, ऊस छोड़भेरन कोई ले उ नाम स नै जाण सकलो।
18
थुआतीरा शैहर की विश्वासीन की मण्डली स स्वर्गदूत स यो लिख: मैं, परमेश्वरोको च्योलो, तुमूनथैं यो बात कुनमर्यू, जैका आँख आगा की लपटून की नियाती और खुटा पीतल की नियाती चमकून मर्यान जो तेज गर्म आगा में चमकछो। मैं जो कुनमर्यू ऊस सुणा:
19
मैं जाणछूँ की तैं कि करछै, तैं कसकैं मेहनत करछै और कभै हार नै माननै। मैं जाणछूँ की तुम एक दुसरा स प्रेम करछा और तुम मैंमें मजबूती ले भरोस करछा। मैं जाणछूँ कि तुमूनले कसकैं एक दुसरा की मद्दत करछ्य, और तुमेरि सहना की क्षमता ले जाणछूँ। मैं यो ले जाणछूँ कि तुम अब इन निका कामून उ बखत है ज्यादा करून मरेयछा जब तुमूनले मैंमें विश्वास करछ्य।
20
लेकिन मैंस त्यारा बारिमें थ्वाड़ा शिकायत छन। तुम उ स्यैनि इजेबेल स झूठ्ठी शिक्षा फैलून दीछा। उ कुछी कि उ एक भविष्यद्वक्तिन छै, लेकिन अपूनी शिक्षान ले उ म्यारा लोगून व्यभिचार का पापून में शामिल हुन खिन और मूर्तिन चढ़ाई जानवालो खानो खानखिन भरमूनान।
21
मैंले ऊस उक पापून है पश्चाताप करनाको मौक दीछ, लेकिन उ-उन बुरा कामून करून है बंद करून है इन्कार करछी।
22
येक कारण सुण, मैं ऊस रोगी कर द्यूलो। और जो उक दगाड़ व्यभिचार करनान, मैं उनार भयानक कष्ट सहना को कारण बनलो, जब तक कि उन उक दगाड़ जो बुरा काम करनान, उहै पश्चाताप करून है तैय्यार नै हो जूँन।
23
मैं उन लोगून मार डाललो जो उनेरि शिक्षान मान्नान, और पुरी विश्वासीन की मण्डली जाण जालि कि मैंई छूँ जो हरेक आदिमी का मनाका विचारून और मक्सदून की परख करछूँ। मैं तुमूनमें भटे हरेक स उक कामून का अनुसार फल द्यूलो।
24
लेकिन थुआतीरा शैहर की विश्वासीन की मण्डली में तुम बाकि लोगून ले उ झूठ्ठी शिक्षा स नै मानियो। तुमूनले उमें हिस्सा नै लियो जैस शैतान की गहरी बात कुंनान। मैं तुमूनथैं कुंछो कि मैं तुमूनमें कोई ले खास हुकुम नी थोपूलो, सिवा येक कि जब तक मैं नै ऊँ तब तक मैंमें मजबूती ले विश्वास करनै रौ।
26
उन लोग जो बुराई की शक्ति स हरा दीनान और संसारा का अन्त तक मेरो हुकूमो को पालन करनै रूनान, त मैं उनून देशून में राज्य करना को अधिकार द्यूलो।
27
मैं उनूनले राज्य करना को उई अधिकार द्यूलो जसो म्यारा पिता ले मैंस दी रैछ। उनोरो राज्य लूवा का नियाती मजबूत होलो जो टूटनो नै, और उनार शत्रु टूटिना का माटाका भाणान की नियाती होला।
28
मैं ऊस अपूनी जीत स दिखून खिन रात्तै को तारो ले द्यूलो।
29
जो कोई यो बात स सुण सकछो जो मैं कुनमर्यू, उ यो समझना की कोशिश करो, जो पवित्र आत्मा विश्वासीन की मण्डली थैं कि कुंछो।
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 3 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22