bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
Awadhi
/
1 Chronicles 21
1 Chronicles 21
Awadhi
← Chapter 20
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 22 →
1
सइतान इस्राएल क लोगन क खिलाफ रहा। उ दाऊद क इस्राएल क लोगन क गनइ क प्रोत्साहन दिहस।
2
एह बरे दाऊद योआब अउर लोगन क प्रमुखन स कहेस, “जा अउर इस्राएल क सबहिं लोगन क गणना करा। बर्सेबा नगर स लइके लगातार दान नगर तलक देस क हर मनई क गना। तब मोका बतान, एहसे मइँ जान सकब कि हिआँ केतेन लोग अहइँ।”
3
एह बरे योआब जवाब दिहेस, “यहोवा अपने लोगन क सौ गुना बिसाल बनावइ! महामाहिम, इस्राएल क सबहिं लोगन तोहार सेवक अहइँ। मोरे सुआमी, अउर राजा, आप इ कार्य काहे करइ चाहत हीं? आप इस्राएल क सबहिं लोगन क पाप करइ क अपराधी बनइहीं।”
4
मुला राजा दाऊद हठ धरे रहा। योआब क उ करइ पड़ा जउन राजा कहेस। एह बरे योआब गवा अउर पूरे इस्राएल देस मँ गणना करत घूमत रहा। तब योआब यरूसलेम लउटा
5
अउर दाऊद क बताएस कि केतने मनई रहेन। इस्राएल मँ गियारह लाख मनई रहेन अउर तरवार क उपयोग कइ सकत रहेन अउर तरवार क उपयोग करइवाले चार लाख सत्तर हजार मनई यहूदा मँ रहेन।
6
योआब लेवि अउर बिन्यामीन क परिवार समूह क गणना नाहीं किहेस। योआब ओन परिवार समूहन क गणना नाहीं किहेस काहेकि उ राजा दाऊद क आदेसन क पसन्द नाहीं करत रहा।
7
इ हुकुम देइ के, परमेस्सर क दृस्टि मँ दाऊद एक बुरा काम किहे रहा, एह बरे परमेस्सर इस्राएल क दण्ड दिहस।
8
तब दाऊद परमेस्सर स कहेस, “मइँ एक बहोत बेववूफी क काम किहेउँ ह। मइँ इस्राएल क लोगन क गणना कइके भयंकर पाप किहेउँ ह। अब, मइँ पराथना करत हउँ कि तू इ सेवक क पापन क छिमा कइ द्या।”
9
गाद दाऊद क दर्सी रहा। यहोवा गाद स कहेस, “जा अउर दाऊद क कहा: ‘यहोवा जउन कहत ह उ इ अहइ: मइँ तोहका तीन विकल्प देत हउँ। तोहका ओहमाँ स एक चुनब अहइ अउर तब मइँ तोहका उ तरह दण्डित करब जेका तू चुने लेब्या।’”
11
तब गाद दाऊद क लगे गवा। गाद दाऊद स कहेस, “यहोवा कहत ह, ‘दाऊद, तू जउन दण्ड चाहत अहा ओका चुना: पर्याप्त अन्न क बगैर तीन बरिस, या तोहार पाछा करइवाले तरवार क उपयोग करत भए दुस्मनन स तीन महीने तलक भागब, या परमेस्सर स तीन दिना क दण्ड। पूरे देस मँ भयंकर महामारी फइली अउर यहोवा क दूत लोगन क नस्ट करत भवा पूरे देस मँ आइ।’ परमेस्सर मोका पठएस ह। अब, तोहका निर्णय करब अहइ कि ओका कउन सा जवाब देउँ।”
13
दाऊद गाद स कहेस, “मइँ विपत्ति मँ हुउँ। मइँ नाहीं चाहत कि कउनो मनई मोरे दण्ड क निहचइ करइ। यहोवा बहोत दयालु अहइ, एह बरे यहोवा क ही निर्णय करइ द्या कि मोका कइसे दण्ड देइ।”
14
एह बरे यहोवा इस्राएल मँ भयंकर महामारी पठएस अउर सत्तर हजार लोग मर गएन।
15
परमेस्सर एक सरगदूत क यरूसलेम क नस्ट करइ क पठएस। किन्तु जब सरगदूत यरूसलेम क नस्ट करब सुरू किहस तउ यहोवा लखेस अउ ओका दुःख भवा। एह बरे यहोवा यरूसलेम क नस्ट न करइ क निर्णय किहस। यहोवा उ सरगदूत स, जउन नस्ट करत रहा कहेस, “रूक जा, इहइ पर्याप्त अहइ।” यहोवा क सरगदूत उ समइ यबूसी ओर्नान क खरिहान क लगे खड़ा रहा।
16
दाऊद नज़र उठाएस अउर यहोवा क दूत क अकासे मँ लखेस। सरगदूत यरूसलेम पइ आपन तरवार हींच रखे रहा। तब दाऊद अउर प्रमुखन अपने मूँड़ क धरती पइ टेक के प्रणाम किहन। दाऊद अउ प्रमुखन अपने सोक बरे टाट पहिरे रहे।
17
दाऊद अपने परमेस्सर स कहेस, “मइँ लोगन क गणना करइ क आदेस दिहे रहेउँ। मइँ हुउँ जुन इ बहोत बुरा काम किहेउँ। इस्राएल क लोगन कछू भी गलत नाहीं किहन। यहोवा मोरे परमेस्सर, मोका अउर मोरे परिवार क दण्ड द्या किन्तु उ भयंकर महामारी क रोक द्या जउन तोहार आपन लोगन क मारत अहइ।”
18
तब यहोवा क दूत गाद स बात किहस। उ कहेस, “दाऊद स कहा कि उ यहोवा क उपासना बरे एक ठु वेदी बनाएस। दाऊद क एका यबूसी ओर्नान क खरिहान क लगे बनावइ चाही।”
19
गाद इ सबइ बातन दाऊद क बताएस अउर दाऊद ओर्नान क खरिहान क लगे गवा।
20
ओर्नान गोहुँ दाँवत रहा। ओर्नान मुड़ा अउर उ सरगदूत क लखेस। ओर्नान क चारिहुँ पूत छुपइ बरे पराइ गएन।
21
दाऊद ओर्नान क लगे पहोंचा। ओर्नान ओका लखेस अउर उ खरिहान क छोड़ि दिहस। उ दाऊद तलक पहोंचा अउर ओकरे समन्वा आपन माथा भुईयाँ पइ टेकिके प्रणाम किहेस।
22
दाऊद ओर्नान स कहेस, “तू आपन खारिहान मोका बेच द्या। मइँ तोहका पूरी कीमत देबउँ। तब मइँ यहोवा क उपासना बरे एक वेदी बनावइ बरे एकर उपयोग कइ सकत हुउँ। तब लोगन प स भयंकर महामारी रूक जाई।”
23
ओर्नान दाऊद स कहेस, “इ खारिहाने क लइ ल्या। तू मोरे सुआमी अउर राजा अहइँ। उहइ करा जउन आप उपयुक्त समुझत हीं। लखा, मइँ भी होमबलि बरे जनावरन देब। मइँ आप क काहे क तख्तन देब जेका आप वेदी पइ आगी बरे बार सकत हीं अउर मइँ अन्नबलि बरे गोहूँ देब। मइँ इ सबइ आप क देब।”
24
किन्तु राजा दाऊद ओर्नान क जवाब दिहस, “नाहीं, मइँ तोहका पूरी कीमत देब। मइँ कउनो तोहार उ चीज नाहीं लेब जेका मइँ यहोवा क देब। मइँ उ कउनो भेंट नाहीं चढ़ाउब जेकर मोका कउनो मूल्य न देइ पड़इ।”
25
एह बरे दाऊद उ जगह क बरे ओर्नान क पन्द्रह पौण्ड सोना दिहस।
26
दाऊद हुँवा यहोवा क उपासना बरे एक वेदी बनाएस। दाऊद होमबलि अउर मेलबलि चढ़ाएस। दाऊद यहोवा स पराथना किहस। यहोवा सरग स आगी पठइके दाऊद क जवाब दिहस। आगी होमबलि क वेदी पइ उतरी।
27
तब यहोवा सरगदूत क आदेस दिहस कि उ अपनी तरवार क वापस म्यान मँ धइ लेइ।
28
दाऊद लखेस कि यहोवा ओका ओर्नान क खरिहान पइ उत्तर दइ दिहस ह, एह बरे यहोवा क बलि भेंट किहस।
29
(पवित्तर तम्बू अउ होमबलि क वेदी ऊँच जगह पइ गिबोन नगर मँ रही। मूसा पवित्तर तम्बू क तब बनाए रहा जब इस्राएल क लोग रेगिस्ताने मँ रहेन।
30
दाऊद पवित्तर तम्बू मँ परमेस्सर स बातन करइ नाहीं जाइ सकत रहा, काहेकि उ भयभीत रहा। दाऊद यहोवा क दूत अउ ओकरी तरवार स भयभीत रहा।)
← Chapter 20
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 22 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29