bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
Awadhi
/
1 Chronicles 28
1 Chronicles 28
Awadhi
← Chapter 27
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 29 →
1
दाऊद इस्राएल क सबहिं प्रमुखन क एकट्ठा किहस। उ सबइ प्रमुखन क यरूसलेम आवइ क हुकुम दिहस। दाऊद परिवार समूहन क हरेक प्रमुखन, राजा क सेवा करइवाली सेना क टुक्रड़िन क सेनापतियन, सेनाध्यच्छन अउर अधिकारीयन जउन राजा अउ ओनके पूतन क जनावरन अउ सम्पत्ति क देखरेख करत रहेन, राजा क महत्त्वपूर्ण अधिकारियन, सक्तीसाली बीरन अउर सबहिं बीर जोधन क बोलाएस।
2
राजा दाऊद खड़ा भवा अउर कहेस, “मोर भाइयो अउर मोरे लोगो, मोरे बात सुना। मइँ अपने हिरदइ स यहोवा क करार क सन्दूख क रखइ बरे एक जगह बनावइ चाहत हउँ। मइँ एक अइसी जगह बनावइ चाहत हउँ जउन परमेस्सर क पद पीठ बन सकइ अउर मइँ परमेस्सर बरे एक ठू मन्दिर बनावाइ क जोजना बनाएउँ।
3
मुला परमेस्सर मोहसे कहेस, ‘नाहीं दाऊद, तोहका मोरे नाउँ बरे मन्दिर नाहीं बनावइ चाही। तोहका इ नाहीं करइ चाही काहेकि तू एक जोधा अहा अउर तू बहोत स मनइयन क मार्या ह।’
4
“यहोवा इस्राएल क परमेस्सर इस्राएल क परिवार समूहन क अगुवाई करइ क बरे यहूदा क परिवार समूह क चुनेस। तब उ परिवार समूहस मँ स, यहोवा मोरे पिता क परिवार क चुनेस अउर उ परिवार स परमेस्सर मोका सदा बरे इस्राएल क राज चुनेस। परमेस्सर मोका इस्राएल क राजा बनावइ चाहत रहा।
5
यहोवा मोका बहोत स पूत दिहेस ह अउर ओन सारे पूतन मँ स, सुलैमान क यहोवा इस्राएल क नवा राजा चुनेस। परन्तु इस्राएल फुरइ यहोवा क राज्ज अहइ।
6
यहोवा मोहसे कहेस, ‘दाऊद, तोहार पूत सुलैमान मोर मन्दिर अउर एकरे चारिहुँ कइँती क पहँटा बनाई, काहेकि मइँ सुलैमान क आपन पूत चुनेउँ ह अउर मइँ ओकर बाप रहब।
7
जदि सुलैमान मोर विधियन अउर नेमन पालन करत रहत ह जइसा कि आज करत ह। तउ मइँ ओकर राज्ज क सदा क बरे सक्तीसाली बनाइ देबउँ।’”
8
दाऊद कहेस, “अब, सबहिं इस्राएलियन अउ परमेस्सर क समन्वा मइँ तोहसे इ सबइ बातन कहत हउँ: यहोवा अपने परमेस्सर क सबहिं आदेसन क मानइ मँ सावधान रहा। तब तू इ अच्छे देस क अपने लगे रख सकत ह अउर तू सदा क बरे एका अपने सन्तानन क दइ सकत ह।
9
“अउर मोरे पूत सुलैमान, तू, अपने बाप क परमेस्सर क जानत अहा। समूचइ हिरदइ अउ इच्छा स परमेस्सर क सेवा करा। काहेकि यहोवा परखत ह कि हर एक क हिरदइ मँ का बाटइ। हर बात जउन सोचत ह यहोवा जानत ह। जदि तू यहोवा क लगे मदद क बरे जाब्या, तउ तोहका उ मिली। किन्तु जदि ओका तजत ह, तउ उ तोहका सदा क बरे तजि देइ।
10
सुलैमान, तोहका इ समुझइ चाही कि यहोवा तोहका आपन पवित्तर मन्दिर बनावइ बरे चुनेस ह। सक्तीसाली बना अउर काम क पूरा करा।”
11
तब दाऊद अपने पूत सुलैमान क मन्दिर बनावइ बरे जोजनन दिहस। उ सबइ जोजनन मन्दिर क चारिहुँ कइँती ओसारा, अउर एकर भवन, एकर भंडार-कच्छ, एकरे ऊपरी कच्छ, एकरे भीतरी कच्छ अउ दयापीठ क जगह बरे रही।
12
दाऊद मन्दिर क सबहिं हींसक क बरे जोजनन बनाए रहा। दाऊद ओन जोजनन क सुलैमान क दिहस। दाऊद यहोवा क मन्दिर क चारिहुँ ओर क आँगन अउर एकरे चारहिँ कइँती क कच्छन जोजनन दिहस। दाऊद मन्दिर क भंडारकच्छन अउर ओन भण्डारकच्छन क जोजना दिहस जहाँ उ पचे ओन पवित्तर चिजियन क धरत रहेन जउन मन्दिर मँ काम आवत रहिन।
13
दाऊद सुलैमान क याजकन अउर लेवीबंसियन क समूहन क बारे मँ बताएस। दाऊद सुलैमान क यहोवा क मन्दिर मँ सेवा करइ क काम क बारे मँ अउर मन्दिर मँ काम आवइवाली चिजियन क बारे मँ बताएस।
14
दाऊद सुलैमान क बताएस कि मन्दिर मँ काम आवइवाली चिजियन क बनावइ मँ केतना सोना अउ चाँदी लागइ चाही।
15
सोना क दीपकन अउ दीपाधारन क जोजनन रहिन अउर चाँदी क दीपकन अउर दीपाधारन क जोजनन रहिन। दाऊद बताएस कि हर एक दीपधार अउ ओकरे दीपक बरे केतना सोना या चाँदी क उपयोग कीन्ह जाइ। बिभिन्न दीपधार, जहाँ जरूरत रही, उपयोग मँ आवइवाले रहेन।
16
दाऊद बताएस कि पवित्तर रोटी क बरे काम मँ आवइवाली हर एक मेज क बरे केतना सोना काम मँ आइ। दाऊद बताएस कि चाँदी क मेजन बरे केतनी चाँदी काम मँ आई।
17
दाऊद बताएस कि केतना सुद्ध सोना, काँटन, छिछकारइ क चिलमची अउर कलसा बनाइ मँ लागी। दाऊद बताएस कि हर एक तस्तरी मँ केतनी चाँदी लागी।
18
दाऊद बताएस कि सुगन्धि क वेदी बरे केतना सुद्ध सोना लागी। दाऊद सुलैमान क परमेस्सर क रथ, यहोवा क करार क सन्दूख क ऊपर अपने पखनन क फइलास सोना क करूब सरगदूत क संग दयापीठ क जोजना भी दिहेस।
19
दाऊद कहेस, “इ सबइ जोजना यहोवा स मिले निर्देसन क अनुसार लिखा ग रहेन अहइँ। यहोवा जोजना क हर एक भाग समुझइ मँ मोका मदद दिहस।”
20
दाऊद अपने पूत सुलैमान स इ भी कहेस, “दृढ़ अउर बीर बना अउर इ काम क पूरा करा। डेराअ जिन, काहेकि यहोवा, मोर परमेस्सर तोहरे संग अहइ। उ तोहार मदद तब तलक करी जब तलक तोहार इ काम पूरा नाहीं होइ जात। उ तोहका छोड़ी नाहीं। तू यहोवा क मन्दिर बनाउब्या।
21
परमेस्सर क मन्दिर क सबहिँ काम करइ बरे याजकन अउ लेवीबंसियन क समूह तइयार अहइँ। सबहिं काम न मँ तोहका मदद देइ बरे कुसल कारीगर तइयार अहइँ जउन भी तू आदेस देब्या ओकर पालन अधिकारी अउर सबहिं लोग करिहीं।”
← Chapter 27
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 29 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29