bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Hindi
/
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
/
1 Chronicles 5
1 Chronicles 5
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
← Chapter 4
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 6 →
1
ये इस्राएल के ज्येष्ठ पुत्र रूबेन के वंशज थे। (यद्यपि रूबेन ज्येष्ठ पुत्र था; किन्तु उसने पिता की पत्नी से बलात्कार किया था, इसलिए उसके ज्येष्ठ पुत्र होने का जन्म-सिद्ध अधिकार उसके छोटे भाई यूसुफ के पुत्रों को दे दिया गया था। इस कारण रूबेन के नाम का उल्लेख वंशावली में जन्म के क्रमानुसार नहीं किया गया है।
2
यह भी सच है कि यहूदा अपने भाइयों में शक्तिशाली हो गया था और उसके ही वंश से अगुवा हुआ था, तो भी ज्येष्ठ पुत्र के जन्म-सिद्ध अधिकार पर यूसुफ का ही अधिकार था।)
3
ये इस्राएल के ज्येष्ठ पुत्र रूबेन के पुत्र थे: हानोख, पल्लू, हेस्रोन और कर्मी।
4
योएल का पुत्र शमअयाह था, और शमअयाह का पुत्र गोग। गोग का पुत्र शिमई था,
5
और शिमई का पुत्र मीकाह। मीकाह का पुत्र रआयाह था, और रआयाह का पुत्र बअल।
6
बअल का पुत्र बएराह था। बेबीलोन का राजा तिग्लत-पलेसेर बएराह को बन्दी बनाकर अपने देश ले गया था। बएराह रूबेन के वंशजों का नेता था।
7
जब उसके भाइयों की वंशावली, उनके गोत्र के क्रम के अनुसार लिखी गई, तब उनके वंशज क्रमश: इस प्रकार हुए: यईएल जो नेता था; जकरयाह
8
और बेलअ। यहअजाज का पुत्र, शेमअ का पौत्र और योएल का प्रपौत्र था, जो अरोएर में निवास करता था। उसका निवास-क्षेत्र नबो और बअल-मओन तक था।
9
उसने पूर्व दिशा में मरुस्थल के प्रवेश-द्वार तक फरात नदी की इस ओर भी निवास किया था; क्योंकि गिलआद प्रदेश में उनके पशुओं की संख्या बहुत बढ़ गई थी।
10
रूबेन के वंशजों ने शाऊल के राज्य-काल में हगारई जाति से युद्ध किया था, और उसको पराजित किया था। तत्पश्चात् वे गिलआद प्रदेश के पूर्व में उनके निवास-स्थानों में बस गए थे।
11
गाद के वंशज रूबेनियों के पास, बाशान देश में रहते थे। वे सलकाह तक बसे हुए थे।
12
ये गाद के वंशज थे: योएल ज्येष्ठ था। शापाम दूसरे स्थान पर था। इनके अतिरिक्त यअनई और शापाट थे। ये सब बाशान देश में रहते थे।
13
उनके भाई पितृकुल के अनुसार ये थे: मीखाएल, मशुल्लाम, शेबअ, योरइ, यअकान, जीअ और एबर थे। ये कुल सात थे।
14
ये अबीहइल के पुत्र थे, जो हूरी का पुत्र, यारोह का पौत्र था। यारोह गिलआद का पुत्र और मीखाएल का पौत्र था। मीखाएल यशीशई का पुत्र, यहदो का पौत्र और बूज़ का प्रपौत्र था।
15
इनके पितृकुल का प्रमुख व्यक्ति अबद्दीएल का पुत्र, गूनी का पौत्र अही था।
16
ये पितृकुल गिलआद में बाशान और उसके नगरों में तथा शारोन के चरागाहों में उनकी सीमाओं तक निवास करते थे।
17
यहूदा प्रदेश के राजा योताम और इस्राएल प्रदेश के राजा यरोबआम के राज्य कालों में इन पितृकुलों के नाम इनकी वंशावली के अनुसार लिखे गए थे।
18
रूबेन के वंश, गाद के वंश, और मनश्शे के आधे गोत्र में शूरवीर सैनिक थे। ये योद्धा ढाल उठा सकते थे, तलवार चला सकते थे और धनुष से तीर का निशाना लगा सकते थे। ये युद्ध में कुशल थे। ये कुल चौवालीस हजार सात सौ साठ थे। ये सदा युद्ध सेवा के लिए तैयार रहते थे।
19
इन्होंने एक बार हगारई, यटूर, नापीस और नोदाब जातियों पर आक्रमण किया।
20
परन्तु हगारई आदि सेनाओं को इस्राएली सैनिकों के विरुद्ध सहायता प्राप्त हुई। तब इस्राएली सैनिकों ने परमेश्वर से प्रार्थना की। परमेश्वर ने उनकी विनती को सुना; क्योंकि उन्होंने परमेश्वर पर भरोसा किया था। अत: उसने हगारई सेना तथा उसके पक्ष की अन्य जातियों की सेनाओं को जो उसके साथ थीं, इस्राएलियों के हाथ में सौंप दिया।
21
इस्राएलियों ने उनके पशु छीन लिये: पचास हजार ऊंट, अढ़ाई लाख भेड़-बकरी और दो हजार गधे। इस्राएलियों ने शत्रु सेना के एक लाख सैनिकों को बन्दी बना लिया।
22
इस युद्ध में बहुत नरसंहार हुआ; क्योंकि यह युद्ध परमेश्वर की ओर से हुआ था। तत्पश्चात् रूबेन के वंशज, गाद के वंशज और मनश्शे के आधे गोत्र के लोग उनके स्थान पर ‘निष्कासन’ के समय तक उनके निवास-स्थानों में निवास करते रहे।
23
मनश्शे गोत्र के शेष आधे लोग यर्दन नदी के पूर्व में बसे हुए थे। उनकी जनसंख्या बहुत थी। वे बाशान से बअल-हेर्मोन, सनीर और हेर्मोन पर्वत तक बसे हुए थे।
24
उनके पितृकुल के क्रमानुसार ये व्यक्ति उनके मुखिया थे: येपेर, यिशई, एलीएल, अजरीएल, यिर्मयाह, होदवयाह और यहद्दीएल थे। ये महायोद्धा थे। ये विख्यात सैनिक थे और अपने-अपने पितृकुल के मुखिया थे।
25
किन्तु उन्होंने अपने पूर्वजों के परमेश्वर के विरुद्ध अपराध किया। जिन जातियों को परमेश्वर ने उनके सम्मुख नष्ट कर दिया था उन्हीं के देवताओं का अनुसरण उन्होंने किया और यों उन्होंने वेश्या के सदृश्य व्यवहार किया।
26
अत: परमेश्वर ने असीरिया देश के राजाओं पूल और तिग्लत-पलेसेर को उनके विरुद्ध उभाड़ा। वे रूबेन तथा गाद के वंशजों को और मनश्शे के आधे गोत्र के लोगों को बन्दी बनाकर ले गए। वे उनको हलह, हाबोर तथा हारा नगर में और गोजान नदी के तट पर ले गए, जहां वे आज भी निवास करते हैं।
← Chapter 4
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 6 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29