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Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
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Deuteronomy 7
Deuteronomy 7
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
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1
‘जब तेरा प्रभु परमेश्वर तुझको उस देश में पहुंचा देगा, जिस पर अधिकार करने के लिए तू वहाँ जा रहा है, तब वह अनेक राष्ट्रों को भगा देगा। वह तुझसे अधिक महान और शक्तिशाली सात जातियों को-हित्ती, गिर्गाशी, एमोरी, कनानी, परिज्जी, हिव्वी और यबूसी को, तेरे सम्मुख से निकाल देगा।
2
जब तेरा प्रभु परमेश्वर उनको तेरे हाथ में सौंप देगा, और तू उन्हें पराजित करेगा, तब तू उन्हें निषिद्ध समझकर पूर्णत: नष्ट कर देना। उनके साथ सन्धि मत करना और न उन पर दया करना।
3
तू उनसे विवाह-सम्बन्ध स्थापित नहीं करना: न उनके पुत्र के लिए अपनी पुत्री देना, और न अपने पुत्र के लिए उनकी पुत्री लेना;
4
क्योंकि उनकी पुत्रियाँ तेरे पुत्रों को प्रभु का अनुसरण करने से विमुख कर देंगी, और उनसे दूसरे देवताओं की पूजा करवाएंगी। तब तेरे प्रति प्रभु का क्रोध भड़क उठेगा, और वह तुझे अविलम्ब नष्ट कर देगा।
5
तू उनके साथ ऐसा व्यवहार करना: उनकी वेदियों को तोड़ डालना। उनके स्तम्भों को गिरा देना। उनके अशेरा देवी के खम्भों को काटकर गिरा देना। उनकी मूर्तियों को आग में जला देना;
6
क्योंकि तू अपने प्रभु परमेश्वर की पवित्र प्रजा है। तेरे प्रभु परमेश्वर ने तुझको अपनी प्रजा, अपनी निज सम्पत्ति बनाने के लिए पृथ्वी की समस्त जातियों में से तुझको चुना है।
7
‘यदि प्रभु ने तेरी कामना की, और तुझे चुना तो इसका कारण यह नहीं है कि तू अन्य जातियों की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली था। तू तो अन्य जातियों में अत्यन्त दुर्बल था।
8
नहीं, प्रभु तुझसे प्रेम करता है, इस कारण उसने तुझे चुना है। वह अपनी उस शपथ का पालन कर रहा है, जो उसने तेरे पूर्वजों से खायी थी। इसलिए प्रभु ने अपने भुजबल के द्वारा तुझे मिस्र देश से बाहर निकाला था। उसने तुझे दासत्व के घर से, मिस्र देश के राजा फरओ के हाथ से मुक्त किया था।
9
अत: तू जान ले कि तेरा प्रभु परमेश्वर ही परमेश्वर है। वह विश्वस्त परमेश्वर है। वह विधान का पालन करने वाला है। जो लोग उससे प्रेम करते हैं और उसकी आज्ञाओं का पालन करते हैं, उन पर वह हजार पीढ़ियों तक करुणा करता है।
10
किन्तु जो लोग उससे घृणा करते हैं, उन्हीं से वह प्रतिशोध लेता है और उनको नष्ट कर देता है। जो व्यक्ति उससे घृणा करता है, उसी व्यक्ति से प्रतिशोध लेने में वह विलम्ब नहीं करेगा।
11
इसलिए ओ इस्राएल, तू प्रभु की समस्त आज्ञाओं, संविधियों और आदेशों का पालन करना, जिनको व्यवहार में लाने की आज्ञा मैं आज तुझे दे रहा हूँ।
12
‘यदि तू इन आदेशों को सुनेगा, उनका पालन करेगा और उनको व्यवहार में लाएगा, तो तेरा प्रभु परमेश्वर तेरे प्रति अपने विधान का पालन करेगा, और तुझ पर करुणा करता रहेगा; जिसकी शपथ उसने तेरे पूर्वजों से खाई थी।
13
वह तुझसे प्रेम करेगा, तुझे आशिष देगा, और तुझको शक्तिशाली बनाएगा। जिस देश को देने की शपथ उसने तेरे पूर्वजों से खाई है, उस देश में वह तेरी देह के फल पर, तेरी भूमि की उपज पर, तेरे अन्न पर, तेरे अंगूर के रस पर और तेरे तेल पर आशिष देगा। वह तेरे पालतू पशुओं और भेड़-बकरियों के बच्चों को बढ़ाएगा।
14
दूसरी जातियों से अधिक तुझे आशिष प्राप्त होगी। तेरा कोई पुरुष या स्त्री अथवा पालतू पशु निस्सन्तान नहीं होगा।
15
प्रभु तेरे मध्य से समस्त रोग दूर करेगा। वह मिस्र देश की सब बुरी महामारियाँ, जिनको तू जानता है, तुझ पर नहीं डालेगा; वरन् वह उन्हें तुझसे बैर करने वाली जातियों पर डालेगा।
16
ओ इस्राएल, तू समस्त जातियों को, जिन्हें तेरा प्रभु परमेश्वर तुझे दे रहा है, पूर्णत: समाप्त कर देना, उन पर दया-दृष्टि मत करना, और न उनके देवताओं की पूजा करना, क्योंकि तेरा यह कार्य तेरे लिए जाल बन जाएगा!
17
‘यदि तू अपने हृदय में कहेगा, “ये राष्ट्र मुझसे अधिक शक्तिशाली हैं। मैं इन्हें किस प्रकार निकाल सकूंगा?”
18
तो तू उनसे मत डरना। तू केवल यह स्मरण रखना कि तेरे प्रभु परमेश्वर ने फरओ और समस्त मिस्र देश से कैसा व्यवहार किया था:
19
बड़ी-बड़ी परीक्षाएं, जिनको तूने अपनी आंखों से देखा, चिह्न, आश्चर्यपूर्ण कार्य, भुजबल और उद्धार के हेतु बढ़ाए हुए हाथ, जिनके द्वारा तेरा प्रभु परमेश्वर तुझे बाहर निकाल लाया था। तेरा प्रभु परमेश्वर इन जातियों से जिनसे तू डरता है, ऐसा ही व्यवहार करेगा।
20
इसके अतिरिक्त तेरा प्रभु परमेश्वर उन पर बर्रे भेजेगा, जिससे बचे हुए और तेरे सम्मुख से भागकर छिपे हुए लोग भी नष्ट हो जाएं।
21
‘तू उनसे भयभीत मत होना; क्योंकि तेरा प्रभु परमेश्वर, महान और आतंकमय परमेश्वर, तेरे मध्य उपस्थित है।
22
तेरा प्रभु परमेश्वर इन जातियों को तेरे सम्मुख से थोड़ा-थोड़ा करके निकाल देगा। तू उनका अविलम्ब विनाश मत करना, ऐसा न हो कि वन-पशु बढ़कर तेरी हानि करें।
23
तेरा प्रभु परमेश्वर इन जातियों को तुझे सौंप देगा, और उन्हें अत्यन्त भयभीत करेगा, जब तक वे नष्ट न हो जाएं।
24
वह उनके राजाओं को तेरे हाथ में सौंप देगा, और तू उनका नाम आकाश के नीचे से मिटा डालेगा। जब तक तू उनको नष्ट नहीं कर देगा तब तक कोई भी मनुष्य तेरे सम्मुख नहीं खड़ा हो सकेगा।
25
‘तू उनके देवताओं की मूर्तियाँ आग में जला डालना। मूर्तियों पर मढ़े हुए सोना-चांदी का लालच मत करना, और न उसको लेना। ऐसा न हो कि तू मूर्तियों के फन्दे में फंस जाए, क्योंकि यह तेरे प्रभु परमेश्वर के लिए घृणित बात है।
26
तू अपने घर में कोई भी घृणित मूर्ति नहीं लाएगा, अन्यथा तू भी उसके समान निषिद्ध बनेगा। तू उसको पूर्णत: अशुद्ध और घृणित वस्तु समझना; क्योंकि वह निषिद्ध वस्तु है।
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